DRDO ने 2-डीजी दवा की तकनीक फार्मा कंपनियों को सौंपी, जानें खासियत

डीआरडीओ के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने कहा कि कोविड-19 के इलाज के लिए डीआरडीओ द्वारा विकसित दवा 2 डीजी की निर्माण तकनीक फार्मा कनियों को सौंपी जा रही है ताकि यह दवा ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुंच सके.
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने कोविड 19 के मरीजों का इलाज करने के लिए विकसित की गयी दवा 2डीजी की तकनीक फार्मा कंपनियों को सौंपने का फैसला किया है. यह जानकारी पीटीआई न्यूज के हवाले से मिली है.
डीआरडीओ के प्रमुख जी सतीश रेड्डी ने कहा कि कोविड-19 के इलाज के लिए डीआरडीओ द्वारा विकसित दवा 2 डीजी की निर्माण तकनीक फार्मा कनियों को सौंपी जा रही है ताकि यह दवा ज्यादा से ज्यादा मरीजों तक पहुंच सके.
उन्होंने इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि 2 डीजी दवा को डीआरडीओ की ग्वालियर स्थित प्रयोगशाला में विकसित किया गया है. उन्होंने बताया कि कोविड-19 की यह दवा बनाने की तकनीकी सात-आठ फार्मा कंपनियों को सौंपी गयी है.
Also Read: दिल्ली के 260 शराब दुकानों को बंद करने के फैसले में दखल देने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने इन कंपनियों को इसके उत्पादन की मंजूरी भी दे दी है. रेड्डी ने कहा कि डीआरडीओ की ग्वालियर स्थित प्रयोगशाला ने कोविड-19 के खिलाफ जंग में अहम भूमिका निभाई है और महामारी के भारी प्रकोप के वक्त इसमें बेहद कम समय में सैनिटाइजर, मास्क और पीपीई किट भी विकसित किये थे.
2 डीजी की विशेषता यह है कि इसे इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है. यह एक सैशे में मिलता है जिसे बस घोलकर पीना होता है. वैज्ञानिकों का दावा है कि इसके प्रयोग से मरीजों में रिकवरी जल्दी होती है और उन्हें आॅक्सीजन की जरूरत भी कम पड़ती है. 2डीजी दवा की डोज पांच से सात दिन की होती है और इसे ग्लूकोज की तरह पीया जाता है.
Posted By : Rajneesh Anand
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




