'बजरंग बली की जय बोलने में हमें कोई तकलीफ नहीं', जानें क्या बोले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 06 May 2023 12:30 PM
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले कह चुके हैं कि यदि जरूरत होगी तब छत्तीसगढ़ में भी परिस्थिति के अनुसार बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा सकता है. जानें अब क्या बोले भूपेश बघेल
बजरंग बली के नाम पर राजनीति जारी है. इस क्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि बजरंग बली की जय बोलने में हमें कोई तकलीफ नहीं है. इन्होंने (भाजपा) कभी यहां रामायण कराई, कौशल्या माता का मंदिर बनवाया? हमने यहां रामायण कराई है. नरेंद्र मोदी जी 40% कमीशन, अडानी, अरुणाचल प्रदेश हिंसा आदि पर क्यों नहीं बोल रहे?
आपको बता दें कि कर्नाटक चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से जारी घोषणा पत्र के बाद राजनीति जारी है. इसमें बजरंग दल पर बैन लगाने की बात की गयी है. हालांकि इसके बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं ने मामले पर सफाई दी है. उनकी ओर से कहा गया है कि कांग्रेस बजरंग बली के खिलाफ नहीं है. भाजपा की ओर से जान बूझकर मामले को तूल दिया जा रहा है.
यहां चर्चा कर दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले कह चुके हैं कि यदि जरूरत होगी तब छत्तीसगढ़ में भी परिस्थिति के अनुसार बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने पर विचार किया जा सकता है. सीएम बघेल ने कुछ दिन पूर्व एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात की और कहा कि बजरंग दल पर प्रतिबंध (कर्नाटक में) लगाने का वादा किया गया है. बजरंगबली हनुमान पर नहीं…. बजरंगबली हमारे आराध्य हैं. वह बजरंग नाम जोड़कर गुंडागर्दी कर रहे हैं, यह तो उचित नहीं है.
बजरंग बली की जय बोलने में हमें कोई तकलीफ नहीं है। इन्होंने (भाजपा) कभी यहां रामायण कराई, कौशल्या माता का मंदिर बनवाया? हमने यहां रामायण कराई है… मोदी जी 40% कमीशन, अडानी, अरुणाचल प्रदेश हिंसा आदि पर क्यों नहीं बोल रहे?: छत्तीसगढ़ CM भूपेश बघेल, रायपुर pic.twitter.com/sAFYCsKmeY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 6, 2023
जब बघेल से सवाल किया गया कि क्या छत्तीसगढ़ में भी इस संगठन पर पाबंदी लगाई जा सकती है, तब उन्होंने कहा कि वहां (कर्नाटक में) क्या हो रहा है वहां के हिसाब से हो रहा है, यहां जो होगा वह यहां की परिस्थिति के हिसाब से होगा. यहां के बजरंगियों ने जब गड़बड़ किया, तब हम लोगों ने ठीक कर दिया. जरूरत पड़ेगी तो यहां भी सोचेंगे.
इधर तेलंगाना में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कर्नाटक कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल पर प्रस्तावित प्रतिबंध के खिलाफ यहां विरोध जताया और कांग्रेस मुख्यालय पर सार्वजनिक रूप से ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ किया. पुलिस की ओर से बताया गया कि भाजपा की युवा शाखा के करीब 20 कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया, लेकिन उन्हें यातायात बाधित होने के मद्देनजर उस स्थान से हटाकर पुलिस थाने में स्थानांतरित करना पड़ा.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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