35 साल में लोकसभा में कई गुना मजबूत हुई बीजेपी, 2 सीट से हुई थी सफर की शुरुआत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 26 Dec 2023 7:22 PM

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साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 303 सीटों पर जीत दर्ज की थी. सबसे खास बात की बीजेपी की शुरुआत महज दो सीटों से हुई थी. लेकिन 35 साल के लंबे संघर्ष में बीजेपी ने फर्श से अर्श तक का सफर तय कर लिया है.

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राजनीतिक गलियारों में बीजेपी की स्थापना युगांतकारी घटना मानी जाती है. यूं तो इसकी स्थापना 1980 में हुई थी लेकिन इसकी बुनियाद स्वतंत्रता सेनानी श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में ही भारतीय जनसंघ बनाकर कर दी थी. जनसंघ की तरह बीजेपी की शुरुआत काफी कठिनाइयों वाला रहा. 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश में जो आम चुनाव हुए थे उसमें बीजेपी को महज दो सीटें मिली थी.

बीजेपी ने उठाया राम मंदिर का मुद्दा
बीजेपी की स्थापना के बाद अटल बिहारी वाजपेयी इसके पहले अध्यक्ष बने थे. इसके बाद 1986 में अध्यक्ष पद की कमान लालकृष्ण आडवाणी के हाथ में आयी. आडवाणी ने अयोध्या में राम मंदिर का मुद्दा पूरे देश में जोर-शोर से उठाया. साथ ही इसके निर्माण की मांग को लेकर राम जन्मभूमि आंदोलन छेड़ दिया. रथ यात्राएं निकाली गई. बीजेपी ने भगवान राम को सबसे बड़ी चुनावी मुद्दा बना दिया. यहीं मुद्दा बीजेपी के लिए बाद में वरदान साबित हुई. 1989 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 86 सीटों पर जीत दर्ज की. 1991 के चुनाव में बीजेपी देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. बीजेपी ने 120 सीटों पर जीत का परचम लहरा दिया.

हालांकि 2004 में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद 2009 में फिर भी बीजेपी की हार का सिलसिला जारी रहा. कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए गठबंधन से बीजेपी लीड एनडीए चुनाव हार गयी. इसके बाद साल 2014 के चुनाव में बीजेपी ने गुजरात के सीएम रहे नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकसभा का चुनाव लड़ा. इसी साल से बीजेपी में मोदी युग की शुरुआत भी मानी जाती है. मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने को साकार करते हुए बीजेपी ने केंद्र में अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पार किया. 282 सीटें जीतकर बीजेपी ने पहली बार केंद्र में अपने दम पर सरकार बनाई. हालांकि सरकार में एनडीए सहयोगियों को भी शामिल किया गया. वहीं साल 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) में भी पीएम मोदी का जादू चला और बीजेपी ने 303 सीटों पर जीत दर्ज की. 

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YearLegislatureParty leaderSeats ContestedSeats wonChange in seatsPercentage of votesVote swingOutcomeRef.
19848th Lok SabhaLal Krishna Advani2292 / 54127.74%Opposition[1][2]
19899th Lok SabhaLal Krishna Advani22585 / 5458311.36%3.62%Outside support for NF[3]
199110th Lok SabhaLal Krishna Advani477120 / 5453520.11%8.75%Opposition[4]
199611th Lok SabhaAtal Bihari Vajpayee471161 / 5454120.29%0.18%“Government later opposition”[5]
199812th Lok SabhaAtal Bihari Vajpayee388182 / 5452125.59%5.30%Government[6]
199913th Lok SabhaAtal Bihari Vajpayee339182 / 54523.75%1.84%Government[7]
200414th Lok SabhaAtal Bihari Vajpayee364138 / 5434422.16%1.69%Opposition[8]
200915th Lok SabhaLal Krishna Advani433116 / 5432218.80%3.36%Opposition[9]
201416th Lok SabhaNarendra Modi425282 / 54316631.34%12.54%Government[10]
201917th Lok SabhaNarendra Modi437303 / 5432137.46%6.12%Government[11]
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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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