ePaper

जयललिता की भतीजी आयी सामने कहा- शशिकला से बुआ रहतीं थीं नाराज...

Updated at : 11 Dec 2016 9:43 AM (IST)
विज्ञापन
जयललिता की भतीजी आयी सामने कहा- शशिकला से बुआ रहतीं थीं नाराज...

चेन्नई : तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद अब उनकी करीबी सहयोगी रहीं शशिकला के अन्नाद्रमुक की नयी महासचिव बनने की पूरी संभावना दिख रही है. अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेताओं और राज्य सरकार के मंत्रियों ने शनिवार को पोएस गार्डन स्थित आवास पर शशिकला से मुलाकात की और उनसे पार्टी प्रमुख का […]

विज्ञापन

चेन्नई : तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद अब उनकी करीबी सहयोगी रहीं शशिकला के अन्नाद्रमुक की नयी महासचिव बनने की पूरी संभावना दिख रही है. अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेताओं और राज्य सरकार के मंत्रियों ने शनिवार को पोएस गार्डन स्थित आवास पर शशिकला से मुलाकात की और उनसे पार्टी प्रमुख का पद संभालने की अपील की.

इस खबर के कुछ ही घंटों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की भतीजी ने इस कदम को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया. जयललिता के भाई जयकुमार की बेटी दीपा जयकुमार ने शनिवार को कहा कि शशिकला के हाथ में पार्टी कमान दिए जाने से असंतोष और नाराजगी बढ़ने की आशंका है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं जानतीं हूं किे लोग इस फैसले से उत्साहित होने वाले नहीं हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या वह खुद राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं… उन्होंने कहा, ‘अगर मौके हैं, तो राजनीति में आना कोई गलत बात नहीं हैं. लोकतंत्र में सबसे अच्छा यह होता है कि आप फैसला जनता के हाथ में छोड़ दें. पार्टी को भी लोगों की आवाज सुननी चाहिए और सबको साथ लेकर भविष्य से जुड़ा कोई फैसला करना चाहिए.

दीपा ने उन दावों को भी खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि जयललिता ने खुद ही शशिकला या फिर उनके एक रिश्तेदार को अपना राजनैतिक वारिस चुना था. उनका कहना है कि मेरी बुआ ने उल्टा उनको राजनैतिक मैदान से दूर रखा. मैं तो अंदर की थी. मामले को लेकर काफी बहस हो रही थी. शशिकला की ओर से काफी गलतफहमियां थीं.

आगे दीपा ने कहा कि शशिकला ने मेरी बुआ जयललिता के पीठ पीछे उन्हें बिना बताए कई कामों को अंजाम दिया जिससे बुआ हमेशा नाराज रहतीं थीं.

ई मधुसूदनन ने शशिकला से किया अनुरोध

अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता ई मधुसूदनन और लोकसभा के डिप्टी स्पीकर एम थंबीदुरई सहित अन्य शीर्ष नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शशिकला से अनुरोध किया कि वह पार्टी प्रमुख के तौर पर दिवंगत जयललिता की जगह लें. थंबीदुरई ने कहा कि अम्मा के बाद सिर्फ चिन्नम्मा ही हैं. चिन्नम्मा अम्मा के रास्ते पर चलती हैं. पार्टी में ‘चिन्नम्मा’ यानी ‘छोटी मां’ के नाम से शशिकला को पुकारा जाता है. महासचिव पद के लिए थंबीदुरई का नाम भी चर्चा में था. थंबीदुरई ने कहा कि उन्होंने शशिकला को बताया कि पार्टी और लोगों का कल्याण उनके हाथों में है. उन्होंने कहा कि हमने उनसे कहा कि हम आपके साथ हैं. तमिल टीवी चैनल ‘जया प्लस’ से बातचीत में थंबीदुरई ने कहा कि मैंने उनसे अपील की कि वह पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी संभालने के लिए आगे आएं और हमारा मार्गदर्शन करें. यह लोगों की पार्टी है. अम्मा लोगों की नब्ज समझ कर काम करती थीं. चिन्नम्मा अम्मा के रास्ते पर चलती हैं. लिहाजा, किसी खालीपन की गुंजाइश न छोड़ते हुए चिन्नम्मा को पार्टी महासचिव का पद तुरंत संभाल लेना चाहिए. थंबीदुरई ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शशिकला अनुरोध स्वीकार कर लेंगी. थंबीदुरई ने कहा कि इस बाबत पार्टी में कोई दो राय नहीं है. पार्टी के सभी कार्यकर्ता, जिला सचिव, सांसद, विधायक एवं अन्य पदाधिकारी इस मुद्दे पर एकमत हैं.

एक दिन पहले ही हो गयी थी मौत?

जयललिता का निधन सोमवार देर रात हुआ, लेकिन पार्टी के नेताओं ने रविवार को ही जया के अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कर दी थीं. सरकार के सूत्रों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि मंगलवार को जिस ताबूत में जयललिता को दफनाया गया था असल में अन्नाद्रमुक ने रविवार को ही उसका ऑर्डर दे दिया था. यही नहीं, उसके कुछ देर बाद ही राजाजी हॉल को साफ-सुथरा करने के आदेश दिये गये थे.

पोएस गार्डन लौटे शशिकला ने पति

शशिकला भी इस मौके को किसी कीमत पर गंवाना नहीं चाहतीं हैं. ‘अम्मा’ के अंतिम संस्कार के ठीक अगले ही दिन उनके पति समेत परिवार के कई अन्य सदस्य पोएस गार्डन स्थित आवास में वापस पहुंच गये. बताया जा रहा है कि वह अपने पति को पीएस बनाना चाहती थे. शशिकला राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने में लगी रहीं. वह मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम समेत कई दिग्गज मंत्रियों से भी मिलीं.

जया के निधन के बाद सदमे से 280 की मौत

अन्नाद्रमुक ने जयललिता के निधन के बाद सदमे से मरनेवाले 203 लोगों की सूची जारी की है. सूची में राज्य के विभिन्न इलाकों में सदमे से मरे 203 लोगों के नाम हैं. पार्टी ने उनकी मौत पर शौक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारवालों को तीन लाख रुपये देने की घोषणा भी है. हालांकि, पहले पार्टी ने कहा था कि जयललिता के निधन के बाद सदमा लगने से 77 लोगों की मौत हुई है.

‘भारत रत्न’ के लिए अम्मा के नाम की सिफारिश करेगी सरकार

संसद परिसर में प्रतिमा लगाने की सिफारिश : तमिलनाडु कैबिनेट ने फैसला किया कि वह जयललिता के नाम की सिफारिश ‘भारत रत्न’ के लिए करेगी. सीएम पनीरसेल्वम की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने संसद परिसर में अम्मा की आदमकद प्रतिमा लगाने की सिफारिश केंद्र से करने का फैसला किया. राज्य सरकार ने एमजी रामचंद्रन स्मृति स्थल पर अम्मा के लिए स्मृति भवन बनाने का प्रस्ताव किया.

वसीयत के सवाल पर पार्टी ने साधी चुप्पी : जयललिता की मौत के बाद उनकी वसीयत के सवाल पर शनिवार को पार्टी ने अपनी स्थिति साफ की. पार्टी प्रवक्ता पोन्नायन ने कहा कि जयललिता की वसीयत के बारे में सवाल का कोई जवाब नहीं है. जयललिता अपने पीछे 113.72 करोड़ की संपत्ति छोड़ गयी हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola