66वें गणतंत्र दिवस का परेड संपन्न, बराक ओबामा बने गवाह, महिला सैनिकों ने दिखाया शौर्य

Published at :26 Jan 2015 1:21 AM (IST)
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66वें गणतंत्र दिवस का परेड संपन्न, बराक ओबामा बने गवाह, महिला सैनिकों ने दिखाया शौर्य

नयी दिल्ली : देश के 66वें गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली के राजपथ पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हैं. उनके साथ उनकी पत्नी मिशेल ओबामा भी हैं. कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री मनोहर […]

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नयी दिल्ली : देश के 66वें गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली के राजपथ पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया है. इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित हैं. उनके साथ उनकी पत्नी मिशेल ओबामा भी हैं. कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, तीनों सेना के प्रमुख, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कई गण्यमान्य लोग मौजूद हैं.इस गणतंत्र दिवस समारोह की थीम महिला सशक्तीकरण है. गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं के महिला दस्ता शामिल हुआ. नेवी के दस्ते का नेतृत्व स्नेहा शेखावत ने किया.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी का स्वागत स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. जबकि प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने किया.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश के दो वीरों को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया. यह सम्मान उनके परिजनों ने ग्रहण किया. इन वीरों के नाम हैं मुकुंद वर्धराजनऔर नीरज कुमार सिंह. मुकुंद और नीरज कुमार सिंह आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गये थे. अशोक चक्र शांति काल में दिया जाना वाला सर्वोच्च सैन्य सम्मान है.

हल्की बूंदाबांदी के बावजूद गणतंत्र दिवस की झांकी देखने वालों के उत्साह में कोई कमी नहीं आयी है. राष्ट्रप्रेम की भावना को भरने वाले दृश्यों को देखने के लिए राजपथ पर बडी संख्या में लोग जुटे हैं.

66वें गणतंत्र दिवस पर आज राजपथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया. इसमें पहली बार महिला अधिकारियों का परेड देखने को मिलेगा. मुख्य अतिथि और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता की झांकी देखेंगे. राजपथ पर थल एवं नौसेना के साथ देश की वायु शक्ति का शानदार प्रदर्शन होगा.

सुबह 9.30 बजे रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. 9.37 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहीदों को श्रद्धांजलि देने अमर जवान ज्योति पर पहुंचे.राष्ट्रपति का काफिला रायसीना हिल से राजपथ के लिए सुबह के 9.42 बजे निकला. वहीं, प्रधानमंत्री का काफिला भी शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद राजपथ की ओर रवाना हो गया. राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के राजपथ पर पहुंचने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा राजपथ पर पहुंचेंगे, जिसके बाद औपचारिक रूप से गणतंत्र दिवस कार्यक्रम शुरू होगा.प्रधानमंत्री के पहुंचने के बाद उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी भी राजपथ पर पहुंचे. उनका स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया.

इस परेड में 16 राज्यों और 9 मंत्रलयों की झांकी निकाली गयी. झांकी में प्रधानमंत्री के जन धन योजना की झलक भी देखने को मिली. इस बार गणतंत्न दिवस का मुख्य विषय ‘महिला सशक्तीकरण’ है और इस कारण राजपथ पर मुख्य आकर्षण के रूप में तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों का दस्ता शामिल हुआ.
ऐतिहासिक राजपथ पर प्रदिर्शत होने वाली झांकी में देश की ऐतिहासिक, स्थापत्य और सांस्कृतिक धरोहर को रेखांकित किया गया. इस वर्ष अधिकतम झांकियों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘जनधन योजना, ‘मां गंगा’, स्वच्छ भारत मिशन’ आदि की छाप देखने को मिली. इसमें बुलेट ट्रेन और ‘मेक इन इंडिया’ को भी रेखांकित किया गया.
ऐतिहासिक राजपथ पर प्रदर्शित झांकियों में एक अन्य अहम आकषर्ण स्वदेश निर्मित थल सेना का सतह से हवा में मार करने वाला मध्यम दूरी का आकाश मिसाइल और हथियारों का पता लगाने वाला रडार शामिल है. इन दोनों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने तैयार किया है.
पहली बार भारत ने लंबी दूरी का नौवहन निगरानी एवं पनडुब्बी रोधी पी 8आई विमान तथा लम्बी दूरी के मिग 29 के लड़ाकू विमानों का प्रदर्शन किया. पी8 आई विमान को हाल ही में खरीदा गया है. भारतीय सेना के लेजर संचालित टी.90 टैंक भीष्म, बख्तरबंद वाहन बीएमपी2 (सरथ), टी72 टैंक आदि शामिल शामिल हैं. गणतंत्न दिवस के मौके राजपथ पर ‘पिनाक’ लांचर प्रणाली के अलावा सचल ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली का प्रदर्शन किया गया. इसके साथ ही थ्री डायमेंशनल रणनीतिक नियंत्रित रडार, संचार प्लेटफार्म पर उपग्रह, पुन: तैनात किये जाने वाला उपग्रह टर्मिनल (आरएडीसैट) को भी प्रदिर्शत किया गया. भारतीय वायु सेना की झांकी में इस वर्ष का थीम ‘1965 युद्ध के 50 वर्ष रहा.
वायु सेना इस बार भारत-पाक युद्ध के दौरान प्रदिर्शत अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया. इस दौरान केनबरा बम वर्षक, एमआई 4 हेलीकाप्टर और पैकेट परिवहन विमान का प्रदर्शन किया गया. गणतंत्र दिवस पर ऐतिहासिक राजपथ पर परेड के दौरान इस वर्ष नौसेना का थीम ‘उभरते हुए राष्ट्र के लिए सुरिक्षत समुद्र सुनिश्चित करना’ है. नौसेना की झांकी में नौवहन युद्ध के चारों आयामों को समाहित करते हुए कुछ अग्रिम अस्तियों का प्रदर्शन किया गया. नौसेना अत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण की अपनी पहल का प्रदर्शन करते हुए स्वदेश निर्मित विध्वंसक आईएनएस कोलताता से ब्रह्मोस मिसाइल प्रक्षेपित करने की झांकी पेश किया जायेगा जिसकी पृष्ठभूमि में अत्याधुनिक हल्का हेलीकाप्टर ध्रुव है.
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