1. home Home
  2. national
  3. coronavirus new variant covid 22 is a big threat to the world know the important thing about it aml

कोरोना का नया वेरिएंट COVID-22 दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा, जानिए इसके बारे में जरूरी बात

ब्रिटेन सरकार को सलाह देने वाले वैज्ञानिकों के समूह सेज ने 30 जुलाई को प्रकाशित एक पेपर में कहा कि कोविड के अधिक घातक होने की प्रबल संभावना है.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
काेराेना के नये वेरिएंट COVID-22 को लेकर वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
काेराेना के नये वेरिएंट COVID-22 को लेकर वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
pti

नयी दिल्ली : कोरोनावायरस महामारी की तीसरी लहर की तैयारी के बीच एक विशेषज्ञ ने अब 2022 में एक नये उभरते हुए कोरोना वेरिएंट की चेतावनी दी है. डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक इम्यूनोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉक्टर साई रेड्डी ने कहा कि जनता को इस नये वेरिएंट के लिए तैयार रहना होगा क्योंकि यह एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है. यह डेल्टा वेरिएंट से भी खतरनाक हो सकता है.

डॉक्टर साई रेड्डी एक ज्यूरिख आधारित वैज्ञानिक हैं. द सन ने प्रोफेसर रेड्डी के हवाले से कहा कि कोविड-22 अब जो हम देख रहे हैं उससे भी बदतर हो सकता है. यदि ऐसा कोई रूप दिखाई देता है, तो हमें इसे जल्द से जल्द पहचानना होगा और वैक्सीन निर्माताओं को वैक्सीन को जल्दी से अपनाना होगा. इस नये संस्करण का उभरना बड़ा जोखिम है. हमें इसके लिए तैयार रहना होगा.

एक वायरस का विकसित होना स्वाभाविक है और इसलिए विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी COVID के वेरिएंट बढ़ते रहेंगे. ब्रिटेन सरकार को सलाह देने वाले वैज्ञानिकों के समूह सेज ने 30 जुलाई को प्रकाशित एक पेपर में कहा कि कोविड के अधिक घातक होने की प्रबल संभावना है.

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के कंसल्टेंट वायरोलॉजिस्ट और लेक्चरर डॉ क्रिस स्मिथ ने बीबीसी ब्रेकफास्ट पर बोलते हुए कहा कि हम सभी इस बात से सहमत हैं कि कोई भी महामारी तब तक खत्म नहीं होती है जब तक कि यह दुनिया के हर कोने में खत्म नहीं हो जाती क्योंकि इसके वापस आने की प्रबल संभावना बनी रहेगी.

डॉ स्मिथ ने आगे कहा कि यह मत भूलिए कि हम सोचते हैं कि यह एक शहर में, एक देश के एक कोने में मुट्ठी भर मामलों से शुरू हुआ... और फिर इसने पूरी दुनिया को अपने आगोश में ले लिया. हम हर मामले और वेरिएंट पर पैनी नजर रखनी होगी. इस फिर से फैलने से हमारे द्वारा किये गये सभी प्रयास विफल हो जायेंगे. क्योंकि टीके की प्रभावशीलता भी धीरे-धीरे कम होती जाती है.

Posted By: Amlesh Nandan.

Share Via :
Published Date

संबंधित खबरें

अन्य खबरें