कर्नाटक में धर्मांतरण रोधी कानून हटाने से बौखलायी बीजेपी, कांग्रेस को बताया नयी मुस्लिम लीग
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कहा कि कर्नाटक में धर्मांतरण माफिया ने यह सुनिश्चित किया है कि भाजपा सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण विरोधी कानून को हिंदू विरोधी कांग्रेस निरस्त कर दे. रवि ने आरोप लगाया, कांग्रेस नयी मुस्लिम लीग है और यह हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जाएगी.
कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य से धर्मांतरण रोधी कानून को निरस्त कर दिया है. इस कानून की पूर्व की बीजेपी सरकार द्वारा लाया गया था. इधर कानून निरस्त किये जाने पर बीजेपी ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
बीजेपी ने कांग्रेस को बताया, नयी मुस्लिम लीग
धर्मांतरण रोधी कानून को निरस्त से बौखलायी बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और मल्लिकार्जुन खरगे नीत कांग्रेस को नयी मुस्लिम लीग करार दिया. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बीआर पाटिल ने ट्विटर पर सवाल किया, राहुल गांधी, क्या यह मोहब्बत की दुकान है? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का हिंदू विरोधी एजेंडा सामने आ गया है. उन्होंने कहा, क्या आप चाहते हैं कि हिंदुओं का सफाया हो जाए? धर्मांतरण माफिया ने सिद्धारमैया और उनके मंत्रिमंडल को भाजपा द्वारा पेश धर्मांतरण विरोधी कानून को वापस लेने के लिए प्रभावित किया है.
कांग्रेस हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जाएगी
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीटी रवि ने कहा कि कर्नाटक में धर्मांतरण माफिया ने यह सुनिश्चित किया है कि भाजपा सरकार द्वारा लाए गए धर्मांतरण विरोधी कानून को हिंदू विरोधी कांग्रेस निरस्त कर दे. रवि ने आरोप लगाया, कांग्रेस नयी मुस्लिम लीग है और यह हिंदुओं को नुकसान पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जाएगी.
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धर्मांतरण रोधी कानून 2022 में हुआ था लागू
कानून और संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, कैबिनेट ने धर्मांतरण विरोधी विधेयक पर चर्चा की. हमने 2022 में तत्कालीन (भाजपा) सरकार द्वारा किए गए परिवर्तनों को रद्द करने के लिए विधेयक को मंजूरी दे दी है. इसे तीन जुलाई से शुरू होने वाले सत्र में पेश किया जाएगा. कांग्रेस के विरोध के बीच ‘कर्नाटक धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का संरक्षण कानून (धर्मांतरण रोधी कानून)’ 2022 में लागू हुआ था. मौजूदा अधिनियम में धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार की सुरक्षा के साथ ही बलपूर्वक, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती, प्रलोभन या धोखाधड़ी से धर्मांतरण पर रोक का प्रावधान है.
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By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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