बाल विवाह पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का चलेगा चाबुक, अगले 10 दिन में 3,000 लोग किए जाएंगे गिरफ्तार
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 Sep 2023 12:25 PM
Guwahati: Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma addresses a press conference, in Guwahati, Wednesday, Sept. 6, 2023. (PTI Photo) (PTI09_06_2023_000123B)
सीएम सरमा ने कहा कि यदि कोई लड़की 12 साल में मां बन जाती है, तो क्या यह शोषण नहीं है क्या? अगर एक आदमी चार शादियां करता है तो क्या यह शोषण नहीं है क्या? जानें असम के सीएम ने क्या दी है चेतावनी
गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को ऐसी बात कह दी है जिससे कई लोग टेंशन में आ गये हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि बाल विवाह में शामिल होने के आरोप में अगले 10 दिनों में प्रदेश में 3,000 लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा. रविवार को गुवाहाटी में बीजेपी महिला मोर्चा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के समापन अवसर पर सरमा ने उक्त बातें कही.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वह बाल विवाह पर कार्रवाई का दूसरा दौर शुरू करने के लिए जी20 शिखर सम्मेलन के समापन का इंतजार कर रहे थे. आपको बता दें कि जी20 का समापन दस सितंबर को हो गया है. आगे उन्होंने कहा कि केवल छह महीने पहले, असम में बाल विवाह के लिए 5,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इसे G20 शिखर सम्मेलन के पूरा होने तक रोक कर रखा गया था. अगले 10 दिनों में, इसी अपराध के लिए 2,000 से 3,000 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा.
बाल विवाह को समाप्त करने की जरूरत
सीएम सरमा ने कहा कि यदि कोई लड़की 12 साल में मां बन जाती है, तो क्या यह शोषण नहीं है क्या? अगर एक आदमी चार शादियां करता है तो क्या यह शोषण नहीं है क्या? बाल विवाह और बहुविवाह के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सीएम सरमा ने साफ तौर पर कहा कि बाल विवाह को समाप्त करने की जरूरत है. फरवरी में बाल विवाह पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई के पहले दौर में, राज्य पुलिस ने राज्य भर से सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया था. इनमें परिवार के सदस्य और मौलवी भी शामिल थे, जिन्होंने इन अनधिकृत शादियों को संपन्न कराया था.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए कानून पहले ही बनाया जा चुका है. यदि सामाजिक खतरा बना रहा तो एक विशेष वर्ग की बेटियां कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगी. उनका बार-बार शोषण किया जाएगा. कुछ लोग कहते हैं कि हम मुस्लिम विरोधी हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. तीन तलाक, बहुविवाह और बाल विवाह को समाप्त करने का हमारा प्रयास है. हमने मुसलमानों के लिए किसी भी कांग्रेस सरकार की तुलना में कहीं अधिक काम किया है. उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुसलमानों को कांग्रेस अपना वोट बैंक समझती है. कई इस्लामिक देशों ने पहले ही ‘बुरी प्रथाओं’ को समाप्त करने का काम किया है. कांग्रेस नेता राहुल और सोनिया गांधी भारत में ऐसी ‘बुरी प्रथाओं’ को खत्म करने के कदम का विरोध करते हैं.
कांग्रेस की तुलना में मुसलमानों के लिए बीजेपी कर रही है ज्यादा काम
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने दावा किया है कि बीजेपी की सरकार मुसलमानों के कल्याण के लिए पिछली कांग्रेस सरकारों की तुलना में ज्यादा काम कर रही है. कांग्रेस मुस्लिम समुदाय को सिर्फ ‘वोट बैंक’ मानती है जबकि बीजेपी उन्हें, खासकर, महिलाओं को शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए काम कर रही है. उन्होंने कहा कि असम सरकार बहुविवाह पर रोक लगाने के लिए दिसंबर तक एक कानून लाएगी, जबकि बाल विवाह पर तीव्र कार्रवाई का एक और दौर कुछ दिनों में शुरू किया जाएगा.
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हिंदू धर्म जातिवाद का समर्थन नहीं करता
सनातन धर्म पर तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन की हालिया टिप्पणियों का जिक्र करते हुए सीएम सरमा ने कहा कि हिंदू धर्म जातिवाद का समर्थन नहीं करता और जातिवाद के अंतिम प्रतीकों को भी खत्म किया जा रहा है. उन्होंने स्टालिन के ‘दूसरे धर्म’ को खत्म करने का आह्वान नहीं करने पर सवाल उठाया जो महिलाओं के खिलाफ भेदभाव करता है और पुरुषों को कई शादी करने की अनुमति देता है. उन्होंने कहा कि मैंने उनसे कहा- हिंदू धर्म, इस्लाम, ईसाई धर्म को खत्म करने के बारे में मत बोलो… बल्कि हिंदू धर्म में जातिवाद और इस्लाम में बहुविवाह और (तीन) तलाक को खत्म करो.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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