Farmer Protest: फिर दिल्ली कूच की कोशिश करेंगे किसान, शंभू बॉर्डर से सरवन सिंह पंढेर का बड़ा ऐलान

Published by : Pritish Sahay Updated At : 11 Dec 2024 2:41 PM

विज्ञापन

Farmer Protest

Farmer Protest: किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने ऐलान किया है कि किसान एक बार फिर दिल्ली कूच की कोशिश करेंगे. 14 दिसंबर के दिन किसान दिल्ली में दाखिल होंगे. उन्होंने दावा किया कि सरकार की तरफ से अब तक न्याय नहीं मिला है. ऐसे में किसान दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के सामने अपनी मांग उठाना चाहते हैं.

विज्ञापन

Farmer Protest: शंभू बॉर्डर पर किसान डटे हुए हैं. किसानों ने एक बार फिर दिल्ली कूच का ऐलान किया है. किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मंगलवार को मीडिया से बात की. पंढेर ने कहा कि 14 दिसंबर को किसान एक बार फिर शंभू बॉर्डर से दिल्ली के लिए पैदल कूच करेंगे. उन्होंने कहा कि इस कूच में करीब 101 किसानों का जत्था शामिल होगा. सभी किसान पैदल ही दिल्ली का रुख करेंगे.

अपनी मांग पर अड़े हैं किसान

किसान नेता ने कहा कि हम अपनी मांग पर अड़े हैं. उन्होंने दावा किया कि सरकार की तरफ से अब तक न्याय नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि किसान दिल्ली जाकर सरकार के सामने अपनी मांग उठाना चाहते हैं. किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती उनका आंदोलन जारी रहेगा. बता दें, किसानों ने इससे पहले दो बार और दिल्ली कूच का प्रयास किया था, लेकिन वो सफल नहीं हो सके थे.

पूरे देश से प्रार्थना करने की अपील

किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम कल (11 दिसंबर) को सीमा पर प्रार्थना दिवस अरदास दिहाड़ा मना रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम पूरे देश को इस मार्च की सफलता के लिए प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं.पंढेर ने कहा कि फिल्मी सितारों, गायकों और धार्मिक नेताओं से भी अनुरोध है कि वो हमारे विरोध मार्च का समर्थन करें. किसान नेता ने इस दौरान आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किसानों की रिहाई की भी मांग की.

6 और 8 दिसंबर को भी दिल्ली मार्च की हुई थी कोशिश

किसानों ने 14 दिसंबर को दिल्ली मार्च का ऐलान किया है. इससे पहले 6 और 8 दिसंबर को भी किसानों ने दिल्ली में दाखिल होने की कोशिश की थी. दोनों बार 101 किसानों का जत्थे दिल्ली कूच पर पैदल निकला था. हालांकि दोनों बार सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. बता दें किसान इसी साल फरवरी महीने से ही शंभू खनौरी बॉर्डर पर अपनी मांगों के लिए डटे हुए हैं.

क्या है किसानों की मांग

  • किसान एमएसपी पर कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं.
  • किसानों की सबसे बड़ी मांग है कि कीमत स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार तय हो.
  • इसके साथ ही किसानों ने कर्ज माफी की मांग की है.
  • आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवार को मुआवजा देने की मांग भी किसान कर रहे हैं.

शंभू बॉर्डर पर कड़ी सुरक्षा

इधर, किसानों के लगातार दिल्ली में दाखिल होने की कोशिश को देखते हुए शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के टाइट इंतजाम किये हैं. बीते 6 और 8 दिसंबर को शंभू बॉर्डर पर भारी हंगामा हुआ था. किसानों ने बैरिकेडिंग को उखाड़ दिया था. किसानों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे. ऐसे में एक बार फिर किसानों के मार्च के ऐलान को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

Also Read: Big Accident: उत्तर प्रदेश के हाथरस में पिकअप वैन और कूरियर कंटेनर की जोरदार टक्कर, हादसे में 7 लोगों की मौत

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola