Akhilesh Yadav : नीतीश कुमार एनडीए से समर्थन वापस लें, जानें अखिलेश यादव ने क्यों की ये मांग

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 11 Oct 2024 12:45 PM

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Akhilesh Yadav : अखिलेश यादव ने वीडियो क्लिप और तस्वीरें साझा कीं, जिसमें पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ यहां विक्रमादित्य मार्ग पर उनके घर के पास बैरिकेड्स लगे हैं. जानें क्या है पूरा मामला

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Akhilesh Yadav : लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को सूचित किया कि शुक्रवार को यूपी की राजधानी में जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) का उनका निर्धारित दौरा सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है. ऐसा क्योंकि वहां निर्माण कार्य चल रहा है. इसके बाद बवाल शुरू हो गया.

मामले को लेकर अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. सपा कार्यकर्ताओं को जेपीएनआईसी जाने से रोकने के बाद उन्होंने कहा कि यदि त्योहार का दिन न होता तो बांस के लगाए गए अवरोधक समाजवादियों को रोक नहीं पाते. राजनीतिक प्रतिक्रिया देते हुए सपा अध्यक्ष ने नीतीश कुमार से एनडीए से समर्थन वापस लेने को कहा. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार ‘समाजवादियों’ को जयप्रकाश नारायण को श्रद्धांजलि देने से रोक रही है.

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर किया हमला

जेपीएनआईसी के बाहर आधी रात को हुए घटनाक्रम के बाद, अखिलेश यादव ने शुक्रवार सुबह उनके घर के पास बैरिकेड्स लगाने को लेकर प्रदेश की बीजेपी सरकार की आलोचना की. उनका कहना था कि ‘समाजवादियों’ को मौके पर जाने से रोकने और समाजवादी विचारक की प्रतिमा पर माल्यार्पण न करने देने के इरादे से ऐसा किया गया. समाजवादी नेता और आपातकाल विरोधी आंदोलन के प्रतीक नारायण, जिन्हें आम तौर पर जेपी कहा जाता है, की 11 अक्टूबर को जयंती है.

एलडीए की ओर से क्या कहा गया पत्र में

एलडीए ने आठ अक्टूबर के अपने पत्राचार का हवाला देते हुए एक पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव, जिन्हें जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त है, कन्वेंशन सेंटर में स्थित प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहते थे. एलडीए ने 10 अक्टूबर को लिखे पत्र में कहा है, यह अवगत कराना है कि इंजीनियरिंग विभाग, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कार्य स्थल की अद्यतन स्थिति के संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराई है, जिसमें जेपी नारायण कन्वेंशन सेंटर परियोजना अभी निर्माणाधीन है, जिसके कारण निर्माण सामग्री अनियोजित तरीके से रखी गई है और बरसात का मौसम होने के कारण अवांछित जीवों के मौजूद होने की संभावना है. यह स्थल उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, जिन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है, की सुरक्षा की दृष्टि से माल्यार्पण/भ्रमण के लिए उपयुक्त नहीं पाया गया है.

बीजेपी का हर काम नकारात्मकता का प्रतीक : अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने शुक्रवार की सुबह सोशल मीडिया पर वीडियो क्लिप और तस्वीरें साझा कीं, जिसमें पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) सहित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ यहां विक्रमादित्य मार्ग पर उनके घर के पास बैरिकेड्स लगे हैं. यह घर सपा मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर है. उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, बीजेपी के लोग हों या इनकी सरकार, इनका हर काम नकारात्मकता का प्रतीक है. पिछली बार की तरह समाजवादी लोग कहीं ‘जय प्रकाश नारायण जी’ की जयंती पर उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण करने न चले जाएं, इसीलिए उन्हें रोकने के लिए हमारे निजी आवास के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गयी है.

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सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि बीजेपी ने श्रद्धांजलि, पीडीए (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक), सौहार्द का मार्ग, शांति का मार्ग, संविधान का मार्ग, आरक्षण का मार्ग, किसानों का मार्ग, महिलाओं का सम्मान, युवाओं का विकास, सच्चा मीडिया, रोजगार, व्यापार, पेंशन… तरक्की, उज्ज्वल भविष्य, आजादी का रास्ता रोका है.
(इनपुट पीटीआई)

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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