Explainer: क्या है 'ब्रांड बेंगलुरु', कर्नाटक के रास्ते केंद्र की सत्ता पर कांग्रेस की नजर
सिद्धारमैया ने कर्नाटक विधानसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 3.27 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. बजट में 52,000 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान विधानसभा चुनावों के दौरान दी गईं पांच 'गारंटी' को पूरा करने के लिए किया गया है.
कर्नाटक में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के बाद सिद्धारमैया सरकार लगातार बड़ी-बड़ी घोषणाएं कर रही है. चुनाव के दौरान जो भी वादे किये थे, उसे पूरा करने में कांग्रेस की सरकार शिद्दत से जुट गयी है. कर्नाटक का बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ‘ब्रांड बेंगलुरु’ की चर्चा की थी और उसके लिए 45 करोड़ रुपये का आवंटन भी किया. उसके बाद इसकी चर्चा तेज हो गयी है कि आखिरी ‘ब्रांड बेंगलुरु’ क्या है, जिसके लिए सिद्धारमैया ने इतना अधिक खर्च कर दिया.
क्या है ‘ब्रांड बेंगलुरु’
कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार बेंगलुरु को विकसित करने के लिए ‘ब्रांड बेंगलुरु’ योजना लेकर आयी है. जिसके तहत यातायात प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सार्वजनिक स्थानों का उचित उपयोग, बाढ़ प्रबंधन और सार्वजनिक स्वास्थ्य समेत अन्य का विकास करना और स्थिति में सुधार करना है. मुख्यमंत्री ने इसके लिए 45,000 करोड़ आवंटित किया. जिसमें ‘नम्मा मेट्रो’ के लिए 30,000 करोड़ भी शामिल है. बजट में सिद्धारमैया ने घोषणा की थी कि अमृत नगरोत्थान, हाई-डेंसिटी कॉरिडोर, रोड व्हाइट-टॉपिंग, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अतिक्रमण हटाने और नहरों की मरम्मत, गड्ढों को भरने आदि जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगभग 12,000 करोड़ खर्च किए जाएंगे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा अमृत नगरोत्थान कार्यक्रम और इंदिरा कैंटीन जैसे कई जन-समर्थक कार्यक्रमों की उपेक्षा की गई, जिसके कारण शहरी बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में धीरे-धीरे गिरावट आई. उन्होंने कहा, योजनाबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से इन चुनौतियों का समाधान करके हम बेंगलुरु को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पहुंचाएंगे.
‘ब्रांड बेंगलुरु’ को लेकर सिद्धारमैया सरकार को मिले 30 हजार से अधिक सुझाव
‘ब्रांड बेंगलुरु’ को लेकर कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार को अबतक 30 हजार से अधिक सुझाव मिल चुके हैं. इसकी घोषणा खुद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने की है. उन्होंने बताया, मुझे 30 हजार से अधिक सुझाव मिले हैं. अपार्टमेंट एसोसिएशन ने अनुरोध किया है कि वे बेंगलुरु ब्रांड का हिस्सा बनना चाहते हैं. उन्होंने कहा, कुछ दिनों में मैं हाई स्कूल और कॉलेज के छात्रों से मिलकर उनकी राय लूंगा.
कर्नाटक के विकास मॉडल को लेकर लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में कांग्रेस
कर्नाटक में धमाकेदार जीत दर्ज करने से कांग्रेस में खोया आत्मविश्वास फिर से लौट आया है. अब पार्टी कर्नाटक मॉडल के जरिये केंद्र की सत्ता पर नजर गड़ाए हुए है. कर्नाटक में कांग्रेस ने जीत की जो लकीर खींच दी है, उसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी आजमने की कोशिश करेगी. कांग्रेस कर्नाटक मॉडल को सामने रखकर वोट मांगने की तैयारी में है. इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार जुट गये हैं. दोनों मिलकर कांग्रेस के आलाकमान को कर्नाटक की 20 लोकसभा सीट जीत का तोहफा देने की तैयारी में जुट गये हैं.
#WATCH | "Today I received Bengaluru people’s advice. I have received more than 30 thousand suggestions. The apartment association has requested that they want to be part of the brand Bengaluru. In some days, I will meet high school and college students to receive their opinions… pic.twitter.com/aVjxRzmUpp
— ANI (@ANI) July 15, 2023
कर्नाटक के बजट में चुनावी ‘गारंटी’ के लिए 52,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
सिद्धारमैया ने कर्नाटक विधानसभा में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 3.27 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. बजट में 52,000 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान विधानसभा चुनावों के दौरान दी गईं पांच ‘गारंटी’ को पूरा करने के लिए किया गया है. उन्होंने कहा कि चुनावी वादों को लागू करने से राज्य सरकार हरेक परिवार को हर महीने 4,000 से लेकर 5,000 रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय मदद पहुंचा पाएगी.
कर्नाटक की सत्ता संभालते ही एक्शन में आ गयी थी सिद्धारमैया सरकार
कांग्रेस ने मई में संपन्न विधानसभा चुनाव के दौरान पांच गारंटी देने की घोषणा की थी. इनमें महिलाओं को बस में मुफ्त सफर, 200 यूनिट तक की मुफ्त बिजली, गरीबों को 10 किलोग्राम मुफ्त अनाज, परिवार की महिला मुखिया को 2,000 रुपये देने और बेरोजगारी भत्ता के तौर पर 3,000 रुपये देने की घोषणाएं शामिल हैं.
ई-कॉमर्स कंपनियों के कर्मचारियों को बीमा का लाभ
कर्नाटक सरकार ने बजट में ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए घर-घर तक सामान पहुंचाने वाले अंशकालिक कर्मचारियों को चार लाख रुपये की बीमा सुविधा देने की भी घोषणा. इस राशि में दो लाख रुपये का जीवन बीमा और दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा शामिल है. सिद्धरमैया ने कहा कि इस बीमा के प्रीमियम का सारा बोझ राज्य सरकार उठाएगी. उन्होंने कहा कि पंजीकृत लाभार्थियों और उनके आश्रितों को ‘कर्नाटक भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड’ के माध्यम से सब्सिडी और लाभ दिए जाएंगे.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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