BMC Elections Result : 227 वार्डों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इसमें भाजपा ने 89 वार्डों में जीत दर्ज की है. शिवसेना (यूबीटी) को 65 और शिवसेना को 29 वार्ड मिले हैं. कांग्रेस ने 24 वार्ड जीते हैं. वहीं AIMIM को 8, मनसे को 6, एनसीपी को 3, सपा को 2 और एनसीपी (एसपी) को 1 वार्ड मिला है.
BMC चुनाव क्यों होता है खास
एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी बीएमसी का बजट करीब 74 हजार करोड़ रुपये है. साल 1997 से 2017 तक मुंबई नगर निगम पर बिना बंटी शिवसेना का शासन रहा. उस समय भाजपा उसकी सहयोगी पार्टी थी. बीएमसी का बजट इतना बड़ा है कि यह गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है.

| राज्य | बजट |
|---|---|
| हिमाचल प्रदेश | ₹58,514 करोड़ |
| अरुणाचल प्रदेश | ₹39,842 करोड़ |
| त्रिपुरा | ₹31,412 करोड़ |
| गोवा | ₹28,162 करोड़ |
| सिक्किम | ₹16,000 करोड़ |
मेयर का चुनाव करने का तरीका क्या?
1. बीएमसी में अलग-अलग वार्डों से चुनकर कुल 227 पार्षद आते हैं.
2. इन पार्षद को मुंबई में नगर सेवक या फिर कॉरपोरेटर कहा जाता है.
3. जिस भी पार्टी का बहुमत होता है, वह मेयर पद की उम्मीदवारी में सबसे बड़ा दावेदार होता है.
4. नगर निकाय चुनाव में जीतकर आने वाले पार्षद ही मेयर के चुनाव में भाग लेते हैं.
मेयर का कार्यकाल कितने साल का होता है?
मेयर का कार्यकाल 2.5 साल का होता है. पार्षद 5 साल के लिए चुने जाते हैं. एक मेयर का कार्यकाल पूरा होने के बाद दूसरे मेयर को चुना जाता है.
यह भी पढ़ें : BMC Election Result 2026: ठाकरे परिवार के गढ़ में बीजेपी की सेंध, 118 सीटों पर जीत, BMC में महायुति का होगा मेयर
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार शाम को कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाला महायुति गठबंधन 29 में से मुंबई सहित 25 नगर निगमों में सत्ता बनाने की स्थिति में है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई निकाय चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने के लिए मुंबई की जनता का धन्यवाद किया और इसे उनका “आशीर्वाद” बताया.

