लोकसभा-राज्यसभा से पहली बार इतने MP हुए सस्पेंड, 1989 का रिकॉर्ड टूटा

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 18 Dec 2023 7:21 PM

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New Delhi: Suspended Opposition MPs protest during the Winter session of Parliament, in New Delhi, Monday, Dec. 18, 2023. (PTI Photo/Vijay Verma) (PTI12_18_2023_000267B)

राज्यसभा ने सोमवार को सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्षी दलों के 34 सदस्यों को मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए तथा 11 सदस्यों को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक के लिए निलंबित कर दिया. सभापति जगदीप धनखड ने सदन में हंगामे को लेकर विपक्षी दलों के 34 सदस्यों का नाम लिया.

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13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में चूक मामले को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी है. सदन की कार्यवाही लगातार बाधित हो रही है. सदन की कार्यवाही बाधित करने के आरोप में रिकॉर्ड सांसदों को निलंबित किया गया है. लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर अबतक कुल 92 विपक्षी सांसदों को मौजूदा शीतकालीन सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है. संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब इतने सांसदों को निलंबित किया गया. सोमवार 18 दिसंबर को लोकसभा से 33 और राज्यसभा से कुल 45 सांसदों को सस्पेंड किया गया. इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर कुल 14 सांसदों को निलंबित किया गया था.

राज्यसभा से 45 सांसदों को किया गया निलंबित

राज्यसभा ने सोमवार को सदन की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्षी दलों के 34 सदस्यों को मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए तथा 11 सदस्यों को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक के लिए निलंबित कर दिया. सभापति जगदीप धनखड ने सदन में हंगामे को लेकर विपक्षी दलों के 34 सदस्यों का नाम लिया.

1989 में पहले बार 63 सांसदों को किया गया था निलंबित

संसदीय इतिहास में लोकसभा में मौजूदा सत्र को छोड़कर सबसे बड़ा निलंबन 1989 में हुआ था. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या पर ठक्कर कमीशन की रिपोर्ट को संसद में रखे जाने पर सांसदों ने जमकर हंगामा किया था. जिसके बाद अध्यक्ष ने 63 सांसदों को निलंबित कर दिया था. चार अन्य सांसद निलंबित सांसदों के साथ सदन से बाहर चले गए थे.

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राज्यसभा से 18 दिसंबर को इन सांसदों को निलंबित किया गया

कांग्रेस के निलंबित राज्यसभा सांसद- प्रमोद तिवारी, जयराम रमेश, अमी याज्ञिक, नारणभाई जे राठवा, सैयद नासिर हुसैन, फूलो देवी नेताम, शक्तिसिंह गोहिल, केसी वेणुगोपाल, रजनी पाटिल, रंजीत रंजन, इमरान प्रतापगढ़ी, रणदीप सिंह सुरजेवाला.

तृणमूल कांग्रेस के निलंबित राज्यसभा सांसद- इसके अलावा सुखेन्दु शेखर रे, मोहम्मद नदीमुल हक, अबीर रंजन विश्वास, शांतनु सेन, मौसम नूर, प्रकाश चिक बड़ाइक, समीरुल इस्लाम.

द्रमुक के निलंबित राज्यसभा सांसद- एम शनमुगम, एन.आर. एलानगो, कनिमोझी एनवीएन सोमू, आर गिरिराजन (द्रमुक).

राजद – मनोज कुमार झा और फैयाज अहमद

माकपा – वी शिवदासन

जदयू – रामनाथ ठाकुर एवं अनिल प्रसाद हेगड़े

राकांपा – वंदना चव्हाण

सपा – रामगोपाल यादव, जावेद अली खान

झामुमो – महुआ माजी

अन्य सासंद- जोस के मणि एवं अजीत कुमार भुइयां

11 अन्य राज्यसभा सांसदों को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक किया गया निलंबित

11 अन्य सदस्यों को भी निलंबित किया गया है. उन्हें विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक के लिए निलंबित कर दिया. समिति से कहा गया है कि वह इन 11 सदस्यों के आचरण के संबंध में अपनी रिपोर्ट तीन महीने के अंदर पेश करेगी. इन 11 सदस्यों में जेबी माथेर हिशाम, एल हनुमंथैया, नीरज डांगी, राजमणि पटेल, कुमार केतकर, जी.सी. चन्द्रशेखर, बिनय विश्वम, संतोष कुमार पी., एम. मोहम्मद अब्दुल्ला, जॉन ब्रिटास और ए.ए. रहीम शामिल हैं.

लोकसभा से सोमवार 18 दिसंबर को कुल 33 विपक्षी सांसदों को किया गया निलंबित

लोकसभा ने सदन की कार्यवाही बाधित करने और आसन की अवमानना को लेकर सोमवार 18 दिसंबर को विपक्षी दलों के 33 सदस्यों को मौजूदा संसद सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया. तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नौ-नौ, कांग्रेस के सात, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के दो तथा रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, वीरुथलई चिरुथैगल काची (वीसीके) और जनता दल (यूनाइटेड) के एक-एक सदस्य का नाम लिया.

कांग्रेस – अधीर रंजन चौधरी, एंटो एंटोनी, के मुरलीधरन, के सुरेश, अमर सिंह, राजा मोहन उन्नीथन और गौरव गोगोई को शेष सत्र के लिए निलंबित किया गया है.

टीएमसी- कल्याण बनर्जी, अपरुपा पोद्दार, प्रसून्न बनर्जी, सौगत राय, शताब्दी राय, असित कुमार मंडल, प्रतिमा मंडल, काकोली घोष दस्तीदार और सुनील कुमार मंडल शामिल हैं.

द्रमुक- टी आर बालू, ए. राजा, दयानिधि मारन, जी सेल्वम, सीएन अन्नादुरई, डॉ टी सुमति, के वीरासामी, एस एस पल्ली मणिक्कम और रामलिंगम शामिल हैं.

आईयूएमएल – ई टी मोहम्मद बशीर और के नवासिकानी

आरएसपी – एन के प्रेमचंद्रन

जदयू – कौशलेन्द्र कुमार और वीसीके तिरुवक्कससर

कांग्रेस के तीन सांसद विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक के लिए निलंबित – सदन ने कांगेस के तीन अन्य सांसदों के. जयकुमार, विजय वसंत और अब्दुल खालिक को विशेषाधिकार समिति की रिपोर्ट आने तक के लिए निलंबित किया.

इससे पहले लोकसभा और राज्यसभा से 14 सांसदों को किया गया था निलंबित

लोकसभा- कांग्रेस के वीके श्रीकंदन, बेनी बेहनन, मोहम्मद जावेद, मणिकम टैगोर, टी एन प्रतापन, हिबी इडेन, जोतिमणि, रम्या हरिदास और डीन कुरियाकोस, द्रमुक की कनिमोई, प्रतिबन, माकपा के एस वेंकटेशन और पी आर नटराजन तथा भाकपा के के सुब्बारायन का निलंबन हुआ है.

राज्यसभा – डेरेक ओ ब्रायन को राज्यसभा से किया गया था निलंबित.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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