साइकेट्रिस्ट ने 5वीं मंजिल से कूदकर दी जान, परिवार का दावा- तलाक के बाद मानसिक तनाव में थी

साइकेट्रिस्ट डॉ. हिमिका अग्रवाल ( स्रोत- सोशल मीडिया)
डॉ हिमिका अग्रवाल जो पेशे से एक साइकेट्रिस्ट हैं उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिवार का कहना है कि वह तलाक के बाद से गहरे अवसाद में थीं. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. पीटी राजनगर एक्सटेंशन स्थित ऑफिसर्स सिटी-2 सोसाइटी में रहने वाली मनोचिकित्सक (साइकेट्रिस्ट) डॉ हिमिका अग्रवाल ( 40 ) ने पांचवीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर ली हैं. पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है. घटना के बाद सोसाइटी में हड़कंप मच गया और आसपास के लोग मौके पर जुट गए.
परिजनों का कहना है कि करीब डेढ़ साल पहले हुए तलाक के बाद डॉ हिमिका गहरे मानसिक तनाव और अवसाद से जूझ रही थीं. उनके पिता डॉ आर चंद्र अग्रवाल, जो स्वयं गाजियाबाद के जाने-माने मनोचिकित्सक हैं, उन्होंने बताया कि वैवाहिक जीवन टूटने के बाद उनकी बेटी भावनात्मक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी. परिवार लगातार उनका साथ दे रहा था, लेकिन वह इस सदमे से पूरी तरह उबर नहीं सकीं.
अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नहीं बच सकीं
इस घटना के तुरंत बाद सोसाइटी के लोगों और परिजनों ने डॉ हिमिका को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया. हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. सूचना मिलते ही नंदग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.
पुलिस जांच जारी, सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत की परिस्थितियों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा.
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By सत्येन्द्र गिरि
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