बोले चीज जस्टिस एनवी रमण- खोजी पत्रकारिता मीडिया के कैनवास से गायब होती जा रही है

चीफ जस्टिस एनवी रमण ने कहा कि पहले अखबार पढ़ते हुए हम बड़े-बड़े घोटालों के उजागर होने की उम्मीद करते थे और समाचार पत्रों ने हमें कभी निराश नहीं किया था. पत्रकारिता का स्वरूप बदल गया है और यह खोजी पत्रकारिता नहीं रही.
चीफ जस्टिस एनवी रमण ने आज एक कार्यक्रम में कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि खोजी पत्रकारिता अब मीडिया के कैनवास से गायब होती जा रही है. कम से कम भारत के बारे में तो इसे सच कहा ही जा सकता है.
चीफ जस्टिस एनवी रमण ने कहा कि पहले अखबार पढ़ते हुए हम बड़े-बड़े घोटालों के उजागर होने की उम्मीद करते थे और समाचार पत्रों ने हमें कभी निराश नहीं किया था. लेकिन हाल के वर्षों में पत्रकारिता का स्वरूप बदल गया है और यह खोजी पत्रकारिता नहीं रही.
चीफ जस्टिस ने कहा कि समाचार पत्रों की रिपोर्टिंग से कई घोटाले और कदाचार को उजागर किया गया, लेकिन आजकल ऐसी खबरें इक्का-दुक्का ही मिलेंगी. सीजेआई वरिष्ठ पत्रकार सुधाकर रेड्डी की किताब का विमोचन कर रहे थे.
चीफ जस्टिस ने कहा कि महात्मा गांधी हमेशा यह कहते थे कि तथ्यों के अध्ययन के लिए समाचार पत्रों को पढ़ा जाना चाहिए. उन्हें स्वतंत्र सोच की आदत खत्म करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. मुख्य न्यायाधीश ने कहा, मुझे उम्मीद है कि मीडिया आत्मनिरीक्षण करेगा और गांधी जी के इन शब्दों पर खुद को परखेगा. सीजेआई ने कहा कि इस किताब में रेड सैंडर्स के बारे में जानकारी दी गयी है जो आंध्र प्रदेश के चित्तूर, नेल्लोर, प्रकाशम, कडप्पा और कुरनूल जिलों में फैले थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




