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आम बजट 2015-16 : सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी, GDP वृद्धि पर ध्‍यान, निवेश पर जोर

Updated at : 28 Feb 2015 1:25 PM (IST)
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आम बजट 2015-16 : सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी, GDP वृद्धि पर ध्‍यान, निवेश पर जोर

नयी दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पूर्ण बहुमत प्राप्त एनडीए सरकार का पहला आम बजट आज पेश किया.चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के बाद एनडीए सरकार आज अपना पूर्णकालिक बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में अपनी सरकार की कई उपलब्धियों को गिनाया साथ ही यूपीए सरकार पर […]

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नयी दिल्लीः वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पूर्ण बहुमत प्राप्त एनडीए सरकार का पहला आम बजट आज पेश किया.चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के बाद एनडीए सरकार आज अपना पूर्णकालिक बजट पेश किया. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में अपनी सरकार की कई उपलब्धियों को गिनाया साथ ही यूपीए सरकार पर निशाना साधा. जैसाकि नौकरीपेशा लोग उम्मीद लगा रहे थे कि इनकम टैक्स में कुछ छूट दिया जा सकता है वह जस का तस रहा. जहां एक हजार तक के चमडे के जूते को सस्ता किया गया है वहीं सर्विस टैक्स बढा दिये जाने से खाना जैसी आवश्यक चीजों के दाम भी बढ जाएंगे.

जानिए वित्त मंत्री का पूरा बजट भाषण-

– वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 11 बजे 2015-16 का बजट भाषण पढना शुरु किया.

-आर्थिक वातावरण पहले की तुलना में काफी सुधारा है, निवेशकों का विश्वास बढा है.

-चालू वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान, रुपया 6.4 प्रतिशत मजबूत हुआ.

-खुदरा मुद्रास्फीति की दर वर्ष के अंत तक 5 प्रतिशत रहने का अनुमान. वित्त वर्ष 2015.16 में आर्थिक वृद्धि 8 से 8.5 प्रतिशत रहने का अनुमान.

-मौद्रिक नीति समिति गठित करने के लिए हम इस वर्ष आरबीआई एक्ट में संशोधन की पहल करेंगे. चालू वित्त वर्ष में राजोषीय घाटे को 4.1 प्रतिशत रखने का लक्ष्य हासिल किया जायेगा, दो की बजाए तीन साल में तीन साल में 3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य.

-नई व्यवस्था में कुल राजस्व में राज्यों का हिस्सा 62 प्रतिशत और केंद्र का हिस्सा 38 प्रतिशत होगा. 2015-16 में किसानों को 8.5 लाख करोड रुपये कृषि ऋण देने का लक्ष्य. छोटे कारोबारियों की ऋण सुविधा के लिए 20 हजार करोड रुपये के कोष से मुद्रा बैंक बनाया जायेगा.

-सभी भारतीयों के लिए सार्वभौमिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली बनेगी, जनता के लिए ‘अटल’ पेंशन योजना.

-बुजुर्गो के लिए वरिष्ठ नागरिक कल्याण कोष बनाने का प्रस्ताव.

-11.5 करोड एलपीजी उपभोक्ताओं को सब्सिडी का खाते के जरिये नकद भुगतान, सांसदों, मंत्रियों समेत सम्भ्रांत लोग स्वेच्छा से सब्सिडी का त्याग करेंगे.

-अल्पसंख्यक युवाओं के लिए ‘मंजिल’ योजना. अल्पसंख्यक मंत्रालय को 2015.16 के लिए 3738 करोड रुपये का प्रावधान.

-ग्रामीण आधारभूत संरचना कोष के लिए 2015.16 में 25 हजार करोड रुपये का प्रावधान.

-मनरेगा के लिए प्रारंभिक प्रावधान 34,699 करोड रुपये.

-खस्ताहाल कंपनियों के लिए एक नई समग्र संहिता लायी जायेगी. देश में नवोन्मेष की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए ‘अटल नवोन्मेष मिशन पेश किया जायेगा. प्रधानमंत्री सुरक्षा योजना शीघ्र, 12 रुपये के सालाना प्रीमियम पर दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा होगा.

-2015-16 में अनुसूचित जाति के लिए 30,851 करोड रुपये और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए बजट में 79,258 करोड रुपये का प्रावधान. सडक, रेल परियोजनाओं के लिए कर मुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर बांड पेश किया जायेगा. -विभिन्न चरणों में 150 देशों को आगमन पर बीजा की सुविधा देने का प्रस्ताव.

-वायदा बाजार आयोग को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में मिलाने का प्रस्ताव. अगले वित्त वर्ष में 8 से 8.5 फीसद रहेगी वृद्धि दर. अगले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर बढकर 8 से 8.5 प्रतिशत पर पहुंच जाएगी और आगे के वषो’ में यह दो अंक में होगी.

-दीनदयाल उपाध्याय हुनर योजना का प्रस्ताव. जम्मू कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, असम में एम्स खोले जायेंगे.

-बिहार और पश्चिम बंगाल को आंध्रप्रदेश की तर्ज पर विशेष सहायता देने का प्रस्ताव.

-राजकोषीय घाटा 2015-16 के लिए जीडीपी का 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान

-वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2015.16 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.9 प्रतिशत रखा गया है और 2017.18 तक इसे घटाकर 3 प्रतिशत पर लाने का प्रस्ताव.

-कर्मचारियों को ईपीएफ और नई पेंशन योजना में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया जायेगा.

-मुद्रास्फीति में कमी से आरबीआई के लिए मुख्य दरों में कटौती की गुंजाइश. खुदरा मुद्रास्फीति करीब पांच प्रतिशत रहने की उम्मीद है जिससे मौद्रिक नीति में नरमी का रास्ता साफ होगा. –

-2015-16 का रक्षा बजट 2.46 लाख करोड रुपये, स्वास्थ्य के लिए 37152 करोड रुपये, शिक्षा के लिए 68,000 करोड रुपये से ज्यादा का प्रावधान.

-समन्वित बाल विकास योजना के लिए 1500 करोड रुपये, समन्वित बाल संरक्षण योजना के लिए 500 करोड रुपये और प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के लिए 3000 करोड रुपये का प्रावधान.

-कारपोरेट कर की दर चार साल में 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत लायी जायेगी.

-डाकघर भुगतान बैंक का काम करेंगे.

-कालेधन से निलटने के लिए व्यापक कानून बनाया जायेगा. कालाधन छिपाने पर 10 साल तक की कैद, विदेशी सम्पत्तियों को छिपाने वालों को जेल की कठोर सजा सहित कर चोरी के खिलाफ और सख्त होंगे कानून.

-व्यक्तिगत कारदाताओं को कर छूट मिलती रहेगी, एक लाख रुपये से अधिक के सौदों पर पैन का उल्लेख जरुरी, बेनामी कारोबार पर अंकुश के लिए विधेयक चालू संसद सत्र में लाया जायेगा.

-कालाधन पर जुर्माना कर देनदारी का 300 प्रतिशत लगाया जायेगा, कर चोरी करने वाले मामलों सुलझाने के लिए निपटान आयोग में नहीं जा सकेंगे.

-सम्पत्ति कर समाप्त, एक करोड रुपये से अधिक की आय वाले व्यक्तियों पर दो प्रतिशत का अतिरिक्त अधिभार.

-केंद्रीय उत्पाद शुल्क की दर बढाकर 12.5 प्रतिशत, सेवा कर की दर 14 प्रतिशत करने का प्रस्ताव.

-स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर अयकर कटौती की सीमा 15 हजार रुपये से बढाकर 25 हजार रुपये करने का प्रस्ताव, बुजुर्गो के मेडिकल खर्च पर 30 हजार रुपये तक कर कटौती.

-स्वच्छ भारत कोष और गंगा सफाई कोष में दान करने पर शत प्रतिशत कर छूट का प्रस्ताव.

-अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों के लिए मुद्रा बैंक स्थापित करेगी सरकार.सरकार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति (अजा, जजा) के उद्यमियों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुद्रा बैंक स्थापित करेगी.

-पेंशन योजना में सालाना 50 हजार रुपये तक के योगदान पर कर छूट. कर्मचारियों की मासिक परिवहन भत्ता कर छूट को 800 रुपये से बढाकर 1600 रुपये किया गया.

– व्यक्गित करदाताओं को सालाना 4,44,200 रुपये की आय पर विभिन्न प्रावधानों के तहत छूट उपलब्ध होगी .

-पूंजी प्रवाह पर सरकार को स्पष्ट नियंत्रण देने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून में संशाधन किया जायेगा.

-सार्वजनिक ऋण प्रबंधन एजेंसी की स्थापना करके भारतीय बांड बाजार को और व्यापक बनाया जायेगा.

-श्रीकृष्ण समिति की रिपोर्ट मिलने के बाद भारतीय वित्तीय संहिता संसद में पेश की जायेगी.

-प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के बीच अंतर को समाप्त किया जायेगा और स्वत: मंजूरी के रास्ते 100 प्रतिशत एफडीआई प्रभावित नहीं होगी.

-बजट प्रगतिवादी, सकारात्मक, व्यवहारिक और विवेकपूर्ण है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा.

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