दिल्ली विधानसभा चुनाव : किरण बेदी की जनसभा में नहीं जुट रही भीड़, नरेंद्र मोदी-अरुण जेटली खुद संभालेंगे मोर्चा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :28 Jan 2015 11:45 AM (IST)
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नयी दिल्ली :दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी की जनसभाओं में लोगों की भीड़ नहीं जुटने से पार्टी हाइकमान परेशान है. उस पर, आम आदमी पार्टी के किरण बेदी पर चुटीले प्रहार और सर्वे ने भाजपा की नींद उड़ा दी है. ऐसे में भाजपा के लिए अब चुनाव मैदान […]
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नयी दिल्ली :दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी की जनसभाओं में लोगों की भीड़ नहीं जुटने से पार्टी हाइकमान परेशान है. उस पर, आम आदमी पार्टी के किरण बेदी पर चुटीले प्रहार और सर्वे ने भाजपा की नींद उड़ा दी है. ऐसे में भाजपा के लिए अब चुनाव मैदान में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उतरने जा रहे हैं. वे अगले कुछ दिनों में दिल्ली में चार रैलियों करेंगे. जबकि रणनीतिक काम की जिम्मेवारी वित्तमंत्री और पार्टी के संकटमोचक अरुण जेटली खुद संभालेंगे.
भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में अपना तुरुप का पत्ता अरुण जेटली को आगे कर दिया है. सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व ने यह फैसला हालिया सर्वे में आम आदमी पार्टी से भाजपा के पिछड़ने के बाद लिया है. पार्टी हाइकमान ने जेटली से कहा है कि वह चुनाव तक प्रतिदिन पार्टी कार्यालय में बैठें और खुद चुनाव प्रबंधन, प्रचार को मॉनिटर करें और कार्यकर्ताओं से बात करें.
जेटली के अलावा पार्टी ने अपने कुछ अन्य बड़े मंत्रियों को भी दिल्ली चुनाव में अलग-अलग काम की जिम्मेवारी सौंपी है. जैसे जेपी नड्डा जनता के बीच जायेंगे और खुद के पास स्वास्थ्य मंत्रलय का प्रभार होने के कारण आम लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा की जाने वाली पहल और राज्य में सरकार गठन होने पर किये जाने वाले कार्यो के बारे में बतायेंगे. वहीं, मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी लोगों को शिक्षा से संबंधित विषयों के बारे में बतायेंगे. केंद्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री निर्मला सीतारमण जनता के बीच जाकर वित्त मामलों पर सीधा संवाद करेंगी. वहीं, मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जनता से संवाद करेंगी.
उल्लेखनीय है कि हाल में एबीपी न्यूज व निलसन के सर्वे में भी भाजपा को आप पार्टी से पिछड़ता हुआ बताया गया है. 24 व 25 जनवरी को राज्य की 70 विधानसभा सीटों के 2262 लोगों के बीच किये गये सर्वे में 50 प्रतिशत लोगों ने आप पार्टी को वोट देने की बात कही, जबकि 41 प्रतिशत लोगों ने भाजपा को वोट देने की बात कही. वहीं, जनवरी में 45 प्रतिशत लोगों ने भाजपा को और 46 प्रतिशत लोगों ने आप पार्टी को वोट देने की बात कही थी.
किरण बेदी को भाजपा का सीएम उम्मीदवार घोषित किये जाने के बाद पार्टी की लोकप्रियता कम हुई है. आप पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल अब भी दिल्ली के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं. हालांकि राजनीतिक प्रेक्षक इसे दूसरे रूप में भी देखते हैं. उनका मानना है कि ऊपर से नाम थोपे जाने के कारण जमीनी कार्यकर्ताओं का उत्साह कमा है और पार्टी के प्रदेश के नेताओं के एक वर्ग में भी निराशा है. पार्टी हाईकमान प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय से भी नाराज बताया जाता है, इसलिए उन्हें चुनाव लड़ने के बजाय पार्टी संगठन का काम करने को कहा गया. बहरहाल, अब सब की नजर सात फरवरी को होने वाले मतदान और 10 को आने वाले परिणाम पर टिकी है.
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