कोरोना मृतकों को दफनाने से रोका, तो होगी 3 साल की जेल

Navi Mumbai: Peole stand in queues to enter APMC Vegetable Market, during a nationwide lockdown, imposed in the wake of coronavirus pandemic in Navi Mumbai, Monday, March 30, 2020. (PTI Photo)(PTI30-03-2020_000016B)
तमिलनाडु में कोविड-19 से जान गंवाने वाले मरीजों को 'सम्मानजनक' तरीके से दफनाने और दाह संस्कार में बाधा उत्पन्न करने वालों को तीन साल तक की सजा हो सकती है. राज्य सरकार की ओर से जारी एक अध्यादेश में यह प्रावधान किया गया है. हाल ही में कोविड-19 संक्रमण के कारण शहर में दो डॉक्टरों की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने इनके शव दफनाने का विरोध किया.
चेन्नई : तमिलनाडु में कोविड-19 से जान गंवाने वाले मरीजों को ‘सम्मानजनक’ तरीके से दफनाने और दाह संस्कार में बाधा उत्पन्न करने वालों को तीन साल तक की सजा हो सकती है. राज्य सरकार की ओर से जारी एक अध्यादेश में यह प्रावधान किया गया है. हाल ही में कोविड-19 संक्रमण के कारण शहर में दो डॉक्टरों की मौत हो गई थी, जिसके बाद लोगों ने इनके शव दफनाने का विरोध किया.
इनमें से एक विरोध के दौरान तो लोग हिंसक हो गए और स्वास्थ्यकर्मियों एवं निगम कर्मचारियों पर हमला कर दिया था. इस घटना के बाद राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है. एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि अध्यादेश के मुताबिक, अधिसूचित बीमारी से मरने वालों को सम्मानजनक तरीके से दफनाने और दाह संस्कार में बाधा उत्पन्न करना और बाधा उत्पन्न करने की कोशिश करने को दंडनीय अपराध बनाया गया है.
बयान के मुताबिक, ऐसे अपराध में कम से कम एक साल जेल की सजा जबकि अधिकतम तीन साल तक की सजा का प्रावधान है. इस अपराध के लिये जुर्माना भी लगाया जा सकता है. हालांकि, इसकी राशि के बारे में सूचना नहीं दी गई है.
बता दें कि तमिलनाडु में लगातार कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. अब तक 1755 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. साथ ही 22 लोगों की मौत भी हो चुकी है.
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