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बीजेपी नेता की बेरहमी से हत्या करने वाले PFI के 15 एक्टिविस्ट को सजा-ए-मौत, केरल की अदालत ने सुनाया फैसला

Updated at : 30 Jan 2024 12:51 PM (IST)
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बीजेपी नेता की बेरहमी से हत्या करने वाले PFI के 15 एक्टिविस्ट को सजा-ए-मौत, केरल की अदालत ने सुनाया फैसला

BJP Leader Murder Case: केरल की एक अदालत ने बीजेपी नेता की हत्या मामले में सभी 15 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. हत्या में शामिल सभी दोषी प्रतिबंधित आतंकी संगठन पीएफआई के सदस्य हैं. बता दोषियों ने बीजेपी नेता की उनके घर पर ही बेरहमी से हत्या कर दी थी.

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BJP Leader Murder Case: केरल की एक स्थानीय अदालत ने बीजेपी नेता की बेरहमी से हत्या करने के एक मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से संबंध रखने वाले 15 दोषियों को मौत की सजा सुनाई है. केरल की अदालत ने बीजेपी नेता रंजीत श्रीनिवास की हत्या मामले में यह सजा मुकर्रर की है. बता दें, बीजेपी नेता की साल 2019 में अलाप्पुझा स्थित उनके घर पर ही बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड में शामिल सभी लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन पीएफआई (PFI) के सदस्य थे.

हत्या के 15 दोषियों को फांसी की सजा
केरल की मावेलिककारा अतिरिक्त जिला सेशन कोर्ट ने आज यानी मंगलवार को सभी आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के वकील ने इस हत्याकांड को दुर्लभ से दुर्लभतम अपराध की श्रेणी में रखने की मांग करते हुए सभी दोषियों के लिए फांसी की सजा देने की अपील की थी. अभियोजन पक्ष ने कहा कि सभी ने पीड़ित की उनके घर पर ही हत्या कर दी थी.

इन धाराओं के तहत कोर्ट ने दोषी करार दिया
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेशंस कोर्ट ने 8 आरोपियों को सीधे हत्या में शामिल पाया है. कोर्ट ने उनपर धारा 302, 149, 449, 506 और 341 के तहत दोषी करार दिया है. जबकि बाकी के दोषियों पर हत्या में शामिल होने और हथियार लेकर पीड़ित के घर के बाहर खड़े थे. इनको कोर्ट ने आईपीसी की धारा 302, 149 और 447 के तहत दोषी करार दिया है.

पीएफआई पर लगा है प्रतिबंध
बता दें, साल 2022 में ही गृह मंत्रालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular front of India) पर प्रतिबंध लगा दिया था. गृह मंत्रालय ने आतंकी फंडिंग समेत अन्य गतिविधियों के चलते PFI पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगाया है. पीएफआई के अलावा उनके सहयोगी संगठन रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन, नेशनल वूमेन फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.


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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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