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दिल्ली में 15 साल पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द, पटाखों पर लगा प्रतिबंध

Updated at : 07 Nov 2016 10:41 PM (IST)
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दिल्ली में 15 साल पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द, पटाखों पर लगा प्रतिबंध

नयी दिल्ली : वायु प्रदूषण को कम करने के संबंध में दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग से निर्देश मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत दिल्ली सरकार ने आज से 15 साल पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और धार्मिक कार्यक्रमों को छोड़कर अन्य कार्यक्रमों में […]

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नयी दिल्ली : वायु प्रदूषण को कम करने के संबंध में दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग से निर्देश मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत दिल्ली सरकार ने आज से 15 साल पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और धार्मिक कार्यक्रमों को छोड़कर अन्य कार्यक्रमों में पटाखों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया है.

जंग ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया, पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन और अन्य एजेंसियों से प्रतिनिधि शामिल थे. उप राज्यपाल कार्यालय में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 नवंबर को होने वाली अगली बैठक में आज हुए फैसलों की समीक्षा की जाएगी.

इसके अलावा 14 नवंबर तक निर्माण एवं अतिक्रमण हटाने की गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा और राष्ट्रीय राजधानी में क्षमता से अधिक लदे ट्रकों और ऐसे गैर निर्धारित वाहनों को आने की इजाजत नहीं होगी.

उप राज्यपाल ने दिल्ली में विशेष तौर पर गैर स्वीकृत इलाकों में प्रदूषण पैदा करने वाले उद्योगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया तथा एमसीडी एवं दिल्ली पुलिस को संयुक्त रुप से इस तरह के किसी उद्योग को बंद करने के लिए अभियान शुरू करने का भी निर्देश दिया.

15 साल पुराने डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द होने के कारण राजधानी की सड़कों से ऐसे करीब दो लाख वाहन नदारद हो जाएंगे. राष्ट्रीय राजधानी में शादियों और अन्य कार्यक्रमों के दौरान चलाए जाने वाले पटाखों पर प्रतिबंध लगाया गया है. बहरहाल, इस प्रतिबंध से धार्मिक कार्यक्रमों को बाहर रखा गया है.

*हवा की गति बढ़ने से दिल्ली में वायु की गुणवत्ता में मामूली सुधार

दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में आज मामूली सुधार हुआ क्योंकि हवा की गति बढ़ने से प्रदूषणकारी तत्व और खतरनाक घनी धुंध छट गई जो शहर में करीब एक सप्ताह से छायी हुई थी. प्रदूषण के खतरनाक स्तर के बावजूद छठ पूजा में शामिल लोगों ने सुबह पटाखे छोड़ने से परहेज नहीं किया.

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दर्ज 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक कल के 497 की बजाय आज 423 था. शहर में दृश्यता भी सुधर गई क्योंकि शहर में आज कई दिनों के बाद धूप निकली.

निगरानी एजेंसी ‘सफर’ के निदेशक गुफरान बेग ने पीटीआई से कहा, ‘‘हवा की गति थोड़ी बढ़ने से वायु की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. यद्यपि वायु की दिशा अभी भी उत्तर…उत्तरपश्चिम बनी हुई है. बुधवार तक हवा की गति और बढ़ने की उम्मीद है और हवा की दिशा भी पूर्वी होगी जिससे हवा की गुणवत्ता और सुधरने की उम्मीद है.’ इस बीच दिल्ली सरकार ने आज केंद्र से दिल्ली और एनसीआर में कृत्रिम वर्षा कराने पर विचार करने का सुझाव दिया जहां प्रदूषण रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है.

केंद्र और एनसीआर राज्यों की बैठक के दौरान दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कहा, ‘‘केंद्र को कृत्रिम वर्षा पर विचार करना चाहिए.’ यद्यपि केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे ने कहा कि उसकी ‘‘व्यवहार्यता’ पर गौर करने की जरुरत है.

वहीं दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने राष्ट्रीय राजधानी में ‘रेड अलर्ट’ घोषित करने और सम विषम योजना तत्काल लागू करने की मांग की जिससे शहर में पिछले कुछ दिनों से छायी धुंध को कम किया जा सके.

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