Rajasthan Election: राजस्थान में भी बीजेपी चौंका देगी सबको? जानें उम्मीदवारों के चयन पर क्या बोले प्रहलाद जोशी
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 26 Sep 2023 10:09 PM
Rajasthan Election 2023 : राजस्थान में भी क्या बीजेपी मध्य प्रदेश की तरह उम्मीदवारों का चयन करके सबको चौंकाने वाली है. केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी का बयान उम्मीदवारों के चयन पर आया है. जानें उन्होंने क्या कहा
Rajasthan Election 2023 : मध्य प्रदेश में चुनाव के पहले बीजेपी ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करके सबको चौंका दिया है. इसके बाद सबकी नजर राजस्थान पर टिक गई है. इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा जल्द ही करेगी. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में बीजेपी की दूसरी लिस्ट के बाद घमासान बचा हुआ है. दरअसल इस लिस्ट में तीन केंद्रीय मंत्रियों के अलावा चार सांसदों और महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का नाम भी शामिल है. इन दिग्गजों को बीजेपी ने चुनावी समर में उतारा है.
राजस्थान में बीजेपी के उम्मीदवारों की लिस्ट का सभी को बेसब्री से इंतजार है. इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि बीजेपी राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की घोषणा जल्द ही करेगी. इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप लगाया. गौर हो कि राजस्थान में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं और जोशी बीजेपी के राजस्थान चुनाव प्रभारी भी हैं.
टिकट के बारे में बैठक करेंगे तब चर्चा होगी
बीजेपी द्वारा मध्य प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर प्रहलाद जोशी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में जब टिकट के बारे में बैठक करेंगे तब इसकी चर्चा होगी और टिकट की घोषणा बहुत जल्दी होगी. पार्टी ने जिन लोगों को मध्यप्रदेश में टिकट दिया है वे “उस प्रदेश के नेता हैं.. और कांग्रेस पार्टी के पास नेता नहीं है.. कांग्रेस पार्टी की यह समस्या है. जोशी ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर प्रदेश की प्रतिष्ठा धूमिल करने का आरोप लगाया और कहा कि मुख्यमंत्री का प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं है. उन्होंने सीकर में नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या, हनुमानगढ़ में युवती द्वारा आत्महत्या की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि सारी दुनिया में राजस्थान की जो इज्जत है, जो प्रतिष्ठा है.. वह प्रतिष्ठा खराब हो रही है.. मुख्यमंत्री राजस्थान की प्रतिष्ठा को खराब कर रहे हैं. मुख्यमंत्री का प्रशासन पर कोई नियंत्रण नहीं है.
राहुल गांधी ने राजस्थान में हार स्वीकार की
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हम प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेंगे. राहुल गांधी ने स्वयं स्वीकारा है कि राजस्थान में हम हार रहे हैं…जोशी ने मंगलवार को यहां प्रदेश पदाधिकारियों सहित प्रदेश के सभी जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारियों की बैठक ली.
क्या कहा था राहुल गांधी ने
पिछले दिनों कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बयान आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि अभी तक कांग्रेस निश्चित रूप से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव जीत रही है, संभवत: वह तेलंगाना में भी जीत दर्ज करेगी और राजस्थान में ‘‘बेहद करीबी’’ मुकाबला हो सकता है.
2018 के चुनाव के बाद बनी थी कांग्रेस की सरकार
गौर हो कि राजस्थान में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं. बीजेपी और मौजूदा कांग्रेस की सरकार के बीच सीधी जंग इस चुनाव में देखने को मिल सकती है. 2018 में 200 सदस्यीय सदन में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं जबकि बीजेपी 73 सीट पर सिमट गयी थी. अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने निर्दलीय और बसपा के समर्थन से सरकार बनाई थी और सूबे की कमान अशोक गहलोत के हाथों में दी गयी थी. सरकार ने अपने पांच साल पूरे कर रही है.
क्या है राजस्थान का ट्रेंड
पिछले छह विधानसभा चुनाव का इतिहास को उठाकर देख लें तो राजस्थान का ट्रेंड समझ में आ जाता है. जनता हर साल सरकार बदल देती है.
1. अशोक गहलोत (कांग्रेस)-17 दिसंबर 2018 से अबक
2. वसुंधरा राजे सिंधिया(बीजेपी)-13 दिसंबर 2013 से 16 दिसंबर 2018
3. अशोक गहलोत (कांग्रेस)-12 दिसंबर 2008 से 13 दिसंबर 2013
4. वसुंधरा राजे सिंधिया (बीजेपी)-08 दिसंबर 2003 से 11 दिसंबर 2008
5. अशोक गहलोत(कांग्रेस)-01 दिसंबर 1998 से 08 दिसंबर 2003
6. भैरों सिंह शेखावत(बीजेपी)-04 दिसंबर 1993 से 29 नवंबर 1998
भाषा इनपुट के साथ
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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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