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अरूणाचल प्रदेश में चीन को सबक सिखाने के लिए सेना ने तैनात की एल 70 विमान रोधी तोपें, ये है खासियत...

Updated at : 20 Oct 2021 9:29 PM (IST)
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अरूणाचल प्रदेश में चीन को सबक सिखाने के लिए सेना ने तैनात की एल 70 विमान रोधी तोपें, ये है खासियत...

भारतीय सेना की ओर से यह जानकारी दी गयी है कि ऊंचे पर्वतों पर अच्छी खासी संख्या में उन्नत एल-70 विमानों को मार गिराने में सक्षम तोपों को तैनात किया गया है. अरुणाचल प्रदेश के सीमाई क्षेत्रों में सेना की एम-777 होवित्जर और स्वीडिश बोफोर्स तोपें पहले से तैनात हैं.

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अरुणाचल प्रदेश में चीन की बढ़ी हुई गतिविधि को देखते हुए भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क हो गयी है और किसी भी नापाक हरकत का जवाब देने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है. गोले बरसाने की अपनी क्षमता को बढ़ाते हुए भारतीय थल सेना ने अरूणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर एल -70 विमान को मारन गिराने में सक्षम तोपों को तैनात किया है.

भारतीय सेना की ओर से यह जानकारी दी गयी है कि ऊंचे पर्वतों पर अच्छी खासी संख्या में उन्नत एल-70 विमानों को मार गिराने में सक्षम तोपों को तैनात किया गया है. अरुणाचल प्रदेश के सीमाई क्षेत्रों में सेना की एम-777 होवित्जर और स्वीडिश बोफोर्स तोपें पहले से तैनात हैं. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. PTI न्यूज की ओर से यह जानकारी दी गयी है.

दुर्गम क्षेत्र में 3.5 किमी की रेंज वाली विमान रोधी तोपों की तैनाती इसलिए की जा रही क्योंकि चीन ने सीमा से लगे इलाकों में अपनी गतिविधि बढ़ा दी है और गलवान घाटी की झड़प के बाद भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है और चीन को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी में है.

सेना ने वहां अच्छी खासी संख्या में एम-777 होवित्जर तोपें तैनात कर रखी हैं, जिन्हें तीन साल पहले हासिल किया गया था. किसी भी इमरजेंसी से निपटने की तैयारियों के तहत, थल सेना की इकाइयां प्रतिदिन के आधार पर सैन्य अभ्यास कर रही है.

सैन्य अधिकारियों ने बताया कि एडवांस एल 70 तोप समूचे एलएसी पर अन्य कई प्रमुख संवेदनशील मोर्चें के अतिरिक्त अरूणाचल प्रदेश में कइ प्रमुख स्थानों पर करीब दो-तीन महीने पहले तैनात की गई थी और उनकी तैनाती से सेना के गोले बरसाने की क्षमता काफ बढ़ी है.

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आर्मी एयर डिफेंस की कैप्टन एस अब्बासी ने बताया ये तोपें सभी मानवरहित वायु यान, मानवरहित लड़ाकू यान, हमलावर हलीकॉप्टर और आधुनिक विमान को गिरा सकती हैं. ये तोपें सभी मौसम में काम कर सकती हैं. इनमें दिन-रात काम करने वाले टीवी कैमरे, एक थर्मल इमेजिंग कैमरा और एक लेजर रेंज फाइंडर भी लगे हुए हैं. उन्होंने कहा, तोप के गोला दागने की सटीकता बढ़ाने के लिए एक मजल वेलोसिटी रेडार भी लगाया गया है.

Posted By : Rajneesh Anand

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