सोमनाथ अंडरग्राउंड, सीएम केजरीवाल ने कहा- पार्टी शर्मिंदा, सरेंडर करें

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नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) विधायक और दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती अंडरग्राउंड हो गए हैं. उनकी तलाश में पुलिस की आठ टीम जुटी हुई है. कल उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए घर और दफ्तर में छापेमारी […]

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नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) विधायक और दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती अंडरग्राउंड हो गए हैं. उनकी तलाश में पुलिस की आठ टीम जुटी हुई है. कल उनकी अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए घर और दफ्तर में छापेमारी की लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया. इधर, सोमनाथ भारती के मामले में दिल्ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उन्हें सरेंडर कर देना चाहिए. आज इस मामले को लेकर केजरीवाल ने ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि सोमनाथ को सरेंडर कर देना चाहिए. वह फरार क्यों हैं पता नहीं चल पा रहा है? सोमनाथ जेल जाने से क्यों डर रहे हैं? वह पार्टी और परिवार के लिए शर्मिंदगी की वजह बन गए हैं. उन्हें पुलिस की मदद करनी चाहिए.

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने केजरीवाल के इस ट्वीट को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह केजरीवाल का एक खेल है. यह केजरीवाल के लोकप्रियता पाने का एक तरीका मात्र है.

वहीं खबर है, सोमनाथ भारती अब मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे. हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटक गयी है. याचिका खारिज होने के तत्काल बाद, भारती की ओर से पेश हुए अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा कि विधायक को गिरफ्तार किया जा सकता है लेकिन ‘‘अन्य कानूनी विकल्प हैं और कई दरवाजे अब भी खुले हैं.’

क्या कहा पत्नी ने

सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा ने कहा, मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मामले पर ध्‍यान दिया जिससे मैं काफी खुश हूं. उन्होंने कहा कि सोमनाथ को सामने आना चाहिए और जांच में सहयोग करना चाहिए. वहीं, भाजपा नेता सतीश उपाध्‍याय ने कहा कि सोमनाथ भारती पूर्व कानून मंत्री है. उन्हें कानून का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि सह काफी दिलचस्प है कि आम आदमी पार्टी ने उन्हें अबतक सस्पेंड नहीं किया है.

अदालत ने की भारती की खिंचाई

उच्च न्यायालय ने 17 सितंबर को अपना आदेश सुनाने तक गिरफ्तारी से भारती को राहत देते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. साथ ही अदालत ने देर रात को पुलिस थाने जाने के लिए भारती की खिंचाई करते हुए कहा था ‘‘अगर उन्हें पुलिस थाने जाना इतना ही अच्छा लगता है तो मैं उन्हें यहां से भेज दूंगा. एक बार आपको (भारती को) राहत मिल जाए तो आप शेर की तरह यहां वहां जाने लगते हैं.’ निचली अदालत से अग्रिम जमानत न मिलने और एक अन्य अदालत द्वारा अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद भारती ने उच्च न्यायालय में गुहार लगाई और गिरफ्तारी से राहत मांगी थी. भारती का अग्रिम जमानत का आग्रह निचली अदालत ने यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि विधायक के खिलाफ उनकी पत्नी लिपिका मित्रा ने यह दूसरी शिकायत दर्ज कराई है और उसका आरोप है कि पुलिस की महिलाओं विरोधी अपराध शाखा के समक्ष आश्वासन देने के बाद भी उन्होंने (भारती ने) अपने आचरण में सुधार नहीं किया. जिला अदालत ने भी भारती का यह तर्क खारिज कर दिया कि हत्या का आरोप नहीं बनता. जिला अदालत ने प्राथमिकी में दर्ज एक आरोप का संदर्भ दिया कि भारती ने अपनी पत्नी का गला घोंटने की कोशिश की और यह जानते हुए भी उस पर कुत्ता छोड दिया कि वह सात माह की गर्भवती थी.

घरेलू हिंसा का मामला

लिपिका ने 10 जून को दिल्ली महिला आयोग के समक्ष घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया था कि वर्ष 2010 में हुए विवाह के बाद से ही उसके पति उसे प्रताडित करते रहे. इस संबंध में उसने पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई. दिल्ली पुलिस ने तब भारती के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 498ए (पत्नी के साथ क्रूरता), 324 (खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाना), 406 (विश्वास का आपराधिक उल्लंघन), 313 को 511 के साथ पढा जाए (महिला की सहमति के बिना उसका गर्भपात कराने का प्रयास करना), 420 (धोखाधडी) और 506 (आपराधिक प्रताडना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की.

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