ePaper

वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित कर सकता है कोरोना का डेल्टा वैरियेंट, एम्स की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Updated at : 10 Jun 2021 2:34 PM (IST)
विज्ञापन
वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित कर सकता है कोरोना का डेल्टा वैरियेंट, एम्स की रिपोर्ट में हुआ  खुलासा

पूरे विश्व में कोरोना वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है वैक्सीनेशना का काम बहुत तेजी से चल रहा है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वैक्सीनेशन कोरोना संक्रमण से बचाव की गारंटी नहीं है पर इससे यह सुनिश्चित होगा है कि संक्रमण गंभीर नहीं हो.

विज्ञापन

पूरे विश्व में कोरोना वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है वैक्सीनेशना का काम बहुत तेजी से चल रहा है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वैक्सीनेशन कोरोना संक्रमण से बचाव की गारंटी नहीं है पर इससे यह सुनिश्चित होगा है कि संक्रमण गंभीर नहीं हो.

अब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा किए गए एक प्रारंभिक अध्ययन में भी यही दावा किया गया है. यह अध्य्यन छोटे समूह पर किया गया. इनमें 63 लोग शामिल किये गये. 63 में से 35 लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक दी गयी है और बाकी 27 लोगों को केवल एक खुराक दी गयी.

इसके बाद उन्हें संक्रमित किया गया. फिर उनसे लिये गये नमूनों के जीनोम अनुक्रमित किया गया था. इस दौरान उनमें कोरोना का डेल्टा वैरियेंट पाया गया, जो पहली बार भारत में पाया गया था.

Also Read: कोरोना वैक्सीन पर बाबा रामदेव का यूटर्न, कहा जल्द ही लगवाएंगे टीका

एम्स में हुए अध्ययन के दौरान 63 नमूनों में से 36 को अनुक्रमित उनमें से 19 लोगों को पहला डोज दिया गया था, जबकि 17 लोगों को दोनों खुराक दी गयी थी. उन सभी 36 नमूनो में से 23 नमूनो में डेल्टा संस्करण बी.1.617.2 पाया गया.

63 प्रतिभागियों में से 10 रोगियों को कोविशील्ड दी गयी थी, जबकि 53 को कौवैक्शीन का डोज दिया गया था. इनमें रोगियों की औसत आयु 37 वर्ष थी. जिनमें से 41 पुरुष और 22 महिलाएं थीं. एम्स ने बताया था कि इनमें किसी की मौत नहीं हुई इससे यह पता चलता है कि टीकाकरण से मृत्यु दर कम हो सकती है.

वैक्सीन लेने के बाद दोबारा से कोरोना पॉजिटिव होना एक दुर्लभ घटना है और इसके जरिये संक्रमण की जीनोम प्रणाली को समझा जा सकता है. अध्ययन में कहा गया है कि वेरिएंट B.1.617.2 और B.1.1.7 चिंता के प्रमुख कारण थे क्योंकि अधिकांश मामलों में संक्रमण की वजह यही रहे हैं.

Also Read: Corona vaccination: प्राइवेट अस्पतालों में अब इस कीमत पर मिलेगी कोरोना वैक्सीन, सरकार ने जारी किया रेट लिस्ट

कोरोना के वेरिएंट को बेहतर ढंग से समझने के लिए कई अध्ययन चल रहे हैं. सेल्युलर एंड मॉलिक्यूलर बायोलॉजी, हैदराबाद और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि वाराणसी में कोरोना संक्रमण में वृद्धि का कारण डेल्टा वैरियेंट था. भारत के SARS-CoV-2 जीनोमिक कंसोर्टिया ने भी पुष्टि की है कि दूसरी लहर के पीछे डेल्टा संस्करण बड़ा कारण था. यह यूके में पहली बार मिले संस्करण की तुलना में अधिक संक्रामक है.

Posted By: Pawan Singh

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola