Assam Coal Mine: 'भरता जा रहा था पानी, जान बचाने में जुटे थे हम', हादसे के समय खदान के अंदर रहे मजदूर ने बताया का आंखों देखा हाल, Video

Published by : Pritish Sahay Updated At : 09 Jan 2025 9:50 PM

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MP Coal Mine Accident, Symbolic Image

Assam Coal Mine: खदान ने बाहर आए मजदूर राजीव बर्मन में बताया कि वो खुद 300 फीट की गहराई पर काम कर रहा था. सोमवार को ही खदान में काम शुरू हुआ था. राजीव ने बताया कि जब खदान में पानी भरने लगा तो कुछ समझ नहीं आने लगा की क्या करें.

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Assam Coal Mine: गुवाहाटी से करीब 250 किलोमीटर दूर उमरंगसो क्षेत्र में सोमवार को 3 किलो कोयला खदान में अचानक पानी भर जाने के कारण कई मजदूर उसमें फंस गए हैं. खदान से एक खनिक का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि आठ मजदूर अब भी लापता हैं. लापता मजदूरों की खोजबीन में भारतीय सेना, असम राइफल्स, NDRF, SDRF टीमों और अन्य एजेंसियों दिन रात जुटी हुई हैं. 6 जनवरी से ही 3 किलो उमरंगसो क्षेत्र में संयुक्त बचाव अभियान चल रहा है. कोयला खदान में हुई घटना पर मजदूर और प्रत्यक्षदर्शी ने आंखों देखा हाल बताया. राजीव बर्मन नाम के खनिक ने कहा कि जब खदान में पानी भरने लगा तो कुछ लोगों ने तैरने की कोशिश की. कुछ ने रस्सियां और जंजीर पकड़ने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि मेरे तीन दोस्त अभी भी खदान के अंदर फंसे हुए हैं. हम 300 फीट की गहराई पर काम कर रहे थे. पानी भरने लगा तो हमे कुछ समझ नहीं आ रहा था. हम बस भगवान से सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना करते रहे.

मजदूर ने बताया आंखों देखा हाल

खदान ने बाहर आए मजदूर राजीव बर्मन में बताया कि वो खुद 300 फीट की गहराई पर काम कर रहा था. सोमवार को ही खदान में काम शुरू हुआ था. जब खदान में पानी भरने लगा तो सभी मजदूर बचने के लिए उपाय करने लगे. राजीव ने बताया कि सभी मजदूर जान बचाने के लिए खदान से बाहर निकलने की कवायद करने लगे.

खदान में जारी है बचाव अभियान

असम के दीमा हसाओ जिले में स्थित 3 किलो माइन में अभी भी 8 मजदूर फंसे हुए हैं. सोमवार को खदान दुर्घटना के बाद मजदूर उसमें फंस गये हैं. इधर, खदान में फंसे खनिकों का पता लगाने के लिए गुरुवार को चौथे दिन भी बचाव अभियान जारी है. असम पुलिस ने बताया कि पूरी रात पानी निकालने के बाद गुरुवार को तलाश अभियान फिर से शुरू किया गया. रिमोट से संचालित वाहन पानी से भरे शाफ्ट के अंदर भेजा गया. हालांकि अभी तक आरओवी को कुछ भी पता नहीं चला है. यह अत्यंत प्रतिकूल और कठिन परिस्थिति के बावजूद, अंदर फंसे खनिकों का पता लगाने की बहुत कोशिश कर रहा है. अंदर का पानी पूरी तरह से काला हो गया है जिसकी वजह से कुछ भी खोजने में समस्या हो रही है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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