Corona Vaccine : कोरोना वैक्सीन के नाम पर हो रही ठगी, ऑनलाइन बुक करने से पहले हो जाएं सावधान
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 15 Dec 2020 4:27 PM
Covid-19 Vaccine Fraud कोरोना महामारी का कहर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है. ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हर कोई अलर्ट है. इन सबके बीच कोरोना वैक्सीन के डोज को शीघ्र हासिल करने को लेकर भी लोगों में होड़ मची है. भारत में भी इस महामारी की चपेट में आकर एक लाख 43 हजार से ज्यादा मरीजों की जान जा चुकी है. हालांकि, कोविड वैक्सीन के आने की खबर फैलते ही पूरी दुनिया से अब कोरोना वायरस के खात्मे की बात की जा रही है.
Covid-19 Vaccine Fraud कोरोना महामारी का कहर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है. ऐसे में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हर कोई अलर्ट है. इन सबके बीच कोरोना वैक्सीन के डोज को शीघ्र हासिल करने को लेकर भी लोगों में होड़ मची है. भारत में भी इस महामारी की चपेट में आकर एक लाख 43 हजार से ज्यादा मरीजों की जान जा चुकी है. हालांकि, कोविड वैक्सीन के आने की खबर फैलते ही पूरी दुनिया से अब कोरोना वायरस के खात्मे की बात की जा रही है.
इसी कड़ी में कोरोना वैक्सीन का टीका भारत में लोगों को किस प्रक्रिया के तहत और कैसे लगाया जायेगा, इसे लेकर केंद्र सरकार ने दिशानिर्देश सोमवार को जारी कर दिये है. वहीं, कोरोना वायरस की कई वैक्सीन अब लॉन्च होने के साथ ही पूरी दुनिया के लोग इसको जल्द हासिल करने की कोशिश में है. इसी का फायदा उठाने की फिराक में अब जालसाज भी जुट गये है. जिसको लेकर इंटरपोल भी पिछले दिनों इसे लेकर चेतावनी जारी कर चुका है.
फाइजर, मॉडर्ना, ऑक्सफर्ड-एस्ट्राजेनेका जैसी दिग्गज फार्मा कंपनियों की वैक्सीन अब रेगुलेटरी अप्रूवल के प्रक्रिया में है. हालांकि, मांग की तुलना में सप्लाई सीमित है. दुनियाभर की सरकारों ने सीधे कंपनियों से डील की है. ऐसे में आम लोगों तक वैक्सीन पहुंचने में वक्त लगेगा. इन सबके बीच बहुत से लोग वैक्सीन जल्द लगवाना चाहते हैं.
इसी के मद्देनजर बीते दिनों इंटरपोल ने चेतावनी देते हुए कहा था कि ऑर्गनाइज्ड क्रिमिनल नेटवर्क्स कोविड वैक्सीन के नाम पर धोखाधड़ी कर सकते हैं और इंटरनेट पर ठगी का खेल शुरू भी हो चुका है. इंटरपोल के मुताबिक, ऑर्गनाइज्ड क्राइम सिंडिकेट फर्जी वैक्सीन बेचने की कोशिश कर रहे हैं. इतना ही नहीं, अपराधी वैक्सीन की सप्लाई चेन में सेंध या उसे प्रभावित करने की योजना बना रहे हैं. इसको लेकर फर्जी वेबसाइट्स और झूठे इलाज के नाम पर भी ठगी के आसार जताए गए थे.
मिल रही जानकारी के मुताबिक, कोविड वैक्सीन से जुड़े डोमेंस की संख्या भी बहुत तेजी से बढ़ी है. अगर जांच नहीं किया जाएं तो आम लोग इन अपराधियों आसानी से शिकार बन सकते है. इतना ही नहीं, वॉट्सऐप और टेलिग्रैम के जरिए भी यूजर्स को निशाना बनाया जा रहा है. ईमेल के जरिए भी वैक्सीन बेचने के मेसेज किये जा रहे हैं.
खास बात यह है कि किसी भी कंपनी ने वैक्सीन को ऑनलाइन बेचने की घोषणा अब तक नहीं की है. ऐसे में किसी वेबसाइट या मेसेज में कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने का दावा मिले तो उसपर यकीन नहीं करने में ही भलाई है.
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