ePaper

छगन भुजबल के खिलाफ दर्ज मामलों में ईडी ने मुंबई और आसपास के इलाकों में की छापेमारी

Updated at : 22 Jun 2015 2:37 PM (IST)
विज्ञापन
छगन भुजबल के खिलाफ दर्ज मामलों में ईडी ने मुंबई और आसपास के इलाकों में की छापेमारी

मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व लोक निर्माण विभाग मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ दर्ज दो मामलों के संदर्भ में मुंबई और आसपास के कई स्थानों पर आज छापेमारी की. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी ने कहा,’ हम मामले से संबंधित लोगों से जुडे स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं.’ अधिकारी ने […]

विज्ञापन

मुंबई : प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र के पूर्व लोक निर्माण विभाग मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ दर्ज दो मामलों के संदर्भ में मुंबई और आसपास के कई स्थानों पर आज छापेमारी की. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अधिकारी ने कहा,’ हम मामले से संबंधित लोगों से जुडे स्थानों पर छापेमारी कर रहे हैं.’

अधिकारी ने उन व्यक्तियों का नाम बताने से इनकार कर दिया जिनके परिसरों की तलाश की जा रही है. अधिकारी ने कहा,’ छापेमारी दिन भर जारी रहेगी.’ ईडी ने कुल 900 करोड रुपए की वित्तीय अनियमितता के संदेह में पिछले सप्ताह राकांपा के नेता के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून के तहत दो ईसीआईआर दर्ज की थीं. निदेशालय ने सिंगापुर आधारित उस कंपनी के चार व्यक्तियों को भी समन जारी किया था जिसमें भुजबल की कंपनी आर्मस्ट्रांग एनर्जी ने निवेश किया है.

ईटी द्वारा दर्ज किया गया पहला मामला महाराष्ट्र सदन घोटाले और कलीना भूमि आवंटन मामले से संबंधित है जबकि दूसरा मामला नवी मुंबई में एक आवासीय परियोजना संबंधी है. इस परियोजना के डेवलपर ने 2010 में फ्लैट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत बुकिंग राशि के तौर पर कथित रुप से एकत्र किया था लेकिन फ्लैटों के निर्माण का कोई काम शुरु नहीं किया गया.

नवी मुम्बई पुलिस ने 13 जून को इस मामले में भुजबल के खिलाफ मामला दर्ज किया था जो 44 करोड रुपये की राशि से जुडा है. इससे 2,300 लोग संबंधित हैं जिन्होंने नवी मुम्बई के खारघर में भुजबल के परिवार के स्वामित्व वाली रियल ईस्टेट कंपनी द्वारा प्रवर्तित ‘हेक्स वर्ल्ड’ परियोजना में मकान बुक कराया था.

पिछले चार वर्षों से आवास परियोजना शुरु होने का इंतजार कर रहे 25-30 लोगों के समूह ने निर्माण में देरी के मुद्दे पर अदालत से सम्पर्क किया था. इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने मुंबई में सात, ठाणे में दो, नासिक में पांच और पुणे में दो संपत्तियों पर छापे मारे थे, ताकि छगन भुजबल, उनके विधायक पुत्र पंकज भुजबल और भतीजे सैम के स्वामित्व वाली संपत्तियों का पता लगाया जा सके.

इसके बाद 18 जून को बंबई उच्च न्यायालय ने एसीबी को महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री छगन भुजबल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पूरी करने का आदेश दिया था और दो माह में अंतिम रिपोर्ट जमा करने को कहा था. अदालत ने एसीबी को 22 जुलाई तक अंतरिम रिपोर्ट और 19 अगस्त तक अंतिम रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

उच्च न्यायालय ने 18 दिसंबर, 2014 को भुजबल और उनके रिश्तेदारों द्वारा संचालित निजी कंपनियों द्वारा धनशोधन संबंधी अनियमितताओं के 11 विभिन्न आरोपों में जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का निर्देश दिया था जिसमें एसीबी और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी शामिल हों.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola