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सुर्खियों के सरताज बने ललित मोदी पर कसा इडी का शिकंजा, पढिए उनके अबतक के सफर की पूरी कहानी

Updated at : 30 Jun 2015 11:44 AM (IST)
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सुर्खियों के सरताज बने ललित मोदी पर कसा इडी का शिकंजा, पढिए उनके अबतक के सफर की पूरी कहानी

डिजीटल रिसर्च डेस्क सात समुंदर पार इंग्लैंड में बैठे ललित मोदी ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है. ज्यादातर दल के किसी न किसी शख्स से उनकी पहचान व निजी संबंध हैं. उनके संबंधों का जाल राजनीति व क्रिकेट जगत से दूर ग्लैमर वर्ल्ड व बिजनेस वर्ल्ड तक है. उन्होंने क्रिकेट, व्यापार, राजनीति के […]

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डिजीटल रिसर्च डेस्क
सात समुंदर पार इंग्लैंड में बैठे ललित मोदी ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है. ज्यादातर दल के किसी न किसी शख्स से उनकी पहचान व निजी संबंध हैं. उनके संबंधों का जाल राजनीति व क्रिकेट जगत से दूर ग्लैमर वर्ल्ड व बिजनेस वर्ल्ड तक है. उन्होंने क्रिकेट, व्यापार, राजनीति के ताने-बाने को अपनी रहस्यमयी व पेचीदा व्यक्तित्व में उलझा रखा है. शरद पवार से लेकर शाहरुख खान तक, सुषमा स्वराज, प्रियंका गांधी से लेकर नवजात आम आदमी पार्टी के नेता राहुल मेहरा तक उनसे रिश्तों व मुलाकातों को लेकर पूर्व सावधानी बरत रहे हैं. उनके ट्वीट रूपी तीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को छोड अबतक कोई बच नहीं सका. उन्होंने अपने ट्वीट संदेश में सिर्फ पीएम मोदी के तारीफ करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुशल व्यक्ति हैं, उन्हें मेरी सलाह की जरूरत नहीं है, वे जब भी बैटिंग करेंगे गेंद को मैदान से बाहर ही करेंगे.
हालांकि , अबतक उनके ट्वीट ने सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे, प्रियंका गांधी, रॉबर्ट वाड्रा, राहुल मेहरा तक के लिए मुश्किलें ही खडी की है. क्रिकेट की राजनीति से जुडे कई राजनेता भी इस बात को लेकर सावधान हैं कि ललित मोदी अपने अगले ट्वीट में न जाने कौन-सा विवाद खडा कर दें. अब ललित मोदी के खिलाफ इडी जांच को तेजकर दिया गया है. इससे उनकी मुश्किलें बढेंगी.
गुमनाम बिजनेस मैन नहीं, सुर्खियों का सरताज बनने की थी चाह
ललित मोदी को गुमनाम बिजनेसमैन बन कर रहना मंजूर नहीं था. यह बात सही है कि ललित मोदी एक औद्योगिक घराने से रिश्ते रखते हैं, जिसके हजारों करोड रुपये का कारोबार है. लेकिन, राष्ट्रीय स्तर पर चोटी के 20-25 औद्योगिक घरानों में उनके घराने की जगह नहीं थी. जाहिर, है ऐसे में मुख्यधारा के मीडिया में उन्हें ऐसी अहमियत भी नहीं मिलती, जिसकी उन्हें लालसा थी. ऐसे में उन्होंने उद्योग, क्रिकेट, ग्लैमर व पॉलिटिक्स का एक दिलचस्प कॉकटेल तैयार किया, जिस पर राजनीति से लेकर उद्योग जगत तक और ग्लैमर से लेकर खेल जगत तक का ज्यादातर शख्स लट्टू होता रहा है.
ललित मोदी के परिवार पर क्या कहती हैं मीडिया रिपोर्टें
ललित मोदी के दादा गुज्जर मल मोदी ने 1939 में दिल्ली से 50 किलोमीटर दूर उत्तरप्रदेश में मोदीनगर नाम से एक छोटा औद्योगिक शहर बसाया. इस शहर में इस परिवार की विरासत है और इसके विकास व वहां के लोगों के उत्थान में इस परिवार की अहम भूमिका है. बाद में परिवार बडा फैलने पर इस परिवार के लोग अपने कारोबारी जरूरतों में मद्देनजर यहां से दूसरी जगह तो चले गये, लेकिन उनका जुडाव इस शहर से बना रहा और आना-जाना लगा रहा. ललित मोदी के विवादों को लेकर उनका परिवार सहज नहीं है. रिश्ते में उनके चाचा व स्थानीय उद्योगपति डीके मोदी ने एक अंगरेजी अखबार को बयान दिया कि मैं यह नहीं कहूंगा कि ललित मोदी दोषी है या निर्दोष है. हमलोग एक ही परिवार से आते हैं, लेकिन उसका मुझसे कोई संपर्क नहीं है. यह एक राजनीतिक मुद्दा है और मैं इससे दूर रहूं, यही सबसे अच्छा होगा.
ललित मोदी के पिता केके मोदी अपने ही नाम से ग्रुप का संचालन करते हैं, जो बडी संख्या में गरीब बच्चों व होनहार छात्रों को छात्रवृत्ति देता है. इसके लिए उनका बडा सम्मान है. पर, स्थानीय लोग ताजा विवाद से आहत हैं. स्थानीय नागरिक अपने बूते एनएच 58 पर स्थित इस शहर के गौरव को पुन: वापस लाने की कवायद में लगे हैं. कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि वे घरेलू समारोहों में भी अपने निकट संबंधियों व अतिथियों से एक दूरी बनाये रखते थे और उनका रवैया थोडा रुखा व अहंकार मिश्रित होता था.
मोदी परिवार का कारोबारी साम्राज्य और ललित मोदी का निजी जीवन
ललित मोदी के परिवार का विस्तृत कारोबारी साम्राज्य है और कम से कम दर्जन भर प्रतिष्ठित ब्रांड का स्वामित्व इस परिवार के पास है. तंबाकू उत्पादों के कारोबार में यह घराना देश में दूसरे स्थान पर आता है.
ललित मोदी का पूरा प्रकरण पखवाडे भर से देश की मीडिया की सुर्खियों बना हुआ है, उसकी शुरुआत उनकी पत्नी मिनाल के कैंसर के इलाज से हुई, जिसके लिए कथित रूप से यात्रा दस्तावेज के लिए इंग्लैंड सरकार से सुषमा स्वराज द्वारा मानवीय आधार पर अपील करने के आरोप लगे.
मिनाल मोदी का पूर्व में विवाह नाइजीरिया में रहने वाले भारतीय कारोबारी जैक सागरानी से हुआ था. पर, भ्रष्टाचार के एक मामले में सागरानी के फंसने और साउदी अरब में कुछ महीने की जेल की सजा होने पर दोनों के रिश्तों में दरार आ गयी. मिनाल ने इस दौरान अकेले अपनी गृहस्थी संभाली और फिर खाडी में कुछ समय गुजराने के बाद भारत आ गयीं. भारत पहुंचने के बाद दिल्ली में उन्हें तुंरत ललित मोदी की मां व उनकी दोस्त वीणा मोदी ने महरानी बाग स्थित अपना घर रहने को दिया. इसी दौरान अमेरिका के लौटे ललित मोदी मिनाल के निकट आये और बाद में यह रिश्ता शादी में बदल गया. ललित मोदी की मां वीणा मोदी ने इस विवाद का विरोध किया था और मिनाल पर अपने बेटे को फुसलाने का आरोप लगाया था. ललित मोदी से मिनाल उम्र में कम से कम दस साल बडी थीं. बाद में दिल्ली के संभ्रांत तबके में कुछ समय गुजारने का बाद यह दंपती मुंबई चला गया.
वसुंधरा से मित्रता कैरियर का निर्णायक मोड
इन सब के बीच ललित मोदी के कैरियर का निर्णायक मोड वसंुधरा राजे का राजस्थान का मुख्यमंत्री बनना रहा. वसुंधरा राजे से ललित मोदी की पहले से मित्रता थी. ललित राजे को उनकी स्कूल फ्रेंड वीणा किलचंद के माध्यम से जानते थे. इस संबंध के कारण ललित मोदी को अपना कारोबार बढाने में मदद मिली. बाद में वे जयपुर में शिफ्ट हो गये. इस दौरान वसुंधरा राजे का और अधिक विश्वास ललित मोदी ने हासिल किया.
यहां उन्होंने क्रिकेट के साथ हेरिटेज प्रोपर्टी में अपना कारोबार स्थापित किया, जिसे अब कांग्रेस नये सिरे से मुद्दा बना रही है. इस दौरान कांग्रेस की ओर से छिटपुट भ्रष्टाचार के आरोप उन पर लगते रहे. हाल के दिनों में प्रकाशित कई मीडिया रिपोर्ट कहती हैं कि ललित मोदी वसंुधरा राजे के पहले कार्यकाल में सत्ता की एक वैकल्पिक धुरी बन गये. कांग्रेस ने सत्ता में रहने के दौरान जांच की कवायद की, जिसका बहुत ज्यादा फलितार्थ नहीं आया.
बहरहाल, इन सब के बीच ललित मोदी 2004 में बीसीसीआइ में शामिल हो गये. उपाध्यक्ष के रूप में उन्हें राजस्व का काम सौंपा गया. उन्होंने अपनी शानदार विपणन रणनीति से बीसीसीआइ के राजस्व में सात गुणा वृद्धि करने में योगदान दिया. इस कारण उनका कद बढ गया. ललित मोदी का ही करिश्मा था कि 2008 में बीसीसीआइ ने रिकॉर्ड एक बिलियन डॉलर राजस्व कमाया. ललित मोदी ने 2008 में ही इंडियन प्रिमियम लीग यानी आइपीएल नाम से 20-20 ओवरों के क्रिकेट मैच का एक नया प्रयोग किया. उसके बाद तो वे रातों रात देश दुनिया में मशहूर हो गये और उस समय देश ही नहीं विदेश के भी चर्चित मुख्यधारा व बिजनेस मैगजीन ने उन्हें अपने-अपने हिसाब से देश दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोगों में शुमार किया. दंपती को तीन संतान हैं, करिमा, रुचिर व आलिया.
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