Axiom Space: अंतरिक्ष में लिखी जाएगी नई इबारत, 10 जून को उड़ान भरेंगे शुभांशु, 28 घंटे की यात्रा के बाद पहुंचेंगे स्पेस

Published by : Pritish Sahay Updated At : 08 Jun 2025 9:04 PM

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Axiom Space Mission, Social Media

Axiom Space: 10 जून को फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से एक्सिओम स्पेस की चौथी मानव अंतरिक्ष उड़ान पर रवाना हो रही है. इस यात्रा में तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी शामिल हो रहे हैं. शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन की तैयारियों को एक अद्भुत यात्रा करार दिया. उन्होंने कहा कि इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा होना उनके लिए सौभाग्य की बात है.

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Axiom Space: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला समेत तीन अन्य सदस्य 10 जून को फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से एक्सिओम स्पेस की चौथी मानव अंतरिक्ष उड़ान पर रवाना होंगे. सभी सदस्य करीब 28 घंटे की यात्रा के बाद 11 जून को भारतीय समयानुसार रात करीब 10 बजे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचेंगे. एक्सिओम-4 मिशन के पायलट शुभांशु शुक्ला के अलावा अन्य चालक दल में पोलैंड से स्लावोस्ज उजनांस्की-विस्नीवस्की और हंगरी से टिबोर कापू और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पैगी व्हिटसन शामिल हैं.
इस प्रक्षेपण के साथ ही शुक्ला लगभग चार दशक बाद अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले दूसरे भारतीय बन जाएंगे. राकेश शर्मा ने 1984 में रूस के सोयूज अंतरिक्ष यान से अंतरिक्ष की यात्रा की थी.

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक नासा यात्रा को लेकर कहा है कि फाल्कन 9 रॉकेट के जरिये प्रक्षेपण के बाद चालक दल नए स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान पर परिक्रमा प्रयोगशाला की यात्रा करेगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी नारायणन ने अंतरिक्ष उड़ान की तैयारियों की समीक्षा के लिए बीते सप्ताह एक्सिओम स्पेस का दौरा किया था. यात्रा की तैयारी के लिए अंतरिक्ष यात्री 25 मई से ही अलग रह रहे हैं. 10 जून को प्रक्षेपण से पहले सभी तरह की प्रशिक्षण ले रहे हैं.एक्सिओम स्पेस ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा “एक्स-4 चालक दल व्यापक प्रशिक्षण प्राप्त करता है, जिसमें पानी के नीचे से बच निकलने के अभ्यास जैसे कई प्रशिक्षण शामिल हैं.”

बेहद भाग्यशाली महसूस कर रहा हूं- शुभांशु शुक्ला

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की अपनी ऐतिहासिक यात्रा से पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने एक्सिओम-4 मिशन की तैयारियों को एक अद्भुत यात्रा करार दिया. उन्होंने कहा कि इस बेहद महत्वपूर्ण परियोजना का हिस्सा होना उनके लिए सौभाग्य की बात है. भारतीय वायुसेना के पायलट चालक दल के तीन अन्य सदस्यों के साथ स्पेसएक्स के ड्रैगन अंतरिक्ष यान से आईएसएस की यात्रा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. यह अंतरिक्ष यान फाल्कन 9 रॉकेट के जरिये मंगलवार को भारतीय समयानुसार शाम पांच बजकर 52 मिनट पर फ्लोरिडा के कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरेगा. शुभांशु शुक्ला ने प्रक्षेपण से पहले एक्सिओम स्पेस की ओर से जारी एक वीडियो में कहा “यह एक अद्भुत यात्रा रही है; ये ऐसे क्षण हैं, जो वास्तव में आपको एहसास कराते हैं कि आप किसी ऐसी चीज का हिस्सा बन रहे हैं, जो आपसे कहीं बड़ी है. मैं केवल इतना कह सकता हूं कि इसका हिस्सा बनकर मैं कितना भाग्यशाली हूं.”

अंतरिक्ष में क्या करेंगे शुभांशु शुक्ला?

शुभांशु शुक्ला नासा के सहयोग से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) के बीच सहयोग के तहत विकसित विशेष खाद्य और पोषण संबंधी प्रयोगों का संचालन करने के लिए तैयार हैं. इन प्रयोगों का मकसद भविष्य में लम्बी अवधि की अंतरिक्ष यात्रा के लिए जरूरी अंतरिक्ष पोषण और आत्मनिर्भर जीवन समर्थन प्रणालियों का विकास करना है. इसरो ने शुक्ला के लिए सात प्रयोगों की एक श्रृंखला तैयार की है जो नासा की ओर से अपने मानव अनुसंधान कार्यक्रम के लिए नियोजित पांच संयुक्त अध्ययनों में भी भाग लेंगे. शुक्ला ने कहा कि एक्सिओम मिशन 4 के अनुभव का उपयोग गगनयान मिशन में बहुत अच्छी तरह से किया जाएगा, जिसकी योजना 2027 के लिए बनाई गई है. इसरो एक्सिओम-4 मिशन पर 550 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है.

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Pritish Sahay

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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