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भारत को स्वदेशी वैक्सीन पर भरोसा, पढ़ें विदेशी वैक्सीन में क्या हो सकती है समस्या

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
कोरोना वायरस की वैक्सीन
कोरोना वायरस की वैक्सीन
फाइल फोटो

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस की वैक्सीन के लिए भारत मौजूदा समय में उपलब्ध सीमित माध्यमों की तरफ नहीं बढ़ रहा है. भारत वैक्सीन के लिए सभी पहलुओं पर गौर कर रहा है. केंद्र सरकार के अधिकारी ने कहा, वे सभी तरह की स्थिति पर नजर रख रहे हैं जैसे वैक्सीन की कीमत क्या है, कितना कारगर है, वैक्सीन के लिए संक्रमितों का चयन कैसे किया जा सकता है. अगर हमारे पास कोरोना वायरस की वैक्सीन आती है, तो हम इन सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद ही इस पर फैसला ले सकते हैं.

डॉ वीके. पॉल ( chairman of the National Expert Group on Vaccine Administration.) कहते हैं, अगर कोई वैक्सीन का असर 10 फीसद है, तो हम उसे नहीं लेंगे और सभंव है कि अभी 90 फीसद रिजल्ट दिखाने वाली वैक्सीन मिलना मुश्किल है. डॉ पॉल ने कहा, ग्रुप वैक्सीन और इसमें आने वाले खर्च, लोगों तक पहुंचाने पर पूरी नजर रखेगा. अगर कोई वैक्सीन को अप्रुवल मिल जाती है, तो इसके पीछे भी इस ग्रुप की जिम्मेदारी होगी, जो तय करेगी कि कौन सी वैक्सीन ज्यादा कारगर है और कौन कम.

डॉ पॉल ने कहा, भारत का वैक्सीन को जांचने और परखने का तरीका दुनिया के दूसरे देशों से अलग है. अमेरिका में खाद्य एवं औषधि प्रशासन को वैक्सीन के अप्रुवल के लिए 50 फीसद असर दिखाना पड़ता है.

कुछ विकसित देश जैसे इंग्लैंड में पहले से लाखों डोज की वैक्सीन तैयार है. हम अभी भी वैक्सीन की ट्रायल कर रहे हैं. वैक्सीन के लिए किये जाने वाले सौदे में कई तरह के जोखिम है जिनमें से कुछ ऐसे हैं कि कुछ वैक्सीन ऐसे तैयार हैं जिन्हें अप्रुवल भी नहीं मिला है.

भारत में पांच कोविड वैक्सीन पर काम चल रहा है जो हमारे देश में बन रहे हैं जिनमें सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया,-पुणे, भारत बायोटेक- हैदराबाद, ज़ाइडस कैडिला- अहमदाबाद, गेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स- पुणे और जैविक ई, हैदराबाद में. भारत इस पर काम कर रहा है कि जल्द से जल्द वैक्सीन मौजूद हो.

उन्होंने कहा, हर्ड इम्यूनिटी एक तो वैक्सीन के बाद हासिल की जा सकती है और दूसरी संक्रमण को साधारण तरीके से रोककर. भारत में 20 लाख से ज्यादा संक्रमित लोग स्वस्थ हो चुके हैं. अबतक इस पर कोई वैज्ञानिक जानकारी नहीं है कि उनमें कोरोना से लड़ने की क्षमता विकसित हुई है या नहीं. जबतक भारत को बेहतर वैक्सीन नहीं मिल जाती है तबतक भारत सरकार टैस्टिंग और मौजूदा इलाज की प्रक्रिया पर जोर दे रही है.

Posted By - Pankaj Kumar Pathak

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