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Chamoli Glacier Burst: रेस्क्यू में Snowfall के कारण हो रही मुश्किल, 10 घंटे बाद भी फंसे हैं 40 से ज्यादा मजदूर

Updated at : 28 Feb 2025 8:38 PM (IST)
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Chamoli Glacier Burst: रेस्क्यू में Snowfall के कारण हो रही मुश्किल, 10 घंटे बाद भी फंसे हैं 40 से ज्यादा मजदूर
Chamoli Glacier Burst

Chamoli Glacier Burst: उत्तराखंड के चमोली में हुए हादसे के बाद राहत और बचाव जारी है. खराब मौसम और लगातार हो रही बर्फबारी के कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हो रही है. वहीं हादसे के बाद राहत और बचाव के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को मौके पर भेज दिया गया है.

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Chamoli Glacier Burst: उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ क्षेत्र में शुक्रवार को हुए लैंडस्लाइड के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. 57 में से 16 मजदूरों को रेस्क्यू कर लिया गया है, लेकिन अभी भी 41 मजदूर फंसे हुए हैं. हिमस्खलन ने भारत-तिब्बत बॉर्डर के पास माणा गांव स्थित बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन कैंप को अपनी चपेट में ले लिया था. मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि निर्माण कार्य में लगे बीआरओ के मजदूरों की सड़क किनारे बनी झोपड़ियां हिमस्खलन की चपेट में आ गईं. बदरीनाथ से करीब तीन किलोमीटर दूर माणा भारत-तिब्बत सीमा पर बसा आखिरी गांव है जो 3200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है.

बर्फबारी के कारण रेस्क्यू में हो रही परेशानी

उत्तराखंड के चमोली में बर्फबारी जारी है. इस कारण राहत और बचाव में काफी परेशानी हो रही है. बचावकर्मियों का कहना है कि घुटनों तक बर्फ जमा हो जा रहा है, जिसके कारण रेस्क्यू में काफी परेशानी हो रही है. खराब मौसम के कारण खासी परेशानी हो रही है. 10 घायल लोगों का ITBP और सेना के एमआई कमरों में इलाज किया जा रहा है.  खराब मौसम की चुनौतियों के बावजूद फंसे हुए बाकी श्रमिकों का पता लगाने और उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं.  

रेस्क्यू में जुटी है एनडीआरएफ की टीम

राहत और बचाव के काम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की चार टीम लगी है. एनडीआरएफ के महानिदेशक पीयूष आनंद ने कहा है कि इन टीम के अलावा, चार अन्य इकाइयों को तैयार रखा गया है. उन्होंने बताया “बचाव अभियान शुरू किया गया है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.”  

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन

इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा है “सभी उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करके बर्फ के तले में दबे हुए मजदूरों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने सोशन मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज उत्तराखंड के जोशीमठ के माणा क्षेत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण हिमस्खलन हुआ, जिससे बीआरओ का जीआरईएफ शिविर प्रभावित हुआ है. मौजूदा स्थिति के बारे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की है. प्रशासन प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है.”

सीएम धामी ले रहे हैं पल पल की जानकारी

प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हिमस्खलन से बर्फ में दबे बीआरओ के 57 मजदूरों में से 16 को बचा लिया गया है. बाकी को बचाने के प्रयास जारी हैं. बचाव अभियान में आईटीबीपी और अन्य विभागों की मदद ली जा रही है. हमारा आपदा प्रबंधन विभाग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द सभी को सुरक्षित बचा लिया जाए. शुक्रवार को घटना की जानकारी लेने के लिए मुख्यमंत्री खुद राज्य आपदा परिचालन केंद्र पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हाई लेवल मीटिंग की.

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Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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