ePaper

2008 Malegaon Blast: दस्तावेजों को छिपाने के लिए विशेष अदालत ने एनआईए की खिंचाई की

Updated at : 15 Dec 2022 9:17 AM (IST)
विज्ञापन
2008 Malegaon Blast: दस्तावेजों को छिपाने के लिए विशेष अदालत ने एनआईए की खिंचाई की

जांच के दौरान एटीएस द्वारा एक साजिश बैठक की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग बरामद की गई थी, जिसे 2009 में फॉरेंसिक साइंसेज लैब, कलिना में विश्लेषण के लिए भेजा गया था. फोरेंसिक विशेषज्ञ, जिसे हाल ही में अदालत में गवाह के रूप में पेश किया गया था, ने विश्लेषण रिपोर्ट तैयार की थी जब उन्होंने लैब में काम किया.

विज्ञापन

2008 Malegaon Blast: मुंबई में एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए अदालत) के न्यायाधीश ने हाल ही में पिछले 13 वर्षों से अदालत में एक महत्वपूर्ण फोरेंसिक रिपोर्ट जमा नहीं करके दस्तावेजों को “दबाने” के लिए एनआईए की खिंचाई की है. 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में अभियुक्तों से संबंधित आवाज के नमूनों का विश्लेषण हाल ही में सामने आया जब विश्लेषण करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञ की अदालत ने जांच की.

एटीएस द्वारा एक साजिश बैठक की ऑडियो रिकॉर्डिंग की गई बरामद

जांच के दौरान एटीएस द्वारा एक साजिश बैठक की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग बरामद की गई थी, जिसे 2009 में फॉरेंसिक साइंसेज लैब, कलिना में विश्लेषण के लिए भेजा गया था. फोरेंसिक विशेषज्ञ, जिसे हाल ही में अदालत में गवाह के रूप में पेश किया गया था, ने विश्लेषण रिपोर्ट तैयार की थी जब उन्होंने लैब में काम किया. विश्लेषण में कहा गया है कि आवाज के नमूने मामले के आरोपियों रमेश उपाध्याय, सुधाकर द्विवेदी उर्फ दयानंद पांडे और प्रसाद पुरोहित से मेल खाते हैं. हालांकि, यह विश्लेषण एटीएस ने कोर्ट में पेश नहीं किया.

मालेगांव में मोटरसाइकिल में रखे बम में विस्फोट हुआ

29 सितंबर, 2008 को मालेगांव में मोटरसाइकिल में रखे बम में विस्फोट हुआ. छह लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हो गए. इस विस्फोट की जांच सबसे पहले महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधी दस्ते ने की थी. बाद में अप्रैल 2011 में आगे की जांच के लिए मामला एनआईए को सौंप दिया गया. पिछले महीने जब फोरेंसिक विशेषज्ञ को पेश होने के लिए बुलाया गया था, तो उसने दलील दी थी कि दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लिया जाए. अपनी दलील में, गवाह ने दावा किया कि उसने 2009 में रिपोर्ट तैयार की थी और यह भी कहा कि उसने अगले साल नौकरी छोड़ दी थी.

Also Read: बिलासपुर में दिनदहाड़े गोलीबारी, कांग्रेस के पूर्व कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या, जानें पूरा मामला
याचिका का एनआईए ने किया था समर्थन, बचाव पक्ष ने किया इसका विरोध

उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी वर्षों में कागजात कलिना लैब के पास थे और उन्हें केवल अब दस्तावेज प्राप्त हुए थे. याचिका का एनआईए ने समर्थन किया था लेकिन बचाव पक्ष के वकीलों ने इसका विरोध किया था. विशेष अदालत ने दस्तावेजों को स्वीकार करने की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि, “गवाह द्वारा दायर आवेदन यह नहीं बताता है कि 2010 से उन दस्तावेजों का संरक्षक कौन था, जब गवाह ने नौकरी छोड़ दी थी, या किसके हिरासत से ये दस्तावेज लाए गए थे, उन दस्तावेजों को प्राप्त करने का तरीका और तरीका, उन दस्तावेजों को देर से दाखिल क्यों किया गया, उन्हें उन दस्तावेजों को जांच अधिकारी को सौंपने से किसने रोका. आवेदन में इन सभी सवालों का जवाब नहीं दिया गया है और इन बिंदुओं पर कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है.”

विज्ञापन
Aditya kumar

लेखक के बारे में

By Aditya kumar

I adore to the field of mass communication and journalism. From 2021, I have worked exclusively in Digital Media. Along with this, there is also experience of ground work for video section as a Reporter.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola