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भ्रष्टाचार पर सीबीआई का वार, नॉर्दर्न कोलफील्ड्स के पूर्व सीएमडी भोला सिंह समेत 11 के ठिकानों पर छापे, 3.85 करोड़ जब्त

Updated at : 19 Aug 2024 3:56 PM (IST)
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cbi

सीबीआई प्रतिकात्मक तस्वीर

CBI in Action: सीबीआई ने मध्यप्रदेश के सिंगरौली एवं जबलपुर और उत्तर प्रदेश के नोएडा में 11 ठिकानों पर छापेमारी की. 3.85 करोड़ जब्त किए और 5 लोगों को गिरफ्तार किया.

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CBI in Action: भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है. सीबीआई ने मध्यप्रदेश के सिंगरौली एवं जबलपुर और उत्तर प्रदेश के नोएडा में 11 ठिकानों पर छापेमारी करके 3.85 करोड़ रुपए नकद, डिजिटल डिवाइस और कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए. कम से कम 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और कई अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है.

सीएमडी के निजी सचिव समेत 11 ठिकानों पर सीबीआई की रेड

जिन लोगों के यहां छापेमारी की गई, उनमें नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के सीएमडी के निजी सचिव सूबेदार ओझा शामिल हैं. इनके अलावा 6 अन्य लोगों के यहां भी सीबीआई ने दबिश दी थी. बाद में 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इनके नाम रविशंकर सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल बसंत कुमार सिंह (सेवानिवृत्त), सूबेदार ओझा, दिवेश सिंह और जॉय जोसेफ दामले हैं.

17 अगस्त को सूबेदार ओझा के ठिकाने से मिले 3.85 करोड़ रुपए

सीबीआई ने इनके यहां 17 अगस्त को ही छापेमारी की थी. सीएमडी के निजी सचिव के यहां से 3.85 करोड़ रुपए मिलने के बाद सीबीआई ने सूबेदार ओझा को गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई का कहना है कि सूबेदार के यहां से मिली रकम एनसीएल, सिंगरौली (मध्यप्रदेश) के कई ठेकेदारों एवं कर्मियों के साथ पक्षपात करने के लिए जमा की गई थी.

एनसीएल के अफसरों तक रिश्वत पहुंचाने वाला रवि भी गिरफ्तार

सीबीआई ने सिंगरौली स्थित मेसर्स संगम इंजीनियरिंग के मालिक एवं मध्यस्थ रविशंकर सिंह को भी गिरफ्तार किया है. रविशंकर सिंह कथित तौर पर विभिन्न ठेकेदारों/व्यापारियों व नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के कर्मचारियों की कड़ी के रूप में काम करता था और कर्चारियों तक रिश्वत के पैसे पहुंचाने में मदद करता था.

सीबीआई के डीएसपी जेजे दामले 5 लाख रुपए रिश्वत लेते पकड़ाए

मैसर्स संगम इंजीनियरिंग, सिंगरौली के रविशंकर सिंह के एक सहयोगी दिवेश सिंह को भी सीबीआई ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया. वह जबलपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो में पदस्थापित सीबीआई के डीएसपी जॉय जोसेफ दामले को 5 लाख रुपए रिश्वत दे रहा था. सीबीआई में आरोपितों के पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए यह रकम दी जा रही थी. दामले को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.

इस तरह सीबीआई के डीएसपी तक पहुंचे थे 5 लाख रुपए

सीबीआई सूत्रों की मानें, तो रविशंकर सिंह के निर्देश पर उसके कर्मचारी अजय वर्मा ने एनसीएल के प्रबंधक (प्रशासन) रिटायर्ड कर्नल बसंत कुमार सिंह से 16 अक्टूबर को ये रुपए लिए थे. यह भी कहा गया है कि रिश्वत की राशि सूबेदार ओझा ने भेजी थी. रविशंकर ने 17 अगस्त को यह राशि दिवेश सिंह को दी और उसने सीबीआई एसीबी में तैनात डीएसपी जेजे दामले को.

सीबीआई ने इन 5 लोगों को किया गिरफ्तार

  • रविशंकर सिंह, मैसर्स संगम इंजीनियरिंग, सिंगरौली (मध्य प्रदेश) के निदेशक
  • लेफ्टिनेंट कर्नल बसंत कुमार सिंह (सेवानिवृत्त), प्रबंधक (प्रशासन), एनसीएल, सिंगरौली
  • सूबेदार ओझा, प्रबंधक (सचिवालय), एनसीएल, सिंगरौली
  • दिवेश सिंह, निजी व्यक्ति (रविशंकर सिंह के सहयोगी)
  • जॉय जोसेफ दामले, पुलिस उपाधीक्षक, सीबीआई, एसीबी, जबलपुर

इनके यहां भी केंद्रीय एजेंसी ने दी दबिश

  • भोला सिंह, पूर्व सीएमडी, एनसीएल, सिंगरौली
  • सुनील प्रसाद सिंह, निदेशक (टेक्निकल, प्रोजेक्ट और प्लानिंग)
  • रवींद्र कुमार प्रसाद, चीफ विजिलेंस ऑफिसर, एनसीएल, सिंगरौली
  • धनंजय सिंह, डीजीएम, एनसीएल, सिंगरौली
  • कुंदन चौधरी, मैनेजर, एनसीएल, सिंगरौली
  • नीतीश कुमार, मैनेजर, एनसीएल सिंगरौली

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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