Election Commission: चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए आयोग उठा रहा है सख्त कदम

Published by : Vinay Tiwari Updated At : 19 Aug 2025 6:08 PM

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पिछले 6 महीने में चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए 28 प्रमुख उपायों को अपनाने का काम किया है. चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्यों के प्रमुख निर्वाचन अधिकारी के साथ राष्ट्रीय स्तर पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन करने का निर्देश दिया. आयोग के निर्देश के मुताबिक 4719 सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया.

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Election Commission: देश में चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लंबे समय से काम किया जा रहा है. पिछले 6 महीने में चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए 28 प्रमुख उपायों को अपनाने का काम किया गया है. चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्यों के प्रमुख निर्वाचन अधिकारी के साथ राष्ट्रीय स्तर पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन करने का निर्देश दिया.

आयोग के निर्देश के मुताबिक 4719 सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया. जिसमें 40 बैठक का आयोजन राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, 800 जिला निर्वाचन अधिकारी और 3879 बैठक का आयोजन निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी द्वारा किया गया. इस बैठक में राजनीतिक दलों के लगभग 28 हजार प्रतिनिधि शामिल हुए. चुनाव आयोग के अनुसार राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं के साथ चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने को लेकर अक्सर बैठक होती रहती है.

पिछले 6 महीने में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के प्रमुख नेताओं के साथ ऐसी 20 बैठक का आयोजन किया जा चुका है. चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के साथ संवाद करने के साथ ही बूथ स्तर के अधिकारियों के कौशल विकास का कार्यक्रम आयोजित करता रहता है. पिछले 6 महीने में लगभग 7 हजार बूथ लेवल अधिकारी का कौशल विकास की ट्रेनिंग दी जा चुकी है. साथ ही राजनीतिक दलों की ओर से तैनात बूथ लेवल एजेंट को भी ट्रेनिंग दी जा रही है. इस कड़ी में बिहार, तमिलनाडु, पुडुचेरी के एजेंट को ट्रेनिंग दी जा चुकी है. ट्रेनिंग के दौरान एजेंट को मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी जाती है.

पारदर्शिता के लिए उठाए गए कदम


चुनाव आयोग चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के कई तरह के कदम उठाता रहा है. आयोग की ओर से पहले ही 334 गैर पंजीकृत राजनीतिक दल की मान्यता रद्द की जा चुकी है और अतिरिक्त ऐसे 476 दलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई जारी है. संविधान की भावना के अनुसार जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 1950 और 1951 और अन्य चुनावी नियमों के तहत समय-समय पर आयोग दिशा निर्देश जारी करता रहता है.जमीनी स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग बूथ लेवल अधिकारी के लिए फोटो आई कार्ड जारी करता है. साथ ही ईवीएम माइक्रोकंट्रोलर की चेकिंग और जांच की जाती है. इसके लिए एसओपी बनाया गया है. 


इसके अलावा आयोग विभिन्न हितधारकों के साथ समय पर संवाद करता रहता है, जिसमें सभी कानूनी और अन्य पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की जाती है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दुनिया के विभिन्न चुनाव बॉडी के साथ द्विपक्षीय संवाद भी करते हैं. मतदाता सूची में संभावित गड़बड़ी को दूर करने के लिए बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है. इसका मकसद मतदाता सूची से अवांछित मतदाता को बाहर करना है. साथ ही तकनीक का व्यापक पैमाने पर प्रयोग हो रहा है. 

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