बाथरूम में छात्रा का वीडियो बनाने की घटना के विरोध में आयी बीजेपी, महिला आयोग की सदस्य खुशबू सुंदर करेंगी जांच

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य खुशबू सुंदर इस घटना का पूरा सच जानने के लिए कर्नाटक के उडुपी जा रही हैं. इस घटना के सामने आने के बाद वीडियो बनाने वाली तीन छात्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
कर्नाटक के एक पैरामेडिकल कॉलेज के शौचालय में एक छात्रा का वीडियो बनाने के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है और राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य खुशबू सुंदर मामले की पूरी जानकारी लेने के लिए उडुपी रवाना हो गयी है. जानकारी के अनुसार उडुपी के एक पैरामेडिकल कॉलेज के शौचालय में एक छात्रा का वीडियो उसकी सहपाठियों ने ही बनाया है. इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में तनाव है.
Heading to Udupi to look into the issue where girls were filmed in a washroom by their fellow girl college mates. It is extremely saddening to see children indulging in such activities. As a @NCWIndia member, I will be looking into the matter, speaking with the students, meeting…
— KhushbuSundar (@khushsundar) July 26, 2023
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य खुशबू सुंदर इस घटना का पूरा सच जानने के लिए कर्नाटक के उडुपी जा रही हैं. इस घटना के सामने आने के बाद वीडियो बनाने वाली तीन छात्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. जिन लड़कियों ने वीडियो बनाया है और जिस लड़की का वीडियो बनाया गया है, वे लोग अलग-अलग समुदाय से आती हैं, यही वजह है कि इस मामला राजनीतिक हो गया है.
वीडियो बनाने वाली तीनों छात्रों को ‘नेत्र ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ अलाइड हेल्थ साइंसेज’ से निलंबित कर दिया गया है. इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि यह बेहद दुखद है. बीजेपी ने मामले को लेकर अपना आक्रोश जताया है और वीडियो बनाने की तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है और वृहस्पतिवार को राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन की घोषणा की है.
खुशबू सुंदर ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि इस मुद्दे का सच जानने के लिए उडुपी जा रही हूं, जहां कॉलेज के शौचालय में एक छात्रा का उसकी सहपाठी छात्राओं ने वीडियो बनाया था. ऐसी गतिविधियों में बच्चों को शामिल होते देखना बेहद दुखद है. एक महिला आयोग के सदस्य के रूप में मैं मामले को देखूंगी, छात्रों से बात करूंगी, पुलिस से मिलकर कॉलेज का भी दौरा करूंगी. महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को नहीं है.
बाॅथरूम में लड़की का वीडियो सामने आने के बाद उडुपी जिला पुलिस ने जनता से आग्रह किया है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और अफवाहों से दूर रहें. जानकारी के अनुसार बाथरूम में छिपा हुआ कैमरा रखा गया था जिससे वीडियो बनाया गया है. उडुपी में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक अक्षय ने कहा कि पुलिस ने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से एक स्पष्टीकरण जारी किया है कि कुछ लोग अन्य स्थानों घटी घटना को भी उडुपी में हुई घटना से जोड़ रहे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है, इसलिए जनता सावधान रहे.
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लेखक के बारे में
By रजनीश आनंद
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.
राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.
रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.
आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.
रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.
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