Explainer: कांग्रेस ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को ही क्यों चुना हिमाचल का सीएम? जानें कारण

Explainer News: हिमाचल प्रदेश में सीएम की रेस में पूर्व मु्ख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी का नाम भी शामिल था. हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री के तौर पर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर अंतिम मुहर लगाई.
Explainer News: हिमाचल प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर सुखविंदर सिंह सुक्खू रविवार को शपथ ग्रहण करेंगे. हिमाचल में सीएम की रेस में पूर्व मु्ख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी का नाम भी शामिल था. हालांकि, कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री के तौर पर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम पर अंतिम मुहर लगाई. इसी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और चार बार के विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल प्रदेश के 15वें मुख्यमंत्री बनेंगे.
बताया जाता है कि हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में काफी उठापठक थी. सीएम पद की रेस में जो नाम थे, वो काफी बड़े थे. ऐसे में किसी एक के नाम को फाइनल करना काफी बड़ी चुनौती थी. आलाकमान को पार्टी के भीतर गुटबाजी का भी डर था. कांग्रेस आलाकमान किसी भी हालत में अभी उपचुनाव नहीं चाहती है. सुखविंदर सिंह सुक्खू विधायक चुने जा चुके हैं. जबकि, प्रतिभा सिंह अभी सांसद हैं. बताया जा रहा है कि अगर प्रतिभा सिंह को सीएम बनाया जाता, तो कांग्रेस को दो उपचुनाव पहला विधानसभा और दूसरा मंडी लोकसभा सीट पर कराने पड़ते. वहीं, इस बार हिमाचल प्रदेश में हुए चुनाव में मंडी लोकसभा क्षेत्र में पड़ने वाली 17 में से 12 विधानसभा सीटों पर बीजेपी की जीत हुई है. ऐसे में अगर उपचुनाव होते तो कांग्रेस को ये सीट हारने का डर था. साथ ही, विधानसभा के अन्य सीटों पर भी जो जीत मिली है, वो बहुत कम मार्जिन से मिली है. ऐसे में उपचुनाव में भी हार का डर था. साथ ही कहा जा रहा है कि अगर प्रतिभा सिंह को मुख्यमंत्री बनाया जाता, तो कांग्रेस पर एक बार फिर से परिवारवाद का आरोप लगता.
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले नादौन सीट से विधायक सुक्खू पर पार्टी आलाकमान का विश्वास तभी जाहिर हो गया था, जब उन्हें कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. इसके अलावा, बड़ी संख्या में सुक्खू के समर्थकों को पार्टी का टिकट मिला था. वहीं, हिमाचल प्रदेश चुनाव के दौरान प्रियंका गांधी ने शिमला में डेरा डाल रखा था और यहीं से वह पूरे चुनाव पर नजर बनाए हुईं थीं. इस दौरान सुखविंदर सिंह के साथ मिलकर उन्होंने चुनाव का पूरा एजेंडा सेट किया.
पंजाब में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस आलाकमान अलर्ट में आ गई है. दरअसल, हिमाचल प्रदेश से सटे पंजाब में इस बार कांग्रेस को काफी नुकसान उठाना पड़ा. पंजाब में कांग्रेस के हाथ से सत्ता जाने के साथ ही पार्टी को सीटों में भी भारी नुकसान उठाना पड़ा. ऐसे में सुखविंदर सिंह सुक्खू के जरिए कांग्रेस पार्टी पंजाब में भी अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश में जुटी है.
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लेखक के बारे में
By Samir Kumar
More than 15 years of professional experience in the field of media industry after M.A. in Journalism From MCRPV Noida in 2005
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