अरुणाचल के 3, नागालैंड के 9 जिलों में AFSPA को 6 महीने के लिए बढ़ाया, गृह मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना

शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए बताया था कि अफस्पा की अवधि को एक अक्टूबर से नौ जिलों- दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिर, नोकलाक, फेक, पेरेन और जुन्हेबोटो और नगालैंड के चार जिलों में बढ़ाया.
गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रेदश और नागालैंड के कई जिलों में सशस्त्र बल विशेषाधिेकार कानून (अफस्पा) को 6 महीने के लिए बढा़ दिया है. अधिसूचना में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम को 1 अक्टूबर से अगले साल 30 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है. अरुणाचल प्रदेश में तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिले में अफस्पा का विस्तार किया गया है.
Centre extends AFSPA in 9 districts of Nagaland for 6 months
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— ANI Digital (@ani_digital) October 1, 2022
केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश के नामसाई और महादेवपुर पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों में भी अफस्पा का विस्तार किया है. इस क्षेत्र को गृह मंत्रालय ने अशांत क्षेत्र घोषित किया है. बता दें कि सशस्त्र बल (विशेष अधिकार) अधिनियम, 1958 सुरक्षा बलों को बिना किसी पूर्व वारंट के अभियान चलाने और किसी को भी गिरफ्तार करने का अधिकार देता है.
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए बताया था कि अफस्पा की अवधि को एक अक्टूबर से नौ जिलों- दीमापुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिर, नोकलाक, फेक, पेरेन और जुन्हेबोटो और नगालैंड के चार अन्य जिलों कोहिमा, मोकोकचुंग, लोंगलेंग और वोखा के 16 पुलिस थानों में छह महीने के लिए बढ़ाया जाएगा. नगालैंड में कुल 16 जिले हैं, अरुणाचल प्रदेश में 26 जिले हैं.
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अफस्पा कानून को 45 साल पहले संसद ने लागू किया था. अफस्पा कानून को अशांत क्षेत्रों में लागू किया जाता है. इस कानून के तहत भारतीय सेना और सुरक्षा बलों को कई विशेष अधिकाए दिए गए हैं. अगर अफस्पा लागू क्षेत्र में कोई व्यक्ती कानून तोड़ता नजर आता है, या किसी तरह का उपद्रव करता है तो सेना उसे फौरन गिरफ्तार कर सकती है. इसके अलावा इन क्षेत्रों में सेना किसी भी असंदिग्ध व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर सकती है. गिरफ्तारी के बाद सेना अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होती है.
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By Piyush Pandey
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