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राजीव गांधी की 26वीं पुण्यतिथि : सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने श्रद्धांजलि दी

Updated at : 21 May 2017 10:24 AM (IST)
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राजीव गांधी की 26वीं पुण्यतिथि : सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने श्रद्धांजलि दी

नयी दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आज उनकी पुण्यतिथि पर पूरा देश याद कर रहा है. इस अवसर पर कई नेताओं ने उनके स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. राजीव गांधी की पत्नी व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सबसे पहले उन्‍हें श्रद्धांजलि दीं, उसके बाद भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी श्रद्धांजलि […]

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नयी दिल्ली : पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को आज उनकी पुण्यतिथि पर पूरा देश याद कर रहा है. इस अवसर पर कई नेताओं ने उनके स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. राजीव गांधी की पत्नी व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सबसे पहले उन्‍हें श्रद्धांजलि दीं, उसके बाद भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी श्रद्धांजलि दी.

इसके बाद पुत्र एवं पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पुत्री प्रियंका गांधी और पति राबर्ड वाडरा वीर भूमि में राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी. गौरतलब हो कि भारत के छठे प्रधानमंत्री राजीव गांधी की चुनाव प्रचार के दौरान तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में 21 मई 1991 में हत्या कर दी गयी थी.

* प्रधानमंत्री के रूप में उपलब्धियां

प्रधानमंत्री के रूप में राजीव गांधी अपनी माता इंदिरा गांधी से अधिक व्यावहारिक और उदार थे तथा इसका प्रभाव उनकी पहलों में दृष्टिगोचर होता है. पंजाब में उग्रवाद और स्वर्ण मंदिर में इंदिरा गांधी के ब्लू स्टार ऑपरेशन की पृष्ठभूमि में इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी. हत्या के बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी दंगों ने माहौल को और भी अधिक विषाक्त कर दिया था. राजीव गांधी ने पंजाब समस्या के समाधान को प्राथमिकता देते हुए 24 जुलाई, 1985 को अकाली दल के अध्यक्ष संत हरचंद सिंह लोंगोवाल के साथ एक अहम समझौता किया.

राजीव गांधी ने आर्थिक नीतियों को जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की परंपरागत समाजवादी नीतियों के प्रभाव से मुक्त करते हुए आर्थिक उदारीकरण की शुरुआत की. उन्होंने अमेरिका से भी संबंधों को बेहतर करते हुए आर्थिक और वैज्ञानिक-तकनीकी सहयोग की दिशा में कदम बढ़ाया.

राजीव गांधी के पुण्यतिथि पर वरिष्ठ पत्रकार राशिद किदवई का विशेष आलेख

लालफीताशाही पर लगाम लगाकर और नीतिगत बदलाव के जरिये उन्होंने निजी क्षेत्र को औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों के विस्तार की अनुमति दी. कालांतर में यही दिशा 1990 के दशक में व्यापक आर्थिक उदारवाद और मुक्त व्यापार का आधार बनी.

1986 में उन्होंने उच्च शिक्षा के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की. ग्रामीण भारत में शिक्षा की बेहतरी के लिए जवाहर नवोदय विद्यालयों की श्रृंखला स्थापित करने का काम शुरू हुआ. सूचना तकनीक और टेलीकॉम के व्यापक प्रसार पर उनके जोर ने देश में सूचना क्रांति का सूत्रपात किया तथा संचार-व्यवस्था गांवों तक पहुंचनी शुरू हुई.

संयुक्त बिहार में पैसेंजर ट्रेन से घूमे थे राजीव गांधी

वर्ष 1985 में पंचायती राज अधिनियम के द्वारा राजीव गांधी सरकार ने पंचायतों को महत्वपूर्ण वित्तीय और राजनीतिक अधिकार देकर सत्ता के विकेंद्रीकरण तथा ग्रामीण प्रशासन में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल किया था. यह उनकी सरकार की अन्यतम उपलब्धि थी.

वर्ष 1986 में मिजोरम में लालडेंगा के नेतृत्व में दशकों से चल रहे अलगाववादी हिंसक आंदोलन को मिजोरम समझौते के द्वारा खत्म कर राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली राजीव गांधी की बड़ी सफलता मानी जाती है. पूवरेत्तर में भारतीय राज्य के प्रति भरोसे की बहाली में इस समझौते का उल्लेखनीय योगदान है.

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