कर्नाटक विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव आने से पहले दिया इस्तीफा

कर्नाटक विधानसभा उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) एम कृष्ण रेड्डी ने सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा अपने खिलाफ लाये जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव से पहले मंगलवार को पद से इस्तीफा दे दिया.
बेंगलुरु : कर्नाटक विधानसभा उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) एम कृष्ण रेड्डी ने सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा अपने खिलाफ लाये जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव से पहले मंगलवार को पद से इस्तीफा दे दिया. रेड्डी 2018 में जेडीएस के टिकट से विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए थे. विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने सदन को सूचित किया कि उन्होंने रेड्डी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जो चिंतामणि सीट से निर्वाचित हुए थे.
उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि डिप्टी स्पीकर को हटाने के लिए नियम 169 के तहत प्रस्ताव पेश किया जाना आज के एजेंडे में शामिल था, जिसे वह वापस ले रहे हैं. कागेरी ने विधानसभा में घोषणा की, ‘कर्नाटक विधानसभा के डिप्टी स्पीकर एम कृष्ण रेड्डी ने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया, मैंने यह स्वीकार कर लिया है. इसलिए, मैं प्रस्ताव पेश किया जाना एजेंडे से हटाता हूं.
उल्लेखनीय है कि कित्तूर विधायक डी महंतेश बासवंतारी एवं अन्य यह प्रस्ताव पेश करने वाले थे. इसमें यह जिक्र किया गया था कि डिप्टी स्पीकर ने सदन का विश्वास खो दिया है. इस विषय को मंगलवार के कामकाज के लिए सूचीबद्ध किया गया था. खबरों के मुताबिक, मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने हाल ही में रेड्डी को संकेत दिया था कि उन्हें डिप्टी स्पीकर के तौर पर इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि वह पिछली सरकार के दौरान इस पद के लिए चुने गये थे. रेड्डी एचडी कुमारस्वामी नीत कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के दौरान डिप्टी स्पीकर चुने गये थे. सावदत्ती से भाजपा विधायक आनंद ममानी ने हाल ही में डिप्टी स्पीकर पद की इच्छा जतायी थी.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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