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कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर श्रीनगर में विरोध-प्रदर्शन, अलगाववादी नेता यासीन मलिक अरेस्ट

Updated at : 10 Apr 2015 3:30 PM (IST)
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कश्मीरी पंडितों के मुद्दे पर श्रीनगर में विरोध-प्रदर्शन, अलगाववादी नेता यासीन मलिक अरेस्ट

श्रीनगरः कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशीप बनाने को लेकर श्रीनगर के लाल चौक में अलगाववादी नेताओं की अगुवाई में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ. शुक्रवार को अलगाववादी नेता यासीन मलिक के समर्थकों ने जवानों पर पत्थरबाजी की. इस हिंसक प्रदर्शन के लिए अलगाववादी नेता यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया. कश्मीरी पंडितों के […]

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श्रीनगरः कश्मीरी पंडितों के लिए अलग टाउनशीप बनाने को लेकर श्रीनगर के लाल चौक में अलगाववादी नेताओं की अगुवाई में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ. शुक्रवार को अलगाववादी नेता यासीन मलिक के समर्थकों ने जवानों पर पत्थरबाजी की. इस हिंसक प्रदर्शन के लिए अलगाववादी नेता यासीन मलिक को हिरासत में ले लिया गया.

कश्मीरी पंडितों के लिए अलग बस्ती बनाए जाने के खिलाफ शुक्रवार को अलगाववादियों ने कश्मीर बंद का ऐलान किया था.अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने कहा कि कश्मीरी पंडित वापस लौटें और हम सब के साथ रहें. अलग से टाउनशिप में रहना सही नहीं है.

गौरतलब है कि कश्मीरी पंडितों के लिए टाउनशिप बनाने की केंद्र सरकार की योजना पर मतभेद हैं. कश्मीरी पंडितों की तथाकथित घर वापसी को लेकर केंद्र सरकार खास टाउनशिप बनाना चाहती है. मुफ्ती सरकार ने भी पहले अपनी सहमति जताई थी. लेकिन विधानसभा में मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद मुकर गए. मुफ्ती ने कहा कि घाटी में किसी के लिए अलग रहने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होगी. सभी संप्रदाय के लोग समाज में साथ ही रहेंगे. कश्मीरी पंडित मुस्लिमों के साथ रहेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर नया टाउनशिप बनता भी है तो वह सबके लिए होगा. यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां कश्मीर की धर्मनिरपेक्षता बरकरार रहे. जितने भी लोग वापस आएंगे, उन्हें समाज में बसाने के लिए उचित माहौल बनाया जाएगा.

गौरतलब है कि 90 के दशक में कश्मीर में आतंकवाद के कहर के कारण करीब 7 लाख कश्मीरी पंडितों को घर बार छोड़कर कहीं और शरण लेने पर मजबूर होना पड़ा. आज भी विस्थापित कश्मीरी पंडित शरणार्थियों की तरह ही रह रहे हैं.

उधर कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में जमीन देकर फिर से उनकी अलग कॉलोनी बसाने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार में टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने गुरुवार को विधानसभा में कश्मीर घाटी में विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए अलग से कॉलोनी बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया. वहीं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को केंद्र सरकार के इस वायदे को हर कीमत पर पूरा करने की बात कही. उन्होंने कहा कि केंद्र ने अपने फैसले में कोई बदलाव नहीं किया है.

सीआरपीएफ के एक समारोह में सईद के बयान पर प्रतिक्रिया पूछे जाने पर राजनाथ ने कहा, ‘चिंता मत कीजिए, हम कश्मीरी पंडितों और वहां रह रहे लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. हम इन सब बातों को ध्यान में रखकर कार्ययोजना तैयार करेंगे.’ गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कश्मीरी पंडितों को घाटी में दोबारा बसाने के अपने वादे को केंद्र सरकार जरूर पूरा करेगी.

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