आयुष्मान आरोग्य मंदिर होगा आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों का नाम, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

Published by : Pritish Sahay Updated At : 26 Nov 2023 9:42 PM

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आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों अब नये नाम से जाना जाएगा.. दरअसल केंद्र की मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर करने का फैसला किया है.

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आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों अब नये नाम से जाना जाएगा.. दरअसल केंद्र की मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर करने का फैसला किया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लागू करने के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र भी भेज दिया है. वहीं, राज्यों को आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र पोर्टल पर नये नाम वाले इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की तस्वीरें अपलोड करने को कहा गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि नये नाम वाले केंद्रों पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का लोगो में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. नये नाम वाले एबी-एचडब्ल्यूसी की नयी टैगलाइन आरोग्यम परमं धनम होगी. गौरतलब है कि 25 नवंबर को भेजे अपने पत्र में मंत्रालय ने कहा कि ये केंद्र रुग्णता से आरोग्यता की ओर की सोच और स्वास्थ्य देखभाल प्रदायगी को ले जाने में सफल रहे हैं. अब एक कदम आगे बढ़ते हुए तथा आयुष्मान भारत के सपने को साकार करने के लिए सक्षम प्राधिकार ने आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्रों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर करने का फैसला किया है. इसकी टैगलाइन आरोग्यम परमं धनम किया गया है.

केंद्र की ओर से दी जाएगी धनराशि

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने पत्र में यह भी कहा गया है कि नया नाम आयुष्मान आरोग्य मंदिर और टैगलाइन आरोग्यम परमं धनम को सभी संचालित एबी-एचडब्ल्यूसी के वर्तमान नाम आयुष्मान भारत-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र की जगह रखा जाए. पत्र के अनुसार यदि ब्रांडिंग के लिए देवनागरी या रोमन के अलावा कोई और लिपियों का इस्तेमाल किया जाना हो तो उस नाम का राज्य की भाषाओं में सटीक अनुवाद किया जा सकता है, लेकिन टैगलाइन का राज्य की भाषाओं में लिप्यांतरण किया जाए. पत्र में वर्तमान केंद्रों के नाम को बदलने के लिए प्रति केंद्र 3000 रुपये की धनराशि भी केंद्र की ओर से दी जाएगी.

भाषा इनपुट से साभार

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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