श्री श्री रविशंकर के आयोजन को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने दी मंजूरी

नयीदिल्ली :लंबी सुनवाई के बाद श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट आॅफ लिविंग के आयोजन को आज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मंजूरी दे दी. इस मामले में एनबीटी ने आॅर्ट ऑफ लिविंग संस्था पर पांच करोड़ रुपये काजुर्माना लगाया है.इससे पहले आजयमुना के बाढ़ के डूब वाले क्षेत्र में प्रस्तावित विवादास्पद तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम […]
नयीदिल्ली :लंबी सुनवाई के बाद श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट आॅफ लिविंग के आयोजन को आज नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने मंजूरी दे दी. इस मामले में एनबीटी ने आॅर्ट ऑफ लिविंग संस्था पर पांच करोड़ रुपये काजुर्माना लगाया है.इससे पहले आजयमुना के बाढ़ के डूब वाले क्षेत्र में प्रस्तावित विवादास्पद तीन दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के सिलसिले में आज राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इस कार्य के आयोजन से संबद्ध एजेंसियों की लगातार दूसरे दिन भी खिंचाई की. एनजीटी ने पर्यावरणीय मंजूरी के मामले में उसके कहे अनुसार शपथपत्र दायर नहींदायर करने पर पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की खिंचाई की. वहीं, जल संसाधन मंत्रालय ने एनजीटी को सूचित किया कि उसने 11 से 13 मार्च तक आयोजित होने वाले ‘विश्व सांस्कृतिक उत्सव’ के लिए मंजूरी नहीं दी है.एनजीटी ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से पूछा कि क्या वह जांच किए बिना यमुना नदी में एंजाइम डालने की अनुमति दे सकती है. एनजीटी ने केंद्र, दिल्ली सरकार और डीडीए से पूछा कि क्या आर्ट ऑफ लिविंग समारोह की तैयारियों और इसके परिणामस्वरूप पड़ने वाले असर के संबंध में कोई पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन किया गया था.
एनजीटी ने आर्ट ऑफ लिविंग से मंच के निर्माण, नदी के डूब क्षेत्र को समतल करने, मलबा हटाने और पंटून पुल के निर्माण में हुए खर्चों की जानकारी जमा करने को कहा.वहीं, दिल्ली सरकार ने एनजीटी को सूचित किया कि पुलिसकर्मियों ने जांच के बाद आर्ट ऑफ लिविंग से वाहन पार्किंग की मंजूरी और पंटून पुल के लिए संरचनात्मक सुरक्षा स्वीकृति दिखाने को कहा था.
आज राज्यसभा में विपक्ष ने यह मामला उठाया, जिस पर सरकार की ओर से वित्तमंत्री अरुण जेटली ने विपक्ष को टका-सा जवाब दिया कि श्री श्री के आयोजन पर सुनवाई कोर्ट में हो रही है या संसद में? वहीं, श्री श्री रविशंकर ने ट्वीट कर कहा है कि इस मामले में राजनीति नहीं हो और यह आयोजन विभिन्न देशों को जोड़ने के लिए किया जा रहा है.श्री श्री ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि इस मुद्दे का वे राजनीतिकरण नहीं करें.इस सांस्कृतिक आयोजन में केंद्र के प्रतिनिधि के तौर पर शामिल होने के लिएकेंद्रीयसंस्कृति मंत्री महेश शर्मा तैयार हैं.
इससे पहले कल एनजीटी ने सरकारी एजेंसियों से तीखे सवाल पूछे थे. एनजीटी ने जल संसाधन मंत्रालय से पूछा था कि आखिर इस आयोजन के लिए पर्यावरणी मंजूरी आवश्यक क्यों नहीं है?

संस्कृति मंत्री महेश शर्मा होंगे शामिल, जावड़ेकर की चुप्पी
केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन मंत्री डॉ महेश शर्मा ने आज संसद भवन में मीडिया से कहा कि वे इस आयोजन में शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर आयोजन में शामिल होंगे. उन्होंने इस आयोजन से जुड़े विवादों पर कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि यह उनका विषय नहीं है.
वहीं, आज सुबह संसद पहुंचने पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की. पत्रकारों ने उनसे कहा कि इस मुद्दे पर आपकी राय जानने पूरा देश आपको खोज रहा है, लेकिनजावडेकरमुस्कुराते हुए और जाने का रास्ता की मांग करते हुए वे संसद भवन के अंदर प्रवेश कर गये.हालांकि बाद में जावडेकर मीडिया के सामने आये और कहा कि हमने इस संबंध में कल ही एनजीटी में हलफनामा दिया है और चूंकि यह मामला अदालत में है, इसलिए इस पर मैं कुछ कह नहीं सकता.
WATCH: Union Environment Minister Prakash Javadekar evades question on Sri Sri Ravi Shankar's #WorldCultureFestivalhttps://t.co/Xz2bF3fFyM
— ANI (@ANI) March 9, 2016
एनजीटी के तीखे सवाल आैर संशय के बादल
एनजीटी के तीखे सवाल करने के बादफिलहाल तो इस आयोजन पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं. पर्यावरणविद पहले से ही इस आयोजन के विरुद्ध हैं. इस पहले कल, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रविवार को इस कार्यक्रम के समापन समारोह में जाने से इनकार कर दिया है जिसके बाद आज ऐसी अटकलें लगने लगीं कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे या फिर नहीं? आलोचना का सामना कर रहे आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के प्रमुख श्री श्री रविशंकर ने यह कहते हुए पारिस्थितिकी को कोई नुकसान पहुंचने के आरोपों से इनकार किया कि कोई पेड़ नहीं काटा गया और यह कि उनका संगठन इस क्षेत्र में जैवविविधता पार्क बनाएगा. उनकी संस्था का दावा है कि वे लोग यमुना में जैव विविधता बचाने वाला एक लिक्विड भी डाल रहे हैं.
सुरक्षा खतरा व दिल्ली पुलिस का स्टैंड
नये आतंकवादी खतरों के आलोक में सुरक्षा को लेकर चिंता के बीच गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस को इस आयोजन के दौरान शांति बनाए रखने और भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने से रोकने के लिए सभी संभावित कदम उठाने को कहा है. वहीं, दिल्ली पुलिस का मानना है कि आयोजन स्थल पर बनाये गये मंच सुरक्षा के लिहाज से वीआइपी के लिए मुकम्मल नहीं हैं.

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