शिवराज ने अपने करीबियों को दी अहम विभागों की जिम्मेदारी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 03 Jul 2016 9:17 PM
भोपाल : पिछले दिनों अपनी कैबिनेट से वयोवृद्ध नेताओं को हटाकर नये चेहरों को शामिल करने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने करीबी मंत्रियों को गृह, उद्योग, जल संसाधन जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है जबकि अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करने वालों को कम महत्व वाले विभागों का […]
भोपाल : पिछले दिनों अपनी कैबिनेट से वयोवृद्ध नेताओं को हटाकर नये चेहरों को शामिल करने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने करीबी मंत्रियों को गृह, उद्योग, जल संसाधन जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपी है जबकि अपनी ताकत दिखाने की कोशिश करने वालों को कम महत्व वाले विभागों का आवंटन किया है. नयी कैबिनेट के गठन के बाद शिवराज ने विभागों के बंटवारे पर फैसले के लिए दो दिन से ज्यादा का वक्त लिया. बीती रात 10 बजे के बाद विभागों का आवंटन किया गया. बहरहाल, ‘खुशहाली मंत्रालय’ के गठन के अनोखे विचार के बाबत कुछ भी नहीं कहा गया है.
मुख्यमंत्री ने पहले ‘खुशहाली मंत्रालय’ की घोषणा की थी. शिवराज ने राज्य मंत्रियों को स्वतंत्र प्रभार देकर फैसले करने की खुली छूट दी है. इससे पहले राज्य के किसी मुख्यमंत्री ने ऐसा कदम नहीं उठाया था. मुख्यमंत्री शिवराज के करीबी भूपेंद्र सिंह को गृह विभाग सौंपा गया है जबकि इस सरकार के संकटमोचक नरोत्तम मिश्रा को जल संसाधन एवं जनसंपर्क विभागों की जिम्मेदारी दी गई है. शिवराज ने ‘ग्लोबल इनवेस्टर्स मीट’ से ठीक पहले उद्योग विभाग आवंटित कर राजेंद्र शुक्ला के भी कद में इजाफा कर दिया.
इसके अलावा, भूपेंद्र सिंह के पास परिवहन विभाग और नरोत्तम मिश्रा के पास संसदीय कार्य विभाग का प्रभार पहले की तरह बना रहेगा. मुख्यमंत्री ने अपने विश्वासपात्र मंत्री रामपाल सिंह को लोक निर्माण विभाग आवंटित किया है. ग्वालियर के पूर्व राज घराने के बीच शक्ति संतुलन कायम करते हुए शिवराज ने यशोधरा राजे सिंधिया से उद्योग विभाग ले लिया, लेकिन परिवार के एक अन्य सदस्य माया सिंह को शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी.
शहरी प्रशासन एवं विकास विभाग ही राज्य में स्मार्ट सिटी एवं मेट्रो रेल परियोजनाओं को लागू करेगा. इसी तरह, उमा शंकर गुप्ता से उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी वापस लेकर उनके पर कतर दिए गए. यह विभाग जयभान सिंह पवैया को आवंटित किया गया है. जयभान ग्वालियर क्षेत्र के बाहुबली माने जाते हैं. जयभान को लोक सेवा प्रबंधन एवं लोक शिकायत विभागों के प्रभार भी दिए गए.
मुख्यमंत्री ने विजय शाह से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग वापस लेकर उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दे दी. स्कूल शिक्षा विभाग के मंत्री रहे पारस जैन को ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है. कैबिनेट में शामिल किए गए रुस्तम सिंह को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग आवंटित किया गया जबकि अर्चना चिटनिस को महिला एवं बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई. सभी नौ राज्य मंत्रियों को कम से कम एक विभाग का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है. जिन लोगों को राज्य मंत्री बनाया गया है उनमें से पांच नये मंत्री हैं.
इनमें विश्वास सारंग, संजय पाठक, सूर्यप्रकाश मीणा, ललिता यादव और हर्ष सिंह शामिल हैं. भूटान की तर्ज पर एक ‘खुशहाली मंत्रालय’ गठित किए जाने की चर्चा पर एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने और इस बाबत अधिसूचना जारी होने के बाद इस अनोखे मंत्रालय का गठन किया जाएगा.
अब मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार में 20 कैबिनेट मंत्री और नौ राज्य मंत्री हैं. नियमों के मुताबिक, राज्य मंत्रिपरिषद में अधिकतम 33 मंत्री हो सकते हैं. शिवराज ने बाबूलाल गौर (85) और सरताज सिंह (76) जैसे ताकतवर मंत्रियों को कैबिनेट से हटा कर सभी को चौंका दिया था. गौर और सरताज सिंह के ‘वयोवृद्ध’ होने का हवाला देकर उन्हें कैबिनेट से हटाया गया था.
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