कतर जा रहे थे खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के पिता, अमृतसर एयरपोर्ट पर रोका गया
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 26 Oct 2023 11:23 AM
amritpal-singh/ file photo
डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में अमृतपाल सिंह बंद है जो उच्च सुरक्षा वाली जेल हैं. अमृतपाल का परिवार गिरफ्तारी के बाद से विभिन्न खुफिया एजेंसियों के रडार पर है.
खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह को लेकर एक खबर आ रही है. जानकारी के अनुसार तरसेम सिंह बुधवार को अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कतर के लिए उड़ान भरने जा रहे थे. इस दौरान उन्हें अधिकारियों ने रोक लिया और विदेश की यात्रा की अनुमति नहीं दी. इस खबर को अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने प्रकाशित की है. खबर में परिवार के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि परिवहन व्यवसाय से जुड़े कुछ लोगों से मिलने के लिए वह कतर जा रहे थे. तरसेम ने विदेश यात्रा से पहले पुलिस को सूचित कर दिया था.
कहां रोका गया अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह को
बताया जा रहा है कि खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह को बुधवार को अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में चढ़ने से रोका. तरसेम से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है, क्योंकि उनसे संपर्क स्थापित करने में सफलता नहीं मिली. वहीं, अमृतसर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सतिंदर सिंह ने टाइम्स ऑफ इंडिया से मामले को लेकर बात की और कहा कि पुलिस ने तरसेम को विमान में चढ़ने से नहीं रोका.
अमृतपाल की पत्नी को भी रोका गया
आपको बता दें कि डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में अमृतपाल सिंह बंद है जो उच्च सुरक्षा वाली जेल हैं. अमृतपाल का परिवार गिरफ्तारी के बाद से विभिन्न खुफिया एजेंसियों के रडार पर है. पिछले दिनों अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर को भी यूके जाने से रोक दिया गया था. अमृतपाल सिंह के फरार होने के बाद और गिरफ्तारी से पहले उनकी पत्नी किरणदीप कौर को भी ब्रिटेन जाने से रोका गया था.
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कौन हैं अमृतपाल सिंह?
उल्लेखनीय है कि अमृतपाल सिंह की उम्र 30 वर्ष है. वह वारिस पंजाब दे के प्रमुख के रूप में भी जाना जाता है. बीते कुछ समय से उसे पंजाब में जरनैल सिंह भिंडरा वाले- 2.0 तक के नाम से जाना जा रहा है. यदि आप नहीं जानते तो बता दें भिंडरावाले ने 1980 के दौरान सिखों के लिए अलग देश खालिस्तान की मांग की थी. मांग करते हुए उन्होंने पूरे पंजाब में तहलका मचा दिया था. भिंडरवाले की ही तरह अमृतपाल सिंह भी जनता को उकसाने के लिए बयान देकर माहौल को गर्म कर देता है. बता दें भिंडरावाले की ही तरह ही अमृतपाल सिंह अपने सर पर एक भारी पगड़ी बांधता है.
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जेल में बंद है खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह
काफी लंबे समय से फरार चल रहे वारिस पंजाब दे के प्रमुख और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह को आखिरकार मोगा पुलिस ने अप्रैल के महीने में हिरासत में ले लिया था. अमृतपाल करीब एक महीने से फरार चल रहा था. अमृतपाल सिंह की तलाश में पुलिस ने पूरे शहर की खाक छान ली थी. पुलिस ने उसे खोज निकालने के लिए कई तरह के तरकीब अपनाये थे. हालांकि, पुलिस की इतनी कोशिशों के बावजूद वो लगातार बचता रहा था. लेकिन, आख़िरकार उसने मोगा पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और अब वह जेल में बंद है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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