भूकंप से फिर कांपा नेपाल, अब बारिश से जीना मुहाल

काठमांडू/नयी दिल्ली : नेपाल में पांच दिन पहले आये भूकंप के बाद बीती रात फिर से ताजा भूकंप के झटके महसूस किये गये. बताया जा रहा है कि भूकंप देर रात 10 बजकर 46 मिनट में महसूस किया गया. भूकंप की तीव्रता 4 मापी गयी है. भूकंप का केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे बताया […]
काठमांडू/नयी दिल्ली : नेपाल में पांच दिन पहले आये भूकंप के बाद बीती रात फिर से ताजा भूकंप के झटके महसूस किये गये. बताया जा रहा है कि भूकंप देर रात 10 बजकर 46 मिनट में महसूस किया गया. भूकंप की तीव्रता 4 मापी गयी है. भूकंप का केंद्र जमीन से 5 किलोमीटर नीचे बताया जा रहा है. वहीं यहां देर रात से बारिश हो रही है जिससे लोगों का जीवन बेहाल हो गया है.
Kathmandu witnesses continuous rainfall since late last night. #NepalEarthquake pic.twitter.com/85RQ4rXpAH
— ANI (@ANI) April 30, 2015
नेपाल में भूकंप के पांचवें दिन मृतकों की संख्या 6,000 और घायलों की 11,000 के पार हो गयी. मलबे में दबे लाशों की बदबू से काठमांडू में महामारी का खतरा पैदा हो गया है. डेढ़ लाख लोग काठमांडू से पलायन कर चुके हैं. चार लाख लोग यहां से जाने की तैयारी में हैं. मौसम विभाग ने 10 दिन बारिश का अनुमान जता कर महामारी की आशंका को और बढ़ा दिया है.
खाने, पीने के सामान और पेयजल के लिए मशक्कत कर रहे लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं. नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला को राहत शिविरों में लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. नाराज लोगों ने पुलिस से संघर्ष किया और पानी की बोतलें तथा अन्य जरूरी सामान की छीनाझपटी हुई. बचावकर्मियों को अब भी इस सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों तक पहुंचने में संघर्ष करना पड़ रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय मदद के बीच भारी बारिश और भू-स्खलन से राहत कार्य प्रभावित हुए हैं. सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि हेलीकॉप्टर सुदूर गांवों में तंबू, सूखा भोजन और दवाएं गिरा रहे हैं, लेकिन यह सामान कई अलग-थलग पड़े स्थानों तक नहीं पहुंच पा रहा है. नेपाल में तीन दिन के शोक की घोषणा की गयी है.
इधर, नेपाल के लिए संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय समन्वयक जैमी मैकगोल्ड्रिक ने कहा कि नेपाल ने विदेशी तलाशी और राहत दलों से कहा है कि वे देश में नहीं आयें, क्योंकि यहां पहले से काफी संख्या में बचावकर्मी और विशेषज्ञ काम कर रहे हैं. काठमांडू के छोटे एकल रन-वेवाले एयरपोर्ट को सहायता, विदेशी विशेषज्ञ को लानेवाली उड़ानों की भारी भीड़ से निपटना पड़ रहा है. फ्रांस का सैन्य विमान बुधवार को अबु धाबी में फंस गया, क्योंकि उसे काठमांडू में उतरने की अनुमति नहीं मिली.
41.5 करोड़ डॉलर की जरूरत
तीन महीने तक लोगों की आश्रय, पानी, आपात स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने 41.5 करोड़ डॉलर का सहयोग करने की अपील की है.
केरल सरकार ने बनाया ‘नेपाल राहत कोष’
तिरुवनंतपुरम : केरल ने ‘नेपाल राहत कोष’ बनाया है. राज्य सरकार ने बुधवार को इस कोष में दो करोड़ रुपये का योगदान करने का निर्णय लिया. यहां आयोजित एक बैठक के बाद मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने बताया कि कोष में प्रत्येक मंत्री 10,000 रुपये का योगदान करेंगे और सरकार राज्य के लोगों से कोष में दिल खोल कर दान करने की अपील करती है.
एक माह का वेतन देंगे द्रमुक सांसद, विधायक
चेन्नई : नेपाल की मदद के लिए द्रमुक ने अपने विधायकों, सांसदों से एक माह का वेतन प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करने को कहा. द्रमुक के तमिलनाडु में 23 विधायक और राज्यसभा में चार सांसद हैं.
एनडीआरएफ के 500 से ज्यादा जवान चला रहे बचाव अभियान
भारत ने कहा कि भूकंप की चपेट में आये नेपाल में चलाये जा रहे अपने राहत और बचाव अभियान में वह राजधानी काठमांडू और सबसे ज्यादा प्रभावित हुए गोरखा जिले पर पूरा ध्यान दे रहा है. नेपाल में एनडीआरएफ के 500 से ज्यादा जवान बचाव अभियान संचालित कर रहे हैं.
7,000 को जीरो वैल्यू टिकट
पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एके मित्तल ने सात हजार से अधिक पीड़ितों को मुफ्त यात्रा के लिए जीरो वैल्यू टिकट जारी किया. पीड़ितों की मदद के लिए स्टेशनों पर वरिष्ठ अधिकारियों की टीम लगातार मौजूद है. विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है वहीं कुछ नियमित ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे जोडे जा रहे हैं. भूकंप पीडितों की नि:शुल्क यात्र की अनुमति के लिए जीरो वैल्यू टिकट दी जा रही है ताकि वे अपनी यात्र सुगमतापूर्वक पूरी कर सकें. कल सुबह तक करीब 7,000 भूकंप पीडितों को जीरो वैल्यू टिकट जारी किया गया है. मित्तल ने बताया कि रेल मंत्री ने अपने बजट भाषा में आल इंडिया रेल यात्री सुरक्षा हेल्पलाईन की घोषणा की थी. इस संबंध में 182 हेल्प लाईन का लोकार्पण कल किया गया . टावर लोकेशन के अनुसार यात्रियों द्वारा की जाने वाली कॉल स्वयं ही संबंधित मंडल के नियंत्रण कक्ष मे पहुंचेगी जहां से यात्रियों को सहायता उपलब्ध करायी जा सकेगी.
इस अवसर पर बिहार राजकीय रेल पुलिस के अपर महानिदेशक के. एस. द्विवेदी द्वारा आन बोर्ड प्राथमिकी दर्ज करने की योजना की परिकल्पना को कार्य रुप दिया गया। इस योजना के तहत यात्री अपनी बिना किसी परेशानी के यात्र के दौरान ही अपनी शिकायत जीआरपी या आरपीएफ के स्कार्ट पार्टी को देंगे. ए. के. मित्तल ने बताया कि पूर्व मध्य रेलवे के तहत रात में चलने वाली ट्रेनों में लगभग 130 गाडियों का दोनों दिशाओं में मार्गरक्षण रेल सुरक्षा बल :आरपीएफ: एवं राजकीय रेल पुलिस :जीआरपी: द्वारा किया जाता है. उन्होंने बताया कि मार्गरक्षण दल द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने के लिए प्राथमिकी बुकलेट सभी स्कार्ट पार्टी को उपलब्ध करवाई जा रही है. इन्हें तीन प्रतियों में तैयार किया जाएगा तथा इनपर मार्गरक्षण पार्टी एवं यात्री को हस्तज्ञखर करने होंगे.
मित्तल ने बताया कि यात्री को उनकी एक प्रति पावती के रुप में दी जायेगी। एक प्रति संबंधित क्षेत्रधिकार के जीआरपी थाने को पहुंचवाई जायेगी जहां प्राथमिकी पंजीकृत की जायेगी और एक प्रति जारी करने वाले जीआरपी या आरपीएफ कार्यालय में उपलब्ध रहेगी. प्राथमिकी पंजीकृत होने के पश्चात संबंधित जीआरपी थाने द्वारा यात्री को सूचना प्रेषित की जायेगी. इस अवसर पर पूर्व मध्य रेल के महानिरीक्षक सह मुख्य सुरक्षा आयुक्त अतुल पाठक, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ए. के. रजक सहित अन्य वरिष्ठ रेल अधिकारी भी उपस्थित थे.
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