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कृषि कानूनों के विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों की मौत पर किसानों ने जुलूस निकाल कर दी श्रद्धांजलि

Updated at : 20 Dec 2020 4:23 PM (IST)
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कृषि कानूनों के विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों की मौत पर किसानों ने जुलूस निकाल कर दी श्रद्धांजलि

Farmers took out a procession on the death of protesters during protest against agricultural laws : नयी दिल्ली : नये कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान किसानों की हुई मौत पर रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित बुरारी के निरंकारी मैदान में श्रद्धांजलि दी गयी. साथ ही किसानों द्वारा जुलूस भी निकाला गया.

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नयी दिल्ली : नये कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान किसानों की हुई मौत पर रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित बुरारी के निरंकारी मैदान में श्रद्धांजलि दी गयी. साथ ही किसानों द्वारा जुलूस भी निकाला गया.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के बुरारी के संत निरंकारी समागम मैदान में किसानों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही उन किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जुलूस निकाला गया, जिन्होंने किसान आंदोलन के दौरान अपनी जान गंवाई थी. एक किसान का कहना है, ”देश भर के किसान उन शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, जो इस आंदोलन के दौरान मारे गये.”

मालूम हो कि किसानों के प्रदर्शनों के दौरान कई किसानों की मौत हुई है. दिसंबर माह में ही कई किसानों की मौत हुई है. किसान नेताओं ने भी 20 से ज्यादा किसानों की मौत की आशंका जतायी है. इनमें से कई किसानों की मौत हृदय गति रुकने से हुई है. वहीं, कई किसानों की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हुई है.

हरियाणा के जिंद जिले में कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के ‘भारत बंद’ के आह्वान पर उझाना गांव निवासी 60 वर्षीय किताब सिंह की मौत हृदय गति रुकने से हो गयी थी. वह भारत बंद के दौरान गांव के निकट गढ़ी मार्ग पर धरने की अगुवाई कर रहे थे. दोपहर में अचानक तबीयत खराब हो गयी और वे बेसुध होकर गिर गये. साथियों ने उन्हें उपचार के लिए नरवाना सामान्य अस्पताल ले गये, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

वहीं, बरोदा निवासी किसान 32 वर्षीय किसान अजय की मौत संदिग्ध परिस्थिति में हो गयी. किसानों के धरने में सिंघु बॉर्डर पर अजय कुछ दिनों से बैठा था. देर रात खाना खाने के बाद वह अपनी ट्राली के नीचे सो रहा था, लेकिन सुबह जब उसके साथियों ने उसे उठाया, तो वह नहीं उठा. किसानों ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को सूचना दी. जब तक स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंचे, वह दम तोड़ चुका था.

पंजाब के मोगा जिले के गांव भिंडर कलां निवासी 42 वर्षीय मक्खन खान अपने साथी बलकार और अन्य के साथ कुंडली बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल होने आये थे. बताया जाता है कि मक्खन खान लंगर में सेवा करने के लिए आये थे. सीने में उन्हें दर्द हुआ. जब तक साथी उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, उनकी मौत हो गयी थी.

टिकरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे एक 38 वर्षीय किसान सुबह में मृत मिला. बठिंडा जिले के तुंगवाली गांव के जल सिंह और उनके भाई कई दिनों से हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे थे. हरियाणा के बहादुरगढ़ पुलिस थाने के मुताबिक, जल सिंह सुबह में मृत मिले. पुलिस ने दिल का दौरा पड़ने से मौत की आशंका जतायी है.

हरियाणा में सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर जारी धरने में शामिल होने पंजाब से आये एक किसान का शव प्याऊ मनियारी के पास ड्रेन नंबर-आठ में मिला है. सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के बाद शव ग्रामीणों को सौंप दिया.

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