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क्या है भीलवाड़ा मॉडल, जिसे Covid19 से निबटने के लिए पूरे देश में लागू करने की हो रही तैयारी

Updated at : 06 Apr 2020 3:44 PM (IST)
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क्या है भीलवाड़ा मॉडल, जिसे Covid19 से निबटने के लिए पूरे देश में लागू करने की हो रही तैयारी

bhilwara model to eliminate covid19 नयी दिल्ली : कोरोना वायरस के संक्रमण से निबटने के लिए पूरे देश में भीलवाड़ा मॉडल लागू होने वाला है. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) नयी दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने सरकार को चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है. कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ रहा है. इसलिए पूरे देश में भीलवाड़ा मॉडल लागू कर दिया जाना चाहिए. इसके बाद से लोग जानने को उत्सुक हैं कि भीलवाड़ा मॉडल आखिर है क्या?

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नयी दिल्ली : कोरोना वायरस के संक्रमण से निबटने के लिए पूरे देश में भीलवाड़ा मॉडल लागू होने वाला है. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) नयी दिल्ली के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने सरकार को चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस तीसरे स्टेज में पहुंच चुका है. कम्युनिटी ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ रहा है. इसलिए पूरे देश में भीलवाड़ा मॉडल लागू कर दिया जाना चाहिए. इसके बाद से लोग जानने को उत्सुक हैं कि भीलवाड़ा मॉडल आखिर है क्या?

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दरअसल, भीलवाड़ा में राजस्थान का पहला कोरोना मरीज मिला था. इसके बाद वहां राज्य सरकार ने तेजी से जांच शुरू की और सभी संदिग्ध लोगों को आइसोलेट कर दिया. जिला प्रशासन ने 3 अप्रैल से भीलवाड़ा में 10 दिन की बंद को पूरी सख्ती से लागू किया. इसके लिए एनजीओ व मीडिया को जारी पास भी निरस्त कर दिये गये.

भीलवाड़ा राजस्थान में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों के कारण चर्चा में आया था. राज्य के 30 प्रतिशत से अधिक मामले इसी शहर में आये थे. शहर के लोगों से इस दौरान पूरी तरह से घरों में रहने को कहा गया और जिला प्रशासन ने सभी जरूरी सेवाएं घरों पर ही देने की समय सारिणी बना दी.

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भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने स्पष्ट कह दिया कि तीन अप्रैल से 10 दिन के लिए लोगों को घरों में ही रहना होगा. उन्होंने कहा कि आवश्यक सामान खरीदते समय भी लोगों को ‘सामाजिक दूरी’ का कड़ाई से पालन करना होगा, अन्यथा सामान आपूर्ति करने वाली वैन को वहां से हटा लिया जायेगा. फिर यह वैन या वाहन पांच दिन बाद ही आयेगा.

प्रशासन की सख्ती के बाद भीलवाड़ा में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों में तेजी से कमी आयी. कलेक्टर ने कहा था कि अगर लोग आने वाले दिनों में अनुशासन में रहेंगे और प्रशासन का सहयोग करेंगे, तो हम कोरोना वायरस संकट पर जीत हासिल करेंगे.

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राज्य में 31 मार्च तक कुल 3,447 सैंपल लिये गये थे, जिनमें से 1,194 अकेले भीलवाड़ा से थे. स्वास्थ्य टीमों ने जिले की 26 लाख से अधिक आबादी की जांच की. भीलवाड़ा में दो सर्वेक्षणों में 3.74 लाख लोगों की जांच की गयी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 22.22 लाख लोगों की. भीलवाड़ा राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के कारण राज्य सरकार के लिए चिंता का कारण बन गया था.

दरअसल, यहां एक निजी अस्पताल के तीन डॉक्टरों और नौ नर्सिंग स्टाफ कोरोना पॉजिटिव पाये गये थे. इसके बाद जो भी मामले सामने आये, उनमें से ज्यादातर या तो इस अस्पताल के कर्मचारी थे या यहां इलाज कराने आये थे. मामले सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जिले में कर्फ्यू लगा दिया और जिले की सीमाओं को सील करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सर्वेक्षण और स्क्रीनिंग की थी.

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Mithilesh Jha

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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