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नेशनल हेराल्ड केस : दिल्ली हाइकोर्ट ने सोनिया-राहुल की याचिका खारिज की, कांग्रेस करेगी अपील

Updated at : 07 Dec 2015 2:44 PM (IST)
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नेशनल हेराल्ड केस : दिल्ली हाइकोर्ट ने सोनिया-राहुल की याचिका खारिज की, कांग्रेस करेगी अपील

नयी दिल्ली : दिल्ली हाइकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अदालत में पेशी से छूट दिये जाने की मांग वाली याचिका को आज खारिज कर दिया.यह फैसला न्यायमूर्ति सुनील गौर की अदालत ने दिया है.मालूम हो कि लगभग डेढ़ साल पहले निचली अदालत ने सोनिया, […]

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नयी दिल्ली : दिल्ली हाइकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अदालत में पेशी से छूट दिये जाने की मांग वाली याचिका को आज खारिज कर दिया.यह फैसला न्यायमूर्ति सुनील गौर की अदालत ने दिया है.मालूम हो कि लगभग डेढ़ साल पहले निचली अदालत ने सोनिया, राहुल सहित व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज,गांधी परिवार की पारिवारिक मित्र सुमन दुबेको नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत में पेश होने का आदेश दिया था.जिसके खिलाफ हाइकोर्ट में अपील की गयी थी और यह मामला लगभग साल भर से वहां विचाराधीन था.उधर, कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने हाइकोर्ट के द्वारा याचिका खारिज किये जाने के बाद कहा कि हम इसके खिलाफ अपील करेंगे.

उसके बाद सोनिया, राहुल ने हाइकोर्ट में इस संबंध में छूट दिये जाने संबंधी अपील की थी. अब कांग्रेस के पास इस मामले में सीमित विकल्प हैं. या आज रात तक वह या कल सुबह वह सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में अपील कर सकती है या फिर उसके नेताओं को कल अदालत में पेश होना होगा. हालांकि इस मामले में सोनिया, राहुल को अदालत तक खींचने वाले भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी नेकहाहैकिकलपटियालाहाउस कोर्ट मेंसोनिया, राहुल व कांग्रेस नेताओं को पेश होनाहोगा.

इस मामले में याचिकाकर्ता स्वामी ने कहा कि इस मामले में सोनिया, राहुल का पक्ष छह सीनियर काउंसिल ने तर्क रखे और मैंने अपनी ओर से अपना पक्ष रखा. उन्होंने यह भी कहा कि वे अगर सुप्रीम कोर्ट जाते हैं, तो मैं इस मामले को देखूंगा. उन्होंने कहा है कि वे कहते हैं कि मैं राजनीतिक भावना से यह काम कर रहा हूं, अगर सचमुच उनके खिलाफ तथ्य नहीं हैं तो वे अदालत में पेश होकर स्वयं को बेगुनाह बतायें.

क्या है नेशनल हेराल्ड केस

द एसोसिएट्स जर्नल लिमिटेड (टीएजेएल)नामक कंपनी नेशनल हेराल्ड नामक अखबार का प्रकाशन करती थी. टीएजेएल की 90 करोड़ की देनदारियों को 26 फरवरी, 2011 को कांग्रेस ने अपने जिम्मे ले लिया. यानी उसने एक तरह से इसे 90 करोड़ रुपये कर्ज दिये. इसके बाद पांच लाख रुपये की लागत से यंग इंडियन कंपनी बनायी गयी, जिसमें सोनिया गांधी व राहुल गांधी के 38 38 प्रतिशत हिस्सेदारी है. शेष 24 प्रतिशत हिस्सेदारी कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के पास है.

इसके बाद टीएजेएल कंपनी के 10 10 रुपये मूल्य के नौ करोड़ शेयर यंग इंडियन कंपनी को दे दिये गये. इसी शेयर के बदले कांग्रेस को लोन चुकाना था. इस तरह नौ करोड़ शेयर के साथ टीएजेएल के 99 प्रतिशत शेयर यंग इंडियन को मिल गये. बाद में कांग्रेस ने 90 करोड़ लोन भी माफ कर दिया. इस मामले के याचिककर्ता सुब्रमण्यम स्वामी का कहना है कि दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग पर नेशनलहेराल्डबिल्डिंग की कीमत ही 1600 करोड़ रुपये के आसपास है. उनका कहना है कि इस भवन पर कब्जे के लिए यह हेरफेर की गयी है. ध्यान रहे कि 1938 में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने कांग्रेस के पैसे से टीएजेएल कंपनी बनायी बनायी थी, जो नेशनलहेराल्डव नवजीवन अखबार निकालती थी.

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