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सुनील जाखड़ ने छोड़ी कांग्रेस, चिंतन शिविर के बीच बढ़ी कांग्रेस की टेंशन

Updated at : 14 May 2022 1:15 PM (IST)
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सुनील जाखड़ ने छोड़ी कांग्रेस, चिंतन शिविर के बीच बढ़ी कांग्रेस की टेंशन

अपने मन की बात बोलने के लिए फेसबुक पर LIVE जाने से कुछ घंटे पहले सुनील जाखड़ ने कुछ ऐसा किया जिससे उनके द्वारा पार्टी छोड़ने के कयास लगाये जाने लगे. दरअसल जाखड़ ने अपने ट्विटर बायो से कांग्रेस को हटा दिया था, जो उनकी भविष्य की कार्रवाई के संकेत देने के लिए काफी था.

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एक ओर जहां राजस्‍थान के उदयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर चल रहा है. वहीं दूसरी ओर पार्टी के लिए एक और चिंता की खबर आ गयी है. दरअसल कांग्रेस के दिग्गज नेता सुनील जाखड़ ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर दिया है. पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष जाखड़ ने फेसबुक लाइव करके कहा- गुड लक एंड गुड बाय कांग्रेस…

तीन पीढ़ियों ने की 50 साल तक कांग्रेस की सेवा

पंजाब से असंतुष्ट कांग्रेस नेता सुनील जाखड़ ने फेसबुक लाइव के जरिए पार्टी छोड़ने की घोषणा की. जाखड़ ने कांग्रेस आलाकमान पर गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह को हटाए जाने के बाद मुख्‍यमंत्री की नियुक्ति के मुद्दे पर पंजाब के एक खास नेता की बात पार्टी सुन रही है. सुनील जाखड़ ने आगे कहा कि उनके परिवार की तीन पीढ़ियों ने 50 साल तक कांग्रेस की सेवा की. इसके बाद “पार्टी लाइन पर नहीं चलने” के लिए “पार्टी के सभी पदों को छीन लिया” जाना…मुझे ये ठीक नहीं लगा.

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कारण बताओ नोटिस

अपने मन की बात बोलने के लिए फेसबुक पर LIVE जाने से कुछ घंटे पहले सुनील जाखड़ ने कुछ ऐसा किया जिससे उनके द्वारा पार्टी छोड़ने के कयास लगाये जाने लगे. दरअसल जाखड़ ने अपने ट्विटर बायो से कांग्रेस को हटा दिया था, जो उनकी भविष्य की कार्रवाई के संकेत देने के लिए काफी था. यहां चर्चा कर दें कि जाखड़ को “पार्टी विरोधी” बयानों के लिए कारण बताओ नोटिस दिया गया था. हालांकि इसका जवाब उनके द्वारा नहीं दिया गया.

कांग्रेस का तीन दिवसीय चिंतन शिविर

कांग्रेस का तीन दिवसीय चिंतन शिविर उदयपुर में जारी है. शिविर के पहले दिन शुक्रवार को पार्टी में कई बड़े सुधारों को लेकर चर्चा हुई, जिनमें ‘एक परिवार, एक टिकट’ की व्यवस्था को लागू करने पर मुख्य रूप से मंथन किया गया. इस व्यवस्था के साथ यह प्रावधान भी जुड़ा है कि परिवार के किसी दूसरे सदस्य को टिकट तभी मिलेगा, जब उसने पार्टी के लिए कम-से-कम पांच साल तक काम किया हो.‘नवसंकल्प चिंतन शिविर’ की शुरुआत के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने विशाल सामूहिक प्रयासों के माध्यम से पार्टी में नयी जान फूंकने का आह्वान किया.

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