Cabinet Meeting: बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए मोदी मंत्रिमंडल ने 3,760 करोड़ रुपये की मंजूर दी

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 06 Sep 2023 4:18 PM

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अनुराग ठाकुर ने कहा कि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापना से संबंधित 3,760 करोड़ रुपये की समूची राशि का बोझ केंद्र सरकार उठाएगी. उन्होंने कहा कि यह कोष वर्ष 2030-31 तक पांच किस्तों में जारी किया जाएगा.

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापना के लिए बुधवार को 3,760 करोड़ रुपये के व्यवहार्यता अंतर कोष (वीजीएफ) को मंजूरी दी. सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को इस फैसले की जानकारी दी.

बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापना से ऊर्जा भंडार होगा तैयार

अनुराग ठाकुर ने कहा कि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापना से संबंधित 3,760 करोड़ रुपये की समूची राशि का बोझ केंद्र सरकार उठाएगी. उन्होंने कहा कि यह कोष वर्ष 2030-31 तक पांच किस्तों में जारी किया जाएगा. इससे 4,000 मेगावाट घंटे का ऊर्जा भंडार तैयार करने में मदद मिलेगी. ठाकुर ने कहा कि व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण से 9,500 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है. भारत ने अगले कुछ वर्षों में अपनी आधी ऊर्जा जरूरतों को नवीकरणीय ऊर्जा और गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से पूरा करने का लक्ष्य रखा है. भंडारण प्रणाली की स्थापना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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हिमाचल, उत्तराखंड की औद्योगिक विकास योजना के लिए 1,164 करोड़ रुपये के अतिरिक्त कोष की मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए औद्योगिक विकास योजना-2017 के वास्ते 1,164.53 करोड़ रुपये के अतिरिक्त आवंटन को बुधवार को मंजूरी दी. वर्ष 2028-29 तक योजना के तहत प्रतिबद्ध देनदारियों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कोष की जरूरत है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यहां पत्रकारों से कहा कि इस योजना के तहत कुल वित्तीय परिव्यय 131.90 करोड़ रुपये है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में फैसला किया गया. मंत्रिमंडल ने 2028-29 तक योजना के तहत प्रतिबद्ध देनदारियों को पूरा करने को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए केंद्रीय क्षेत्र औद्योगिक विकास योजना-2017 (आईडीएस-2017) को मंजूरी दे दी है.

2028-2029 तक अतिरिक्त 1,164.53 करोड़ रुपये के कोष की आवश्यकता

वर्ष 2028-2029 तक प्रतिबद्ध देनदारियों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त 1,164.53 करोड़ रुपये के कोष की आवश्यकता है. ठाकुर ने कहा कि योजना के तहत 774 इकाइयां पंजीकृत की गईं और अतिरिक्त धनराशि उन्हें मिलेगी. सरकार इन दोनों राज्यों में निवेश के लिए कंपनियों को योजना के तहत प्रोत्साहन प्रदान करती है. इन प्रोत्साहनों में ऋण और बीमा तक पहुंच शामिल है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए आईडीएस-2017 का वित्तीय परिव्यय केवल 131.90 करोड़ रुपये था. यह 2021-2022 के दौरान जारी किया गया था.

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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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